MPPSC का 13 परसेंट होल्ड रिजल्ट रद्द नहीं हुआ है। 3 अक्टूबर 2026 तक यह इंतजार है। 87 परसेंट पदों पर नियुक्ति आगे बढ़ी। बाकी 13 परसेंट पर OBC और अनारक्षित की अलग प्रोविजनल लिस्ट बनी, ताकि फैसले के बाद नियुक्ति हो सके। होल्ड लिस्ट में नाम होना नियुक्ति पत्र नहीं है। OBC का मतलब अन्य पिछड़ा वर्ग है।
रोल नंबर पोर्टल पर होल्ड दिखाए, तो लेटर मत मानो। ऑर्डर आए, तब स्टेटस बदलेगा।
होल्ड 2022 के सर्कुलर से जुड़ा है
2019 में मध्य प्रदेश ने OBC कोटा 14 से 27 किया। केस कोर्ट में गया। जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट का सर्कुलर 29 सितंबर 2022 का बताया गया। उसी से 87:13 चला। 87 पर नियुक्ति आगे, 13 अतिरिक्त कोटा होल्ड। फैक्ट-चेक में यही डेट है। इसलिए आठ साल से MPPSC का हर रिजल्ट होल्ड है, यह वाक्य गलत है। सर्कुलर से पहले यह फॉर्मूला नहीं चल रहा था।
4.87 लाख आठ साल की होल्ड भर्ती का दावा है। राहुल गांधी के 22 सितंबर 2026 के पत्र की रिपोर्टों में यह नंबर नहीं था। पत्र में 2022 से इंतजार और 13 परसेंट होल्ड की बात है। माँग है। ऑर्डर नहीं। विश्वास सारंग का 24 सितंबर का जवाब न्यूज रिपोर्ट है, रिजल्ट जारी करने का नोटिस नहीं।

रिजल्ट आया या नहीं
प्रोविजनल लिस्ट आना रिजल्ट का एक हिस्सा है। अंतिम लेटर नहीं। 13 परसेंट वाली लिस्ट होल्ड है। नाम कट गया, ऐसा इन रिपोर्टों में नहीं है। हाईकोर्ट ने जनवरी 2025 में 87:13 इंतजाम देखा, यह फैक्ट-चेक की लाइन है। 19 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने केस हाईकोर्ट को वापस भेजा। 6 अगस्त 2026 को दैनिक भास्कर ने फैसला रिजर्व लिखा। रिजर्व का मतलब ऑर्डर नहीं छपा। जीत या हार मत लिखो।
51 परसेंट हलफनामा है, जनगणना नहीं। कॉलम जुड़ने से यह होल्ड नहीं खुलेगा। खूंटी का धरना और 1 नवंबर का चलो दिल्ली कॉलम के प्रोग्राम हैं। MPPSC का पोर्टल उनसे नहीं बदलेगा।
पोर्टल पर क्या देखो
रोल नंबर उसी परीक्षा का खोलो। स्टेटस होल्ड है, तो लेटर नहीं आया। 87 वाली लिस्ट और 13 वाली लिस्ट एक पेज पर हो सकती हैं। दोनों का स्टेटस अलग पढ़ो। 87 पर लेटर आ गया, इसका मतलब 13 खुल गया नहीं। PDF डाउनलोड करो। PDF में 14 है, तो उस भर्ती में 14 चल रहा है। 27 लिखा है, तो उसी भर्ती की लाइन 27 है। खाली OBC लिखा है, परसेंट नहीं, तो 27 लागू मत मानो।
काउंसलिंग की डेट डिपार्टमेंट लिखे, तब मानो। ग्रुप में «रिजल्ट आ गया» आए, तो पोर्टल खोलो। पोर्टल पर होल्ड है, तो रिजल्ट लेटर नहीं बना। पैसे माँगने वाला लिंक फ्रॉड हो सकता है।
उदाहरण से समझो
100 पद हैं। 87 पर नियुक्ति आगे है। 13 होल्ड हैं। तुम्हारा रोल 13 वाली प्रोविजनल लिस्ट में है। नाम है, पत्र नहीं। ऑर्डर आएगा, तब डिपार्टमेंट पत्र देगा। ऑर्डर नहीं आया, तो व्हाट्सऐप की कॉपी लेटर नहीं है। 4.87 लाख में अपना रोल नंबर मत ढूँढो। रोल नंबर भर्ती की लिस्ट में है।
इसी लाइन के पेज यहाँ हैं। 87:13 फॉर्मूला, 27 लागू हुआ या नहीं, राहुल गांधी का पत्र और नियुक्ति पत्र।
जो नंबर रिपोर्ट में था, वही यहाँ है। 13 और 87। सर्कुलर 29 सितंबर 2022। पत्र 22 सितंबर 2026। जवाब 24 सितंबर। रिमांड 19 फरवरी 2026। रिजर्व 6 अगस्त 2026। 4.87 लाख दावा। लेटर की गिनती नहीं।
नोटिस की PDF और प्रोविजनल लिस्ट एक फाइल में रखो। ऑर्डर आए, तो दोनों साथ दिखाओ। क्रीमी लेयर का 8 लाख इस रिजल्ट का कटऑफ नहीं है। नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट स्टेट से बनता है। केंद्र का 27 और राज्य का 27 एक नियम नहीं। नाम स्टेट लिस्ट में है या नहीं, लिस्ट से मिलाओ। फैसला रिजर्व है, तो जीत का पोस्टर मत शेयर करो।
दफ्तर का काउंटर स्लिप भी रखो। स्लिप पर परीक्षा का नाम और साल हो। साल नहीं है, तो स्लिप किसी और भर्ती की हो सकती है। यलो स्कार्फ वाला मार्च इस पोर्टल को नहीं खोलता। ग्रुप एडमिन का मैसेज MPPSC का नोटिस नहीं होता। पोर्टल रोज चेक करो।
लिस्ट और लेटर का फर्क
प्रोविजनल लिस्ट का मतलब नाम दर्ज है। जॉइनिंग नहीं। मेडिकल, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और डिपार्टमेंट का ऑर्डर अभी बाकी हो सकता है। तीनों पूरे हों, तब लेटर मानो। एक की फोटो पूरे प्रोसेस की जगह नहीं लेती। होल्ड हटने की खबर आए, तो पोर्टल का स्टेटस बदलना चाहिए। स्टेटस नहीं बदला, तो खबर लेटर नहीं है।
पुराना रिजल्ट नए नोटिस से मत मिलाओ। जिस परीक्षा का रोल नंबर है, उसी का पोर्टल खोलो। 2019 का 27 हर पुरानी परीक्षा पर अपने आप नहीं चिपकता। EWS का 10 OBC नहीं है। तीनों परसेंट जोड़कर नया कोटा मत बनाओ। कुणबी सर्टिफिकेट महाराष्ट्र का कागज है। बंगाल की विंडो अलग है। MPPSC की होल्ड लिस्ट उनसे नहीं खुलेगी।
काउंटर स्लिप पर साल लिखा हो। साल नहीं है, तो स्लिप किसी और भर्ती की हो सकती है। ग्रुप में सीट का रेट आए, तो पैसे मत भेजो। यह पेज टिकट नहीं बेचता। ऑर्डर की PDF संभालकर रखो। ऑर्डर नहीं छपा, तो जीत मत लिखो।
एक और फर्क। होल्ड रिजल्ट और फाइनल मेरिट एक नहीं। मेरिट में नाम हो, फिर भी 13 वाली लाइन होल्ड हो सकती है। होल्ड हटने का नोटिस MPPSC की साइट पर PDF में आए, तब मानो। फॉरवर्ड की तारीख नोटिस की तारीख नहीं है। नाम लिस्ट से मिलाओ। पोर्टल रोज चेक करो, ग्रुप का मैसेज नहीं।
जॉइनिंग का लेटर डिपार्टमेंट जारी करता है। MPPSC की लिस्ट जॉइनिंग नहीं है। दोनों कागज साथ रखो। एक के बिना दूसरे को लेटर मत कहो।
ऑर्डर की कॉपी और रोल नंबर की स्लिप एक लिफाफे में रखो।
फॉरवर्ड की तारीख नोटिस की तारीख नहीं।
एडवाइस:
सीधी बात यह है। MPPSC का 13 परसेंट होल्ड रिजल्ट रद्द नहीं है। लेटर भी नहीं आया। 87 आगे है, 13 होल्ड है। प्रोविजनल लिस्ट का नाम पत्र नहीं है। सर्कुलर 29 सितंबर 2022 का है, आठ साल पूरा होल्ड नहीं। 4.87 लाख दावा है। रोल नंबर अपने पोर्टल पर मिलाओ। पोर्टल पर होल्ड है, तो लेटर मत मानो। पैसे मत भेजो। ऑर्डर छपे, तब लाइन बदलना।