पत्र की बात अखबारों की रिपोर्ट है। अदालत का अंतिम आदेश अलग है। कानूनी सलाह नहीं। 3 अक्टूबर 2026।
राहुल गांधी ने 22 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा। मांग दो थी। 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू हो, और 87:13 के तहत 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले। पत्र कहता है कि ये अभ्यर्थी परीक्षा और चयन के बाद 2022 से इंतजार कर रहे हैं। यह मांग है, भर्ती बोर्ड का आदेश नहीं।
इंदौर की गुंज के बाद चिट्ठी
19 सितंबर 2026 को इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम हुआ। राहुल ने उसी बातचीत का हवाला दिया। छात्रों ने शिक्षा, नौकरी और रुकी नियुक्ति की बात कही, यह पत्र का दावा है। अमर उजाला और हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में सर्वदलीय समर्थन का जिक्र है। पत्र कहता है कि सभी दलों ने 27 प्रतिशत का समर्थन किया था, फिर भी समाधान नहीं हुआ। समर्थन का हवाला फैसला नहीं है।
4.87 लाख इस पत्र का आंकड़ा नहीं है
कुछ पोस्ट पर 4.87 लाख पदों का वाक्य चलता है। 22 सितंबर की चिट्ठी वाली रिपोर्टों में यह संख्या नहीं मिली। 87:13 का रास्ता 2022 के आसपास की बात है, आठ साल पुराना फॉर्मूला नहीं। लाखों वाला नारा और इस पत्र को एक वाक्य में न जोड़ें। अक्टूबर 2025 की एक भर्ती रिपोर्ट में होल्ड पद दस हजार के आसपास गिने गए थे। वह भी अखबार का जोड़ है, इस चिट्ठी का आंकड़ा नहीं।
जवाब बयान है, पत्र नहीं
24 सितंबर को मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया। 27 प्रतिशत की प्रतिबद्धता कही, और चिट्ठी पढ़ने पर इनाम की बात की। वह जवाब भी आदेश नहीं है। होल्ड सूची रोल नंबर पर तब खुलती है, जब विभाग आदेश चढ़ाए। सारंग ने क्या कहा, नियुक्ति पत्र कब मिलेगा, 87:13 फॉर्मूला और 27 लागू हुआ या नहीं अलग पेज हैं।
एडवाइस:
इस पत्र को नियुक्ति आदेश न मानें। 13 प्रतिशत होल्ड और 2022 से इंतजार, पत्र का दावा है। 4.87 लाख को इसी चिट्ठी का आंकड़ा न बनाएं। रोल नंबर एमपीपीएससी, कर्मचारी चयन मंडल या अपने विभाग की साइट पर मिलाएं। व्हाट्सऐप पर चिपकी तारीख आदेश नहीं है।