मध्य प्रदेश में OBC रिजर्वेशन 27 परसेंट का नोटिस 2019 का है। OBC का मतलब अन्य पिछड़ा वर्ग है। 2019 से पहले यह हिस्सा 14 परसेंट था। कमलनाथ सरकार ने नौकरी और पढ़ाई में इसे 27 किया। उसके बाद केस लगा। भर्ती पूरी तरह 27 पर नहीं चल रही। 87 परसेंट पदों पर नियुक्ति आगे बढ़ी। बाकी 13 परसेंट होल्ड है। होल्ड का मतलब रद्द नहीं। इसका मतलब यह भी नहीं कि हर विज्ञापन पर 27 लागू हो गया है।
यह 3 अक्टूबर 2026 की स्थिति है। डेट और बयान अखबारों और फैक्ट-चेक रिपोर्टों में छपे हैं। कोर्ट का अंतिम फैसला अलग डॉक्यूमेंट है।
87:13 है क्या
भर्ती अटकने लगी, तो 2022 में यह रास्ता आया। फैक्ट-चेक रिपोर्टों में सामान्य प्रशासन विभाग का सर्कुलर 29 सितंबर 2022 का है। उसी रास्ते पर 87 परसेंट भरा गया और 13 परसेंट रोका गया। 13 परसेंट पर OBC और अनारक्षित की अलग प्रोविजनल लिस्ट बनी, ताकि फैसले के बाद पत्र निकल सके। होल्ड लिस्ट में नाम होना अपॉइंटमेंट लेटर नहीं है।
यह रास्ता आठ साल पुराना नहीं है। सर्कुलर 2022 का है। इसलिए इंदौर वाले 4.87 लाख पदों का आठ साल वाला जोड़ इस फॉर्मूले पर नहीं टिकता। रिपोर्टों में प्रभावित पद करीब दस हजार गिने गए। वह अखबार का अनुमान है, आयोग की टेबल नहीं।

कोर्ट ने क्या किया
19 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने 14 से 27 वाली याचिकाएं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को वापस भेज दीं। कोर्ट ने गुण-दोष पर राय नहीं दी। अंतरिम बंदोबस्त पर भी राय नहीं दी। तीन महीने में सुनवाई की बात कही। यह वापसी है। 27 लागू करने का ऑर्डर नहीं।
भास्कर की 6 अगस्त 2026 की रिपोर्ट कहती है कि जबलपुर की स्पेशल बेंच ने 27 परसेंट की आखिरी बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया। सुरक्षित फैसला जारी फैसला नहीं है। जनवरी 2025 की सुनवाई पर अखबार एक राय के नहीं हैं। एक रिपोर्ट कहती है कि 87:13 को अंतरिम रास्ता मानकर चलने दिया। दूसरे शीर्षक में फॉर्मूला खारिज लिखा गया। दो हेडलाइन एक ऑर्डर नहीं बनते।
51 परसेंट जनगणना नहीं है
स्टेट ने कोर्ट में कहा कि OBC आबादी 51 परसेंट से ज्यादा है। यह हलफनामा और 2022 की रिपोर्ट है। नई जनगणना का छपा नंबर नहीं। 2011 की जनगणना में मध्य प्रदेश की अनुसूचित जाति 15.6 परसेंट और अनुसूचित जनजाति 21.1 परसेंट है। OBC का साफ परसेंट 2011 में नहीं छपा, क्योंकि जाति का डाटा पढ़ा नहीं जा सका।
14 और 27 जोड़ने पर कागज पर 50 के पार दिखता है। यह जोड़ है। कोर्ट का फैसला नहीं। 50 परसेंट की सीमा अलग सवाल है। देश वाली जनगणना में OBC का अलग कॉलम भी अलग माँग है। मध्य प्रदेश की भर्ती उस मार्च से नहीं चलेगी।
कौन क्या बोल रहा है
22 सितंबर 2026 को राहुल गांधी ने मोहन यादव को चिट्ठी लिखी। होल्ड पदों पर नियुक्ति मांगी। इंदौर के छात्रों की गूंज प्रोग्राम का जिक्र था। चिट्ठी माँग है, भर्ती बोर्ड का ऑर्डर नहीं। 4.87 लाख उस चिट्ठी की रिपोर्टों में नहीं मिला।
24 सितंबर को विश्वास सारंग ने कहा कि सरकार 27 परसेंट देने के लिए कटिबद्ध है। यह खबर है। होल्ड पद का पत्र इस बयान से नहीं निकलता। पत्र तब है, जब डिपार्टमेंट ऑर्डर चढ़ाए और रोल नंबर पर दिखे।
रोल नंबर वाले के लिए
जिसका नाम 87 परसेंट की लिस्ट में है, उसका पत्र निकल सकता है। जिसका नाम 13 परसेंट होल्ड में है, उसका पत्र फैसले और डिपार्टमेंट के ऑर्डर के बाद आता है। दोनों को एक लेटर न समझो। व्हाट्सऐप पर «आज से 27 लागू» लिखा हो, तो उसे गजट न मानो।
इसी लाइन के पेज यहाँ हैं। 27 लागू हुआ या नहीं, 87:13 फॉर्मूला क्या है, होल्ड रिजल्ट, नियुक्ति पत्र कब और जनगणना का अलग कॉलम।
जो नंबर रिपोर्ट में था, वही यहाँ है। 14 से 27। सर्कुलर 29 सितंबर 2022। सुप्रीम कोर्ट 19 फरवरी 2026। फैसला सुरक्षित 6 अगस्त 2026 की रिपोर्ट। 2011 में SC 15.6 और ST 21.1। 51 परसेंट हलफनामा है। 4.87 लाख आठ साल वाले दावे पर टिका था।
उदाहरण से समझो
मान लो एक भर्ती में 100 पद हैं। 87:13 के रास्ते पर 87 पदों की लिस्ट निकल सकती है। बाकी 13 पद होल्ड रहेंगे। होल्ड वाले 13 में OBC और अनारक्षित दोनों के नाम प्रोविजनल लिस्ट में हो सकते हैं। प्रोविजनल का मतलब अस्थायी लिस्ट है। फैसला आने के बाद डिपार्टमेंट देखेगा कि पत्र किसे जाए। 87 में नाम है, तो पत्र आ सकता है। 13 में नाम है, तो इंतजार है। दोनों लिस्ट एक नहीं हैं।
जनगणना वाला कॉलम इस भर्ती से अलग है। देश में लोग फॉर्म पर OBC का अलग कॉलम माँग रहे हैं, ताकि आबादी का नंबर साफ आए। मध्य प्रदेश की 27 वाली लड़ाई नौकरी के नोटिस और कोर्ट की है। कॉलम जुड़ने से होल्ड पद का पत्र अपने आप नहीं निकलेगा। पत्र पोर्टल पर रोल नंबर से आता है।
क्रीमी लेयर भी यहीं मत मिलाओ। क्रीमी लेयर इनकम की लिमिट है। 8 लाख वाली खबर अलग पेज की है। 27 परसेंट का नोटिस क्रीमी लेयर खत्म नहीं करता। नाम लिस्ट में है या नहीं, यह स्टेट की OBC लिस्ट और क्रीमी लेयर दोनों से देखा जाता है।
पढ़ाई वाली सीट पर भी यही फर्क है। कॉलेज का एडमिशन नोटिस देखो, उस साल का रिजर्वेशन चार्ट देखो। 2019 का 27 अपने आप हर कॉलेज की सीट पर लागू नहीं माना जाता, जब तक उस नोटिस में 27 लिखा न हो। होल्ड वाला रिजल्ट जॉब और एडमिशन दोनों में इंतजार है, कटऑफ फेल नहीं।
पुराना रिजल्ट नए नोटिस से मत मिलाओ। जिस साल एग्जाम दिया, उसी साल का रिजल्ट देखो।
एडवाइस:
सीधी बात यह है। मध्य प्रदेश में OBC का 27 परसेंट नोटिस 2019 का है, पर भर्ती अभी 87:13 पर है। 87 पर नियुक्ति चली, 13 होल्ड है। होल्ड रद्द नहीं है, और हर पोस्ट पर 27 लागू हो गया यह भी नहीं। रोल नंबर mppsc.mp.gov.in या अपने डिपार्टमेंट की साइट पर उसी एग्जाम में मिलाओ। 87 वाला लेटर, 13 वाला लेटर नहीं है। 51 परसेंट और 4.87 लाख को जनगणना का आंकड़ा न मानो। व्हाट्सऐप की तारीख ऑर्डर नहीं है।