विजय वडेट्टीवार OBC आंदोलन में एक नाम हैं, अकेले चेहरा नहीं। OBC का मतलब अन्य पिछड़ा वर्ग है। वे कांग्रेस के MLA हैं, विदर्भ से। 20 सितंबर 2026 को नागपुर में विदर्भ के 11 जिलों के पदाधिकारियों से कहा कि जाति जनगणना में OBC का अलग कॉलम साफ माँग है। आबादी का आंकड़ा नहीं निकला, तो सीट और रिजर्वेशन का सवाल गंभीर होगा। स्कॉलरशिप समय पर मिले, और जो कोटा अभी है वह घटे नहीं, यह भी उनकी बात में था।
यह 3 अक्टूबर 2026 की स्थिति है। बयान संगठन और खबर का है। कोर्ट का फैसला नहीं। 1 नवंबर का आकार अभी जॉइंट मीटिंग पर छोड़ा है।
उन्होंने क्या बताया
कैलेंडर तीन डेट का है। 2 अक्टूबर को तालुका सत्याग्रह, गांधी जयंती और शास्त्री जयंती पर। 25 अक्टूबर को जिला मार्च। 1 नवंबर से चलो दिल्ली। प्लान 13 सितंबर 2026 की दिल्ली मीटिंग पर टिका है। उस मीटिंग में करीब 65 संगठन थे। 1 नवंबर का देश भर का रूप संयुक्त बैठक में तय होना है। यह उनका अपना वाक्य है। फिक्स भीड़ नहीं।
नेशनल हेराल्ड और टाइम्स ऑफ इंडिया ने नागपुर वाली मीटिंग छापी। रिपोर्टों में मीटिंग 19 या 20 सितंबर के आसपास लिखी गई। इस पेज पर 20 सितंबर रखा है, क्योंकि यही डेट इस खबर की लाइन में है। दोनों डेट एक ऑर्डर नहीं। ऐलान का मतलब है।

माँग कॉलम की है
फॉर्म में SC और ST का कॉलम है। OBC का अलग कॉलम नहीं। 2011 में जातियाँ हाथ से लिखी गईं, डाटा पढ़ा नहीं जा सका। इसलिए माँग OBC नाम के कॉलम और ड्रॉपडाउन की है। ड्रॉपडाउन से गिनती करने वाला लिस्ट से जाति चुने, खुद न लिखे। कॉलम जुड़ने से केंद्र का 27 परसेंट अपने आप नहीं बढ़ेगा। 27 नौकरी और कॉलेज का हिस्सा है। कॉलम आबादी का नंबर है।
वडेट्टीवार कह रहे हैं कि नंबर नहीं आया तो प्रतिनिधित्व उलझ जाएगा। यह उनका तर्क है। 51 परसेंट या 70 परसेंट उनकी इस मीटिंग का छपा आंकड़ा नहीं है। 51 मध्य प्रदेश का हलफनामा है। 70 हजारीबाग मोर्चे का दावा है। दोनों को वडेट्टीवार का नंबर मत बनाओ।
एक चेहरा नहीं
झारखंड में केंद्रीय पिछड़ी जाति संघर्ष समिति अलग नाम है। 6 अक्टूबर को खूंटी, गुमला, रांची, सिमडेगा और लोहरदगा में जाम का ऐलान है। वह वडेट्टीवार का नागपुर प्रोग्राम नहीं। महाराष्ट्र में लक्ष्मण हाके कुणबी सर्टिफिकेट वाले मोर्चे पर हैं। 22,20,577 उनका दावा है, सरकारी टेबल नहीं। जरांगे की माँग वंशावली से OBC कोटा है। वडेट्टीवार की माँग जनगणना कॉलम है। दोनों एक झगड़ा नहीं।
20 सितंबर को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में OBC महासभा की अलग मीटिंग हुई। धर्मेंद्र कुशवाहा ने अगले पार्लियामेंट सेशन से पहले कॉलम नहीं आया तो जंतर-मंतर की बात कही। वह लाइन वडेट्टीवार के 1 नवंबर से अलग बयान है।
यह लेटर नहीं देगा
मध्य प्रदेश की 87:13 होल्ड भर्ती डिपार्टमेंट के ऑर्डर से चलती है। बंगाल का सर्टिफिकेट केस हाईकोर्ट की टिप्पणी है। यूपी की 68500 शिक्षक भर्ती की 40 परसेंट पास माँग बोर्ड की टेबल है। वडेट्टीवार का भाषण इनमें से किसी का रिजल्ट नहीं बदलता। रोल नंबर अपने पोर्टल पर मिलाओ।
इसी लाइन के पेज यहाँ हैं। चलो दिल्ली 1 नवंबर, अलग कॉलम, आज का आंदोलन और मराठा और OBC।
उदाहरण से समझो
नागपुर में भाषण हुआ। 11 जिलों के पदाधिकारी थे। इसका मतलब 11 जिलों की बस 1 नवंबर को कन्फर्म नहीं। डेट बताई गई है। सीट लिस्ट नहीं। भंडारा में 2 अक्टूबर का सत्याग्रह दिखा, वह तालुका प्रोग्राम था। 25 अक्टूबर जिला मार्च है। 1 नवंबर दिल्ली है। तीन डेट एक दिन नहीं हैं।
जो नंबर रिपोर्ट में था, वही यहाँ है। 20 सितंबर। 11 जिले। 13 सितंबर। करीब 65 संगठन। 2 अक्टूबर, 25 अक्टूबर, 1 नवंबर। भीड़ का नंबर नहीं। टिकट की लिस्ट नहीं।
स्कूल की छुट्टी इस भाषण से नहीं मिलती। 2 अक्टूबर बीत चुका है। 25 अक्टूबर अपने जिले का मार्च है। 1 नवंबर दिल्ली है। तीनों का पोस्टर अलग पढ़ो। यलो स्कार्फ रंग है, भीड़ का नंबर नहीं।
भाषण और ऑर्डर में फर्क
नागपुर का भाषण ऐलान है। गजट नहीं। कॉलम जोड़ने का नोटिस जनगणना दफ्तर या मंत्रालय जारी करता है। वडेट्टीवार उस दफ्तर के अफसर नहीं हैं। उनका वाक्य माँग है। माँग पूरी हुई या नहीं, नोटिस से देखो। 13 सितंबर की 65 संगठनों वाली मीटिंग भी ऐलान का आधार है। 65 करीब है। हाजरी की आधिकारिक लिस्ट इन रिपोर्टों में नहीं है।
फॉर्म भरने वाले के लिए अलग लाइन है। सेंट्रल जॉब में सेंट्रल OBC लिस्ट और नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट देखो। स्टेट जॉब में स्टेट लिस्ट देखो। कॉलम की माँग इन कागजों को नहीं बदलती। 8 लाख की क्रीमी लेयर लिमिट 2017 से है। मार्च 2026 में सरकार ने कहा, बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं। यह भाषण उस लिमिट को 15 लाख नहीं बनाता।
भंडारा में 2 अक्टूबर को सत्याग्रह दिखा। वह तालुका प्रोग्राम का लोकल रूप था। दिल्ली का पूरा प्लान उसका रिजल्ट नहीं है। 25 अक्टूबर को अपने जिले का पोस्टर देखो। नाम वडेट्टीवार का हो या कमिटी का, डेट और जगह लिखी हो तभी मानो।
रोल नंबर वाला अभ्यर्थी इस भाषण से रिजल्ट न देखे। रिजल्ट अपने बोर्ड की साइट पर है। नाम लिस्ट में है या नहीं, स्टेट OBC लिस्ट से मिलाओ। फॉरवर्ड पर 1 नवंबर की सीट बिके, तो पैसे मत भेजो।
11 जिले विदर्भ के हैं। पूरे महाराष्ट्र की बंद इस ऐलान में नहीं है। अपने जिले का नाम पोस्टर पर हो, तभी लोकल प्रोग्राम मानो।
कॉलम की माँग और कुणबी सर्टिफिकेट एक वाक्य में मत मिलाओ। कागज तहसील से बनता है, भाषण से नहीं।
एडवाइस:
सीधी बात यह है। वडेट्टीवार कांग्रेस MLA हैं। 20 सितंबर को नागपुर में उन्होंने OBC कॉलम की माँग बताई। कैलेंडर 2 अक्टूबर, 25 अक्टूबर और 1 नवंबर का है। 1 नवंबर का आकार जॉइंट मीटिंग पर है। वे अकेले नेता नहीं हैं। झारखंड का जाम और महाराष्ट्र का कुणबी सर्टिफिकेट अलग मोर्चा है। यह भाषण अपॉइंटमेंट लेटर नहीं देगा। लाखों की भीड़ अभी न मानो। ग्रुप में सीट का रेट आए, तो पैसे मत भेजो। कॉलम जुड़ा, तभी मानो जब सरकारी नोटिस दिखे।