नई पोस्ट की जानकारी WhatsApp पर पाएं:Join करें

चलो दिल्ली 1 नवंबर कौन बुला रहा है

चलो दिल्ली 1 नवंबर कौन बुला रहा है

चलो दिल्ली 1 नवंबर OBC आंदोलन की अगली बड़ी डेट है। OBC का मतलब अन्य पिछड़ा वर्ग है। विजय वडेट्टीवार ने 19 सितंबर को नागपुर में यह क्रम बताया। वे कांग्रेस के MLA हैं, विदर्भ से। आधार 13 सितंबर 2026 को दिल्ली में करीब 65 संगठनों की मीटिंग है। माँग जनगणना फॉर्म में OBC का अलग कॉलम है। डेट का ऐलान है। देश भर का आकार और स्केल अभी जॉइंट मीटिंग में तय होना है। 1 नवंबर को लाखों की भीड़ लिखना जल्दबाजी है।

विज्ञापन

यह 3 अक्टूबर 2026 की स्थिति है। टिकट, पंडाल और अनुमति की लिस्ट इन रिपोर्टों में नहीं है। यह भर्ती का अपॉइंटमेंट लेटर नहीं है।

कौन बुला रहा है

नेशनल हेराल्ड और टाइम्स ऑफ इंडिया ने नागपुर वाली मीटिंग छापी। वडेट्टीवार ने विदर्भ के 11 जिलों के वर्कर्स से कहा कि अलग कॉलम साफ माँग है। आबादी का आंकड़ा नहीं आया, तो सीट और रिजर्वेशन का सवाल और उलझ जाएगा। स्कॉलरशिप समय पर मिले, और जो OBC कोटा अभी है वह घटे नहीं, यह भी उनकी बात में था।

13 सितंबर की दिल्ली मीटिंग में करीब 65 संगठन थे। उसी के बाद कैलेंडर बना। 2 अक्टूबर को तालुका सत्याग्रह। 25 अक्टूबर को जिला मार्च। 1 नवंबर को चलो दिल्ली। 1 नवंबर का पूरा रूप संयुक्त बैठक में तय होना है। यह वडेट्टीवार का अपना वाक्य है। फिक्स रूट और फिक्स भीड़ नहीं।

चलो दिल्ली 1 नवंबर का डाटा पोस्टर। डेट तय, आकार नहीं।
डेट 1 नवंबर है। देश भर का आकार जॉइंट मीटिंग में तय होना है।

माँग कॉलम की है

फॉर्म में SC और ST का कॉलम है। OBC का अलग कॉलम नहीं है। 2011 में जातियाँ हाथ से लिखी गईं, डाटा पढ़ा नहीं जा सका। इसलिए माँग खाली जगह की नहीं, OBC नाम के कॉलम और ड्रॉपडाउन की है। ड्रॉपडाउन का मतलब लिस्ट खुले, गिनती करने वाला सेंट्रल लिस्ट या स्टेट लिस्ट से जाति चुने।

कॉलम और रिजर्वेशन एक चीज नहीं। केंद्र में OBC कोटा 27 परसेंट है। कॉलम जुड़ने से 27 अपने आप नहीं बढ़ेगा। नंबर साफ होगा, तब सरकार और कोर्ट के पास आंकड़ा होगा। 1 नवंबर का मार्च कोटा बढ़ाने का ऑर्डर नहीं है।

क्या तय नहीं है

तारीख तय है। ट्रेन का कोटा, पंडाल, रूट और परमिट इन खबरों में नहीं छपा। व्हाट्सऐप पर «पूरा देश दिल्ली पहुँचेगा» लिखा हो, तो उसे संगठन का फिक्स प्लान न मानो। 20 सितंबर को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में OBC महासभा की अलग मीटिंग हुई थी। धर्मेंद्र कुशवाहा ने कहा था कि अगले पार्लियामेंट सेशन से पहले कॉलम नहीं आया, तो जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट होगा। वह लाइन 1 नवंबर के प्लान से अलग बयान है। दोनों को एक भीड़ मत बनाओ।

विज्ञापन

झारखंड में 6 अक्टूबर के जाम का ऐलान लोकल है। खूंटी, गुमला, रांची, सिमडेगा, लोहरदगा। वह चलो दिल्ली का रिहर्सल नहीं। 7 अक्टूबर का धरना भी लोकल प्रोग्राम है।

यह लेटर वाली खबर नहीं

मध्य प्रदेश की 27 परसेंट होल्ड भर्ती दूसरी कहानी है। वहाँ पत्र डिपार्टमेंट के ऑर्डर पर आता है। महाराष्ट्र का कुणबी सर्टिफिकेट अलग है। बंगाल का सर्टिफिकेट केस अलग है। यूपी की 68500 शिक्षक भर्ती की 40 परसेंट पास माँग अलग है। 1 नवंबर का मार्च इनमें से किसी का रिजल्ट नहीं बदलेगा।

इसी लाइन के पेज यहाँ हैं। अलग कॉलम, वडेट्टीवार क्या बोल रहे हैं, आज का आंदोलन और 6 अक्टूबर का जाम।

उदाहरण से समझो

मान लो नागपुर से एक बस का ऐलान है। डेट 1 नवंबर है। सीट लिस्ट और परमिट अभी नहीं। ऐलान मार्च का है, टिकट कन्फर्म नहीं। दिल्ली पहुँचना कॉलम जुड़ जाना नहीं है। कॉलम तब जुड़ा मानो, जब जनगणना दफ्तर का नोटिस आए। भीड़ का नंबर तब मानो, जब कोई आधिकारिक काउंट आए। अभी दोनों नहीं हैं।

जो नंबर रिपोर्ट में था, वही यहाँ है। 1 नवंबर। 13 सितंबर। करीब 65 संगठन। विदर्भ के 11 जिले। 2 अक्टूबर और 25 अक्टूबर। भीड़ का नंबर नहीं। टिकट की लिस्ट नहीं।

स्कूल या दफ्तर की छुट्टी इस ऐलान से नहीं मिलती। 1 नवंबर को दिल्ली में छुट्टी है या नहीं, यह दिल्ली का ऑर्डर बताएगा। अपने जिले का मार्च 25 अक्टूबर वाला प्रोग्राम है, 1 नवंबर वाला नहीं।

उस दिन क्या समझें

1 नवंबर रविवार है या नहीं, यह कैलेंडर से देखो। ऐलान मार्च का है। दिल्ली प्रशासन की परमिशन अलग पेपर है। परमिशन नहीं छपी, तो रूट फिक्स न मानो। अपने जिले से बस निकलती है या नहीं, यह लोकल कमिटी बताएगी। नागपुर वाला ऐलान हर जिले की बस नहीं है।

विज्ञापन

कॉलम की माँग और रिजर्वेशन का परसेंट अलग रखो। केंद्र में OBC 27 परसेंट है। क्रीमी लेयर 8 लाख है। दोनों इस मार्च से नहीं बदलते। मार्च नंबर माँगने का तरीका है। नंबर जनगणना दफ्तर छापेगा। छापे, तब कोटा की बात नई होगी। अभी नई नहीं है।

फॉरवर्ड पर टिकट का QR या «सीट कन्फर्म» आए, तो संगठन के नाम और डेट मिलाओ। नाम नहीं है, तो पेमेंट मत करो। यह लेख टिकट नहीं बेचता।

एक और फर्क। 2 अक्टूबर का सत्याग्रह गांधी जयंती पर रखा गया था। भंडारा में वह दिखा। 25 अक्टूबर जिला मार्च है। 1 नवंबर दिल्ली है। तीन डेट एक प्रोग्राम नहीं हैं। अपने शहर में क्या है, लोकल पोस्टर से देखो, दिल्ली वाले ऐलान से नहीं।

यलो कैप और यलो स्कार्फ 20 सितंबर की दिल्ली मीटिंग में दिखा था। वह रंग संगठन का निशान बताया गया। रंग देखकर भीड़ का नंबर मत गिनो।

रोल नंबर वाला अभ्यर्थी इस मार्च से रिजल्ट चेक न करे। रिजल्ट mppsc या अपने बोर्ड की साइट पर है। दिल्ली कूच का ऐलान भर्ती पोर्टल नहीं है। नाम OBC लिस्ट में है या नहीं, स्टेट की लिस्ट से मिलाओ।

ग्रुप में सीट का रेट आए, तो पैसे मत भेजो। आधिकारिक नाम और डेट बिना पेमेंट फ्रॉड हो सकता है।

एडवाइस:

सीधी बात यह है। 1 नवंबर को चलो दिल्ली का ऐलान है। बुला रहे हैं विजय वडेट्टीवार, 13 सितंबर की करीब 65 संगठनों की मीटिंग के आधार पर। माँग जनगणना में OBC का अलग कॉलम है। डेट तय है। देश भर का आकार जॉइंट मीटिंग में तय होना है। लाखों की भीड़ अभी न मानो। टिकट और अनुमति की खबर आए, तब रूट देखो। यह मार्च रोल नंबर पर अपॉइंटमेंट लेटर नहीं देगा। कॉलम जुड़ गया, यह तभी मानो जब सरकारी नोटिस दिखे।

विज्ञापन

न्यूज़ और ट्रेंडिंग के फ्री टूल

सभी देखें →

🗓️ आज का इतिहास — 15 अक्टूबर

  • 2003। चीन ने अपने पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष यान 'शेंझोउ 5' को सफलतापूर्वक लॉन्च किया, जिससे वह अंतरिक्ष में पहुंचने वाला तीसरा देश बना।
  • 1997। भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म: इन्होंने भारत के मिसाइल कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
  • 1990। सोवियत संघ के अंतिम नेता मिखाइल गोर्बाचेव को शीत युद्ध समाप्त करने के प्रयासों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
पूरी जानकारी ›
Vivek Hardaha Written by: Writer, YouTuber and tool builder · Madhya Pradesh

Vivek has been online since 2012 and has worked since 2014 across YouTube, blogs and news platforms. He holds an M.Sc. in Computer Science and an M.A. in Sociology. On Vista Hub he writes practical, plain-language guides on tech, money, health, farming and festivals.

Vista Hub अब WhatsApp पर नई पोस्ट और फ्री टूल्स की अपडेट सीधे WhatsApp पर पाएं। Join करें →

🆕 मिलती-जुलती पोस्ट

🆕 नई पोस्ट

सब देखें →