बंगाल का हर OBC सर्टिफिकेट रद्द नहीं हुआ है। OBC का मतलब अन्य पिछड़ा वर्ग है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मई-जून 2025 के राज्य नोटिस पर टिप्पणी की है। लाइव लॉ ने लिखा कि वे नोटिस कानूनी बल के बिना थे, और उनके आधार पर बने सर्टिफिकेट शुरू से अमान्य बताए गए। विंडो 8 मई 2025 से 18 मई 2026 के आसपास की रिपोर्टों में है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की सहमति अंतिम रद्दी नहीं है। कागज हाथ में हो, तो फेंको मत। दफ्तर का नोटिस आने दो।
यह 3 अक्टूबर 2026 की स्थिति है। डेट और लाइन अखबार और कोर्ट रिपोर्टों की हैं। यह जनगणना वाले कॉलम का आंदोलन नहीं है।
हाईकोर्ट ने क्या कहा
डिवीजन बेंच जस्टिस राजशेखर मंथा और जस्टिस अनुज सिंह की थी। केस श्रेयसी धांग का था। उन्होंने 13 अप्रैल 2026 को गोआला, गोप कैटेगरी का OBC-A सर्टिफिकेट लिया था। कोर्ट ने कहा, यह सर्टिफिकेट void एग्जक्यूटिव ऑर्डर पर बना, इसलिए अमान्य है। नोटिस 8 मई 2025 से 12 जून 2025 के बीच बिना कानूनी नतीजे बताए गए। बाद में नोटिस वापस लेने का असर पीछे तक माना गया।
फैक्ट की रिपोर्ट में विंडो और चौड़ी लिखी है। 8 मई 2025 से 12 जून 2025 के बीच जारी सर्टिफिकेट, और 10 जून 2025 से 18 मई 2026 के बीच जारी सर्टिफिकेट भी void बताए गए। 114 क्लास का जिक्र है। 77 और 37। मई और जून 2025 में कैबिनेट ने इन्हें फिर OBC घोषित किया था। कोर्ट ने कहा, उस दोबारा घोषणा में कानून का बल नहीं था। 17 जून 2025 को नई सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुरानी SLP वापस ले ली, तब 114 क्लास वाला स्टे फिर जिंदा बताया गया।

NEET और JENPAS
बेंच ने कहा कि NEET या JENPAS UG 2026 में जिन अभ्यर्थियों ने इन्हीं रद्द नोटिस के आधार पर OBC क्लेम किया, उन्हें जनरल कैटेगरी माना जाए। यह कोर्ट की लाइन है। काउंसलिंग का अपना नोटिस बोर्ड जारी करेगा। अफवाह पर सीट मत छोड़ो। रोल नंबर और कैटेगरी उसी एग्जाम के पोर्टल पर मिलाओ।
2010 से पहले की क्लास अलग लाइन में हैं। कोर्ट ने कहा, 22 मई 2024 की कोऑर्डिनेट बेंच ने जो 66 क्लास बचाई थीं, उनमें आने वाला व्यक्ति नया OBC सर्टिफिकेट बनवाए। पुराना कागज अपने आप नई लिस्ट नहीं खोलता। नया फॉर्म तहसील या राज्य पोर्टल पर बनेगा।
सुप्रीम कोर्ट वाली लाइन
इस केस की खबर सुप्रीम कोर्ट तक पहुँची बताई गई। सुनवाई की सहमति और नोटिस जाना प्रोसीजर है। रद्दी का अंतिम शब्द नहीं। हाईकोर्ट की टिप्पणी एक ऑर्डर है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला अभी इन रिपोर्टों में अंतिम रूप में नहीं दिखा। दोनों को एक हेडलाइन मत बनाओ। सुनवाई मंजूर हुई, इसलिए सर्टिफिकेट फेंक दो, यह गलत पढ़ना है।
यह रिजर्वेशन का परसेंट नहीं बदलता
केंद्र में OBC रिजर्वेशन 27 परसेंट है। बंगाल का यह केस राज्य की लिस्ट और सर्टिफिकेट की वैधता का है। 27 अपने आप नहीं घटा। क्रीमी लेयर की 8 लाख लिमिट भी अलग है। मध्य प्रदेश की 87:13 होल्ड भर्ती अलग है। महाराष्ट्र का कुणबी सर्टिफिकेट अलग है। देश वाला OBC कॉलम जनगणना फॉर्म की माँग है। कॉलम जुड़ने से बंगाल का यह कागज वैध या रद्द नहीं होगा।
इसी लाइन के पेज यहाँ हैं। जनगणना का अलग कॉलम, रिजर्वेशन कितना परसेंट और क्रीमी लेयर 8 लाख।
उदाहरण से समझो
मान लो सर्टिफिकेट 13 अप्रैल 2026 का है, और उस पर 2025 के नोटिस वाली क्लास लिखी है। हाईकोर्ट की लाइन इस कागज पर पड़ती है। कॉलेज फॉर्म में OBC भरा था, तो बोर्ड जनरल मानने की बात कर रहा है। सीट तभी छोड़ो, जब काउंसलिंग नोटिस आए। दूसरा केस। सर्टिफिकेट 2010 से पहले की बचाई क्लास का है। कोर्ट नया फॉर्म बनवाने को कह रहा है। तीसरा केस। सर्टिफिकेट इस विंडो से बाहर है। उसे इस हेडलाइन से रद्द मत मानो। डेट कागज पर पढ़ो।
जो नंबर रिपोर्ट में था, वही यहाँ है। नोटिस मई-जून 2025। विंडो 8 मई 2025 से 18 मई 2026। 114 क्लास, 77 और 37। 66 क्लास 22 मई 2024 की बेंच से बची बताई गईं। श्रेयसी धांग का सर्टिफिकेट 13 अप्रैल 2026। भीड़ का नंबर नहीं।
पुराना रिजल्ट नए ऑर्डर से मत मिलाओ। जिस एग्जाम का रोल नंबर है, उसी पोर्टल पर कैटेगरी देखो। व्हाट्सऐप पर «सभी सर्टिफिकेट रद्द» लिखा हो, तो डेट चेक करो।
कागज देखते समय क्या मिलाओ
सर्टिफिकेट की डेट देखो। 8 मई 2025 से 18 मई 2026 के अंदर है, तो यह विंडो वाली खबर तुम पर पड़ सकती है। डेट बाहर है, तो इस हेडलाइन से रद्द मत मानो। क्लास का नाम देखो। 114 वाली लिस्ट में है या 2010 से पहले की 66 में, यह फॉर्म पर लिखी क्लास से पता चलेगा। OBC-A और OBC-B बंगाल के अपने वर्ग हैं। दोनों पर एक नियम अपने आप न चिपकाओ।
कॉलेज की सीट और नौकरी का लेटर अलग हैं। NEET और JENPAS की लाइन काउंसलिंग की है। सरकारी नौकरी का अपॉइंटमेंट लेटर डिपार्टमेंट के ऑर्डर से आता है। व्हाट्सऐप पर दोनों को एक रद्दी मत बनाओ।
काउंसलिंग का लेटर तभी है, जब बोर्ड सीट अलॉट करे। कोर्ट की टिप्पणी अकेले अलॉटमेंट नहीं काटती, जब तक पोर्टल पर कैटेगरी बदले। पोर्टल रोज चेक करो, ग्रुप का फॉरवर्ड नहीं।
नया सर्टिफिकेट बनवाने की लाइन 66 क्लास वालों के लिए है। 114 वाली क्लास का कागज इस ऑर्डर में अमान्य बताया गया है। अपनी क्लास का नाम फॉर्म पर पढ़कर दोनों में से एक चुनो, अनुमान से नहीं।
कागज की फोटो संभालकर रखो। दफ्तर नया फॉर्म माँगे, तब पुरानी कॉपी काम आती है।
एडवाइस:
सीधी बात यह है। बंगाल में मई-जून 2025 के नोटिस पर बने OBC सर्टिफिकेट को हाईकोर्ट ने शुरू से अमान्य बताया है। 8 मई 2025 से 18 मई 2026 की विंडो रिपोर्टों में है। NEET और JENPAS वाले अभ्यर्थी, जिन्होंने इसी नोटिस पर OBC क्लेम किया, जनरल माने जा सकते हैं। यह हर पुराने कागज की रद्दी नहीं है। कागज फेंको मत। डेट और क्लास पढ़ो। सीट अफवाह पर मत छोड़ो। बोर्ड या कॉलेज का नोटिस आने दो। सुप्रीम कोर्ट का सुनना अंतिम रद्दी नहीं है। यह केस जनगणना का कॉलम नहीं है।