राहुल गांधी ने मोहन यादव को OBC पर क्या लिखा

राहुल गांधी ने मोहन यादव को OBC पर क्या लिखा

राहुल गांधी ने 22 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा। माँग दो थी। 27 परसेंट OBC रिजर्वेशन लागू हो, और 87:13 के तहत 13 परसेंट होल्ड पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले। पत्र कहता है कि ये अभ्यर्थी परीक्षा और चयन के बाद 2022 से इंतजार कर रहे हैं। यह माँग है। डिपार्टमेंट का अपॉइंटमेंट ऑर्डर नहीं। OBC का मतलब अन्य पिछड़ा वर्ग है।

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4.87 लाख इस पत्र की रिपोर्टों में नहीं था। वह नंबर आठ साल की होल्ड भर्ती का दावा है। दोनों को एक वाक्य में मत मिलाओ।

पत्र में क्या है

IANS और hi INDiA ने 22 सितंबर की डेट लिखी। राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं। पत्र में लिखा कि 87:13 सिस्टम में OBC रिजर्वेशन से जुड़े 13 परसेंट पद होल्ड हैं। अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की और कागज पूरे किए, फिर भी लेटर नहीं मिला। उन्होंने मोहन यादव से दखल और जल्दी हल माँगा। हल माँगना हल हो जाना नहीं है।

27 परसेंट 2019 में कमल नाथ सरकार के समय 14 से बढ़ाया गया था। कुल रिजर्वेशन 50 के पार चला गया। केस कोर्ट में गया। उसके बाद राज्य ने 87:13 अपनाया। 87 परसेंट पदों पर नियुक्ति आगे, 13 अतिरिक्त कोटा होल्ड। जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट का सर्कुलर 29 सितंबर 2022 का बताया गया। पत्र 2022 से इंतजार कहता है। सर्कुलर भी 2022 का है। आठ साल से हर पद होल्ड है, यह पत्र की लाइन नहीं है।

22 सितंबर के पत्र का डाटा पोस्टर। माँग, ऑर्डर नहीं।
4.87 लाख इस पत्र की रिपोर्टों में नहीं था।

4.87 लाख कहाँ से आया

4.87 लाख राहुल गांधी के इंदौर वाले छात्रों के कार्यक्रम के बाद फैक्ट-चेक में आया। न्यूजट्रैक ने लिखा कि 87:13 आठ साल से नहीं चल रहा था। सर्कुलर सितंबर 2022 का है। इसलिए 4.87 लाख को पत्र का नंबर मत लिखो। पत्र की रिपोर्टों में यह आंकड़ा नहीं है। दावा है। भर्ती की लिस्ट नहीं। अपना रोल नंबर उस नंबर में मत ढूँढो।

विश्वास सारंग का 24 सितंबर 2026 का जवाब एक न्यूज रिपोर्ट है। अपॉइंटमेंट ऑर्डर नहीं। जवाब आने से लेटर नहीं निकलता। लेटर डिपार्टमेंट के ऑर्डर पर आता है।

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पत्र और पोर्टल

पत्र की फोटो कटऑफ नहीं है। रोल नंबर MPPSC या उसी भर्ती के पोर्टल पर मिलाओ। स्टेटस होल्ड है, तो लेटर नहीं आया। 87 वाली लिस्ट आगे है। 13 वाली प्रोविजनल लिस्ट होल्ड है। दोनों एक पेज पर हो सकती हैं। एक का लेटर दूसरे को नहीं खोलता। PDF में 14 लिखा है, तो उस भर्ती में 14 चल रहा है। 27 लिखा है, तो उसी की लाइन 27 है। खाली OBC लिखा है, तो 27 लागू मत मानो।

19 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने केस हाईकोर्ट को वापस भेजा। 6 अगस्त 2026 को दैनिक भास्कर ने फैसला रिजर्व लिखा। रिजर्व जीत नहीं है। ऑर्डर नहीं छपा। पत्र कोर्ट का ऑर्डर नहीं है।

कॉलम वाली खबर अलग है

जनगणना में OBC का अलग कॉलम देश की माँग है। पत्र मध्य प्रदेश की भर्ती की माँग है। कॉलम जुड़ने से होल्ड पद नहीं खुलेंगे। खूंटी का धरना और 1 नवंबर का चलो दिल्ली कॉलम के प्रोग्राम हैं। कुणबी सर्टिफिकेट महाराष्ट्र का कागज है। तीनों इस पत्र को लेटर नहीं बनाते।

51 परसेंट हलफनामा है, जनगणना नहीं। केंद्र का 27 और राज्य का 27 एक नियम नहीं। EWS का 10 OBC नहीं है। क्रीमी लेयर का 8 लाख इस भर्ती का कटऑफ नहीं है। नाम स्टेट लिस्ट में है या नहीं, लिस्ट से मिलाओ।

इसी लाइन के पेज यहाँ हैं। 13 परसेंट होल्ड रिजल्ट, 87:13 फॉर्मूला, विश्वास सारंग का जवाब और नियुक्ति पत्र।

जो नंबर रिपोर्ट में था, वही यहाँ है। पत्र 22 सितंबर 2026। माँग 27 और 13 परसेंट होल्ड। इंतजार 2022 से। सर्कुलर 29 सितंबर 2022। 4.87 लाख पत्र में नहीं। रिमांड 19 फरवरी 2026। रिजर्व 6 अगस्त 2026। लेटर की गिनती नहीं।

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काउंटर स्लिप और पत्र की खबर एक फाइल में रखो। ग्रुप में लेटर का रेट आए, तो पैसे मत भेजो। यह पेज टिकट नहीं बेचता। फॉरवर्ड की तारीख नोटिस की तारीख नहीं। पोर्टल रोज चेक करो। ऑर्डर छपे, तब लाइन बदलना।

जॉइनिंग का लेटर डिपार्टमेंट जारी करता है। पत्र की फोटो जॉइनिंग नहीं है। दोनों कागज साथ रखो। एक के बिना दूसरे को लेटर मत कहो। यलो स्कार्फ वाला मार्च पोर्टल नहीं खोलता। ग्रुप एडमिन का मैसेज मुख्यमंत्री का ऑर्डर नहीं होता। नाम लिस्ट से मिलाओ।

होल्ड रिजल्ट और फाइनल मेरिट एक नहीं। मेरिट में नाम हो, फिर भी 13 वाली लाइन होल्ड हो सकती है। होल्ड हटने का नोटिस साइट पर PDF में आए, तब मानो।

माँग और ऑर्डर का फर्क

पत्र विपक्ष के नेता की माँग है। मुख्यमंत्री का जवाब अभी इन रिपोर्टों में अपॉइंटमेंट ऑर्डर नहीं बना। जवाब आए भी, तो वह न्यूज हो सकती है। PDF डिपार्टमेंट की साइट पर हो, तब लेटर मानो। काउंसलिंग की डेट अखबार में हो और पोर्टल पर न हो, तो पोर्टल मानो। 100 पद में 87 आगे और 13 होल्ड, यही फॉर्मूला है। पत्र इस हिसाब को नहीं बदलता।

पुराना रिजल्ट नए पत्र से मत मिलाओ। जिस परीक्षा का रोल नंबर है, उसी का पोर्टल खोलो। 2019 का नोटिस हर पुरानी परीक्षा पर अपने आप नहीं चिपकता। प्रोविजनल लिस्ट का नाम जॉइनिंग नहीं है। मेडिकल और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन बाकी हो सकता है। तीनों पूरे हों, तब लेटर कहो।

लिफाफे की फोटो रसीद नहीं है। पत्र पहुँचा या नहीं, दफ्तर की रसीद से पता चलेगा। रसीद नहीं है, तो पहुँच गया मत मानो। ऑर्डर की कॉपी और रोल नंबर की स्लिप एक लिफाफे में रखो। नाम लिस्ट से मिलाओ।

फैसला रिजर्व है, तो जीत का पोस्टर मत शेयर करो। पत्र की माँग और कोर्ट का ऑर्डर अलग कागज हैं। ऑर्डर छपे, तब लाइन बदलना।

PDF संभालकर रखो।

काउंटर स्लिप पर साल लिखा हो, तब रखो।

एडवाइस:

सीधी बात यह है। 22 सितंबर 2026 को राहुल गांधी ने मोहन यादव को पत्र लिखा। माँग 27 लागू करने और 13 होल्ड पर लेटर देने की है। यह ऑर्डर नहीं है। 4.87 लाख इस पत्र में नहीं था। सर्कुलर 2022 का है, आठ साल पूरा होल्ड नहीं। रोल नंबर अपने पोर्टल पर मिलाओ। होल्ड है, तो लेटर मत मानो। पैसे मत भेजो।

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Vivek Hardaha Written by: Writer, YouTuber and tool builder · Madhya Pradesh

Vivek has been online since 2012 and has worked since 2014 across YouTube, blogs and news platforms. He holds an M.Sc. in Computer Science and an M.A. in Sociology. On Vista Hub he writes practical, plain-language guides on tech, money, health, farming and festivals.

कैसे बना: ड्राफ्ट में AI की मदद ली गई; स्रोत, आँकड़े और भाषा विवेक हरदहा ने जाँचे। कोई गलती दिखे तो हमें बताएँ।

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