होल्ड और प्रोविजनल लिस्ट की बात रिपोर्टों की है। अदालत का अंतिम आदेश अलग है। कानूनी सलाह नहीं। 3 अक्टूबर 2026।
एमपीपीएससी का 13 प्रतिशत होल्ड रिजल्ट रद्द नहीं हुआ है। 3 अक्टूबर 2026 तक यह इंतजार है। 87 प्रतिशत पदों पर नियुक्ति आगे बढ़ी। बाकी 13 प्रतिशत पर ओबीसी और अनारक्षित की अलग प्रोविजनल लिस्ट बनाई गई, ताकि फैसले के बाद नियुक्ति हो सके। होल्ड सूची में नाम होना नियुक्ति पत्र नहीं है।
होल्ड 2022 के सर्कुलर से जुड़ा है
फैक्ट-चेक रिपोर्टों के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग का सर्कुलर 29 सितंबर 2022 का है। उसी रास्ते पर 87 प्रतिशत भरा गया और 13 प्रतिशत रोका गया। भर्ती रुकी नहीं। रुकने का मतलब रद्द होना नहीं है। फॉर्मूला 87:13 क्या है वाले पेज पर है।
जनवरी 2025 की सुनवाई अंतिम जीत नहीं है
जनवरी 2025 की जबलपुर सुनवाई पर अखबार एक राय के नहीं हैं। एक रिपोर्ट कहती है कि खंडपीठ ने 87:13 को अंतरिम रास्ता मानकर चलने दिया, और 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर रोक कायम रखी। दूसरे शीर्षक में फॉर्मूला खारिज लिखा गया। दो शीर्षक एक आदेश नहीं बनते। प्रोविजनल लिस्ट इसलिए है कि दोनों तरफ के दावे फैसले तक बचे रहें।
4.87 लाख आठ साल वाले दावे पर टिका था
इंदौर कार्यक्रम में 4.87 लाख पदों का वाक्य चला, आठ साल की एमपीपीएससी भर्ती और 13 प्रतिशत होल्ड जोड़कर। सर्कुलर 2022 का है, इसलिए आठ साल का जोड़ नहीं बनता। रिपोर्टों में प्रभावित पद करीब दस हजार गिने गए। वह अखबार का अनुमान है, आयोग की तालिका नहीं। 22 सितंबर की चिट्ठी में यह संख्या नहीं मिली। राहुल का पत्र और नियुक्ति पत्र कब मिलेगा अलग सवाल हैं।
एडवाइस:
रोल नंबर mppsc.mp.gov.in पर उसी परीक्षा के रिजल्ट में मिलाएं। होल्ड या प्रोविजनल लिस्ट रद्दीकरण नहीं है। 87 प्रतिशत वाला पत्र आ चुका हो, तो उसे 13 प्रतिशत का पत्र न समझें। व्हाट्सऐप की तारीख और 4.87 लाख वाला फॉरवर्ड आदेश नहीं है। पत्र उसी पोर्टल पर आएगा।