संपादकीय चित्रण है, घटना की असली फोटो नहीं। आरोप विपक्ष और प्रदर्शनकारियों के हैं। चुनाव आयोग ने हेराफेरी से इनकार किया है। कानूनी सलाह नहीं। स्थिति 3 अक्टूबर 2026 सुबह की।
EVM या बैलेट पेपर, यह सर्च वोट चोरी के साथ सालों से चल रहा है। 2026 के SIR विवाद ने इसे फिर गर्म किया। दोनों मुद्दे एक नहीं हैं। SIR सूची का है। EVM मतदान मशीन का है। सूची में नाम न हो तो मशीन तक बारी नहीं आती। मशीन पर शक हो तो सूची साफ होने से शक खत्म नहीं होता।
क्या सिद्ध हुआ है
भारत में ईवीएम के साथ वीवीपैट जुड़ा है। मतदाता पर्ची कुछ सेकंड देखता है। आयोग कहता है मशीन स्टैंडअलोन है, इंटरनेट से नहीं जुड़ती। सुप्रीम कोर्ट ने मशीन पर पूरी तरह बैलेट लौटाने के पुराने अनुरोध स्वीकार नहीं किए। पांच पर्ची गिनने वाला निर्देश पहले आ चुका है, हर बूथ की पूरी वीवीपैट गिनती नहीं। किसी अदालत ने 2024 या बाद के चुनाव को सिर्फ ईवीएम हैक कहकर रद्द नहीं किया है। यह स्थिति 3 अक्टूबर 2026 की है।
क्या सिद्ध नहीं हुआ
विपक्ष कहता है मशीन और सूची दोनों पर कब्जा है। कुछ वीडियो में गिनती का अंतर दिखाया जाता है। अंतर अपने आप हैक नहीं होता। फॉर्म 17सी, वीवीपैट पर्ची और शिकायत का समय देखा जाता है। बैलेट पेपर में बूथ कैप्चरिंग और अवैध वोट का पुराना रिकॉर्ड भी है। बैलेट अपने आप पवित्र नहीं, ईवीएम अपने आप दोषी नहीं।
इस आंदोलन में जगह
2 अक्टूबर की मांग इस्तीफा, SIR रोको और जनवरी 2025 सूची थी। मंच का मुख्य नारा ईवीएम हटाओ नहीं था। सर्च में दोनों जुड़ जाते हैं क्योंकि राहुल गांधी वोट चोरी का शब्द सूची और मशीन दोनों पर इस्तेमाल कर चुके हैं। शब्द अलग लेख में है: वोट चोरी क्या है।
एडवाइस:
बूथ पर दिक्कत हो तो फॉर्म 17सी की कॉपी और वीवीपैट शिकायत उसी दिन लिखें। बाद का ट्वीट सबूत नहीं बनता। SIR में नाम कटा है तो मशीन की बहस छोड़कर फॉर्म 6 भरें।
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टाइमलाइन, जो सर्च में बार-बार आएगी
15 मार्च 2024 को ज्ञानेश कुमार निर्वाचन आयुक्त बने। 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त। SIR बिहार से निकला और राज्यों में फैला। 23 सितंबर 2026 को इंडियन एक्सप्रेस ने संधू और जोशी की 14 आपत्तियां छापीं। 24 सितंबर को राहुल गांधी ने देशद्रोह और कानून चोरी वाला वाक्य कहा। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर दिल्ली और मुंबई में इस्तीफे की मांग हुई। 3 अक्टूबर सुबह तक त्यागपत्र नहीं आया। अगली सड़क वाली तारीख 10 अक्टूबर है।
EVM या बैलेट पेपर: वोट चोरी में क्या सिद्ध है, क्या नहीं पर दोनों पक्ष
SIR सूची है, EVM मशीन है, दोनों विवाद एक नहीं। विपक्ष और प्रदर्शन इसे साजिश का हिस्सा बताते हैं। चुनाव आयोग इसी बिंदु पर कहता है कि सूची की सफाई, मृत नाम और डुप्लिकेट हटाना उसका काम है। अदालत ने 3 अक्टूबर 2026 तक इस एक बिंदु पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। इसलिए लेख आरोप और इनकार दोनों रखता है।
VVPAT पर्ची जुड़ी है, पूरी गिनती हर बूथ पर अनिवार्य नहीं। विपक्ष और प्रदर्शन इसे साजिश का हिस्सा बताते हैं। चुनाव आयोग इसी बिंदु पर कहता है कि सूची की सफाई, मृत नाम और डुप्लिकेट हटाना उसका काम है। अदालत ने 3 अक्टूबर 2026 तक इस एक बिंदु पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। इसलिए लेख आरोप और इनकार दोनों रखता है।
किसी अदालत ने 2024 का चुनाव सिर्फ हैक कहकर रद्द नहीं किया। विपक्ष और प्रदर्शन इसे साजिश का हिस्सा बताते हैं। चुनाव आयोग इसी बिंदु पर कहता है कि सूची की सफाई, मृत नाम और डुप्लिकेट हटाना उसका काम है। अदालत ने 3 अक्टूबर 2026 तक इस एक बिंदु पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। इसलिए लेख आरोप और इनकार दोनों रखता है।
2 अक्टूबर का मुख्य नारा इस्तीफा था, मशीन नहीं। विपक्ष और प्रदर्शन इसे साजिश का हिस्सा बताते हैं। चुनाव आयोग इसी बिंदु पर कहता है कि सूची की सफाई, मृत नाम और डुप्लिकेट हटाना उसका काम है। अदालत ने 3 अक्टूबर 2026 तक इस एक बिंदु पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। इसलिए लेख आरोप और इनकार दोनों रखता है।
आगे कौन सा सर्च फूटेगा
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर भीड़ या हिरासत, 8 अक्टूबर के स्थानीय मार्च का आंकड़ा, फॉर्म 6 में नाम जुड़ा या नहीं, और महाभियोग नोटिस एडमिट हुई या नहीं। इस्तीफा तभी लिखें जब आयोग या राष्ट्रपति सचिवालय का नोट आए। नारे को आदेश न बनाएं।
पुरानी कड़ियां: हिरासत, धारा 163, जुलाई बनाम अक्टूबर।