विश्वास सारंग ने राहुल गांधी के OBC पत्र पर पलटवार किया। यह 24 सितंबर 2026 की खबर है। नवभारत टाइम्स के मुताबिक सारंग ने कहा कि सरकार OBC रिजर्वेशन 27 परसेंट देने के लिए कटिबद्ध है। कोर्ट में कांग्रेस ने पक्ष ठीक ढंग से नहीं रखा। आरक्षण रोकने का पाप कमलनाथ सरकार ने किया। उन्होंने राहुल से चिट्ठी अक्षरशः पढ़कर वीडियो डालने को कहा, और कहा कि पढ़ लें तो इनाम देंगे। यह बयान है। भर्ती बोर्ड का ऑर्डर नहीं। OBC का मतलब अन्य पिछड़ा वर्ग है।
बयान आने से होल्ड पद नहीं खुलते। लेटर डिपार्टमेंट के ऑर्डर पर आता है।
पत्र क्या माँगता था
राहुल गांधी ने 22 सितंबर 2026 को मोहन यादव को पत्र लिखा। दो माँगें थीं। 27 लागू हो, और 87:13 के 13 परसेंट होल्ड पदों पर चयनित लोगों को नियुक्ति पत्र मिले। पत्र कहता है कि अभ्यर्थी 2022 से इंतजार कर रहे हैं। यह माँग है। सारंग का जवाब उस माँग पर बयान है। जवाब अपॉइंटमेंट ऑर्डर नहीं बना।
4.87 लाख इस पत्र की रिपोर्टों में नहीं था। वह आठ साल की होल्ड भर्ती का दावा है। सारंग के बयान को उस नंबर का रिजल्ट मत बनाओ। रोल नंबर 4.87 लाख में मत ढूँढो।

कमलनाथ वाली लाइन
2019 में कमलनाथ सरकार के समय OBC कोटा 14 से 27 किया गया। नोटिस है। कुल रिजर्वेशन 50 के पार चला गया। केस कोर्ट में गया। सारंग कह रहे हैं कि रोकने का पाप उसी सरकार ने किया। यह उनका आरोप है। कोर्ट का फैसला नहीं। 27 का नोटिस 2019 का है। भर्ती 87:13 पर चली। 87 परसेंट पद आगे, 13 अतिरिक्त कोटा होल्ड। सर्कुलर 29 सितंबर 2022 का बताया गया। आठ साल से सब होल्ड है, यह बयान की लाइन नहीं है।
कोर्ट में पक्ष कमजोर रहा, यह भी सारंग की लाइन है। 19 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने केस हाईकोर्ट को वापस भेजा। 6 अगस्त 2026 को दैनिक भास्कर ने फैसला रिजर्व लिखा। रिजर्व जीत या हार नहीं। ऑर्डर नहीं छपा।
इनाम वाली बात
चिट्ठी पढ़कर वीडियो डालो, इनाम देंगे। यह चुनौती है। भर्ती का नोटिस नहीं। इनाम का रेट, खाता नंबर या लिंक इन रिपोर्टों में नहीं है। ग्रुप में इनाम का फॉर्म आए, तो पैसे मत भेजो। वीडियो बनाने से पोर्टल का स्टेटस नहीं बदलता।
कटिबद्ध होने का वाक्य इरादा है। हर विज्ञापन पर 27 लागू हो गया, यह नहीं। PDF में 14 है, तो उस भर्ती में 14 चल रहा है। 27 लिखा है, तो उसी की लाइन 27 है। खाली OBC लिखा है, तो बयान से 27 मत मानो।
पोर्टल पर क्या करो
रोल नंबर MPPSC या उसी भर्ती के पोर्टल पर मिलाओ। होल्ड है, तो लेटर नहीं आया। 87 वाली लिस्ट और 13 वाली प्रोविजनल लिस्ट अलग हैं। एक का लेटर दूसरे को नहीं खोलता। प्रोविजनल लिस्ट का नाम जॉइनिंग नहीं है। मेडिकल और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन बाकी हो सकता है।
जनगणना में OBC कॉलम अलग माँग है। सारंग का बयान मध्य प्रदेश की भर्ती पर है। कॉलम जुड़ने से होल्ड नहीं खुलेगा। खूंटी का धरना और 1 नवंबर का चलो दिल्ली कॉलम के प्रोग्राम हैं। 51 परसेंट हलफनामा है, जनगणना नहीं। केंद्र का 27 और राज्य का 27 एक नियम नहीं।
इसी लाइन के पेज यहाँ हैं। 22 सितंबर का पत्र, 13 परसेंट होल्ड रिजल्ट, 87:13 फॉर्मूला और नियुक्ति पत्र।
जो नंबर रिपोर्ट में था, वही यहाँ है। बयान 24 सितंबर 2026। पत्र 22 सितंबर। 27 कटिबद्ध वाली लाइन। इनाम वाली चुनौती। सर्कुलर 29 सितंबर 2022। 4.87 लाख बयान का नंबर नहीं। रिमांड 19 फरवरी 2026। रिजर्व 6 अगस्त 2026। लेटर की गिनती नहीं।
काउंटर स्लिप और बयान की खबर अलग फाइल में रखो। फॉरवर्ड की तारीख नोटिस की तारीख नहीं। पोर्टल रोज चेक करो। ऑर्डर छपे, तब लाइन बदलना। क्रीमी लेयर का 8 लाख इस कटऑफ का नंबर नहीं है। नाम स्टेट लिस्ट से मिलाओ।
जॉइनिंग का लेटर डिपार्टमेंट जारी करता है। बयान की क्लिप जॉइनिंग नहीं है। दोनों कागज साथ रखो। एक के बिना दूसरे को लेटर मत कहो। यलो स्कार्फ वाला मार्च पोर्टल नहीं खोलता। ग्रुप एडमिन का मैसेज मंत्री का ऑर्डर नहीं होता। फैसला रिजर्व है, तो जीत का पोस्टर मत शेयर करो। PDF संभालकर रखो। काउंटर स्लिप पर साल लिखा हो, तब रखो।
बयान कैसे पढ़ो
बयान में तीन लाइन हैं। एक, सरकार 27 देने को कटिबद्ध है। दो, कोर्ट में पक्ष कमजोर रहा। तीन, चिट्ठी पढ़ो तो इनाम। तीनों न्यूज हैं। तीनों में से कोई PDF नहीं है। कटिबद्ध का मतलब नोटिस जारी हो गया नहीं। आरोप का मतलब केस हार गया नहीं। इनाम का मतलब लेटर आ गया नहीं। वीडियो वायरल हो, तो डेट देखो। डेट 24 सितंबर नहीं है, तो वही बयान मत मानो।
100 पद में 87 आगे और 13 होल्ड, यही फॉर्मूला है। बयान इस हिसाब को नहीं बदलता। होल्ड रिजल्ट और फाइनल मेरिट एक नहीं। मेरिट में नाम हो, फिर भी 13 वाली लाइन होल्ड हो सकती है। होल्ड हटने का नोटिस साइट पर PDF में आए, तब मानो। EWS का 10 OBC नहीं है। तीनों परसेंट जोड़कर नया कोटा मत बनाओ।
माइक वाली क्लिप और पोर्टल का स्टेटस अलग हैं। क्लिप में 27 बोला गया, पोर्टल पर होल्ड है, तो होल्ड मानो। इनाम का वादा अकाउंट नंबर नहीं है। नंबर आए तो फ्रॉड समझो। नाम लिस्ट से मिलाओ। ऑर्डर की कॉपी और रोल नंबर की स्लिप एक लिफाफे में रखो।
कमलनाथ वाली लाइन आरोप है। 2019 का नोटिस आरोप से रद्द नहीं होता। नोटिस है, भर्ती 87:13 पर है। दोनों वाक्य साथ रखो।
फॉरवर्ड की तारीख नोटिस की तारीख नहीं। पोर्टल रोज चेक करो।
इनाम का रेट रिपोर्ट में नहीं है।
नाम लिस्ट से मिलाओ।
एडवाइस:
सीधी बात यह है। 24 सितंबर 2026 को विश्वास सारंग का बयान न्यूज है। उन्होंने 27 देने की बात कही, कोर्ट में पक्ष पर आरोप लगाया, और चिट्ठी पढ़ने पर इनाम की चुनौती दी। यह अपॉइंटमेंट ऑर्डर नहीं है। 22 सितंबर का पत्र माँग है। 4.87 लाख उस पत्र में नहीं था। होल्ड पद बयान से नहीं खुलते। रोल नंबर अपने पोर्टल पर मिलाओ। इनाम का लिंक आए, तो पैसे मत भेजो।