ओबीसी आंदोलन आज क्यों हो रहा है

ओबीसी आंदोलन आज क्यों हो रहा है

OBC आंदोलन आज इसलिए हो रहा है क्योंकि लोग जनगणना के फॉर्म में अपना अलग कॉलम माँग रहे हैं। OBC का मतलब है अन्य पिछड़ा वर्ग। SC और ST का कॉलम फॉर्म में पहले से है। OBC वाले कह रहे हैं कि उनका अलग कॉलम नहीं है। जब काउंट साफ नहीं होगा, तब नौकरी और कॉलेज में कितना रिजर्वेशन मिले, यह बात भी अधूरी रहेगी।

विज्ञापन

यह 3 अक्टूबर 2026 की खबर है। डेट और बयान अखबारों में छपे हैं। पूरे देश में कितने लोग सड़क पर निकले, यह सरकार ने नहीं बताया।

आज सड़क पर क्या हो रहा है

प्रभात खबर ने झारखंड के गढ़वा का प्रोग्राम लिखा। राष्ट्रीय OBC मोर्चा के जिला अध्यक्ष शुभम गुप्ता ने बताया कि शाम 4 बजे टाउन हॉल से मार्च निकलेगा। मार्च रंका मोड़ तक जाएगा। वहाँ सरकारी नोटिफिकेशन का पुतला जलाया जाएगा। माँग दो बातों की है। फॉर्म में OBC का अलग कॉलम जुड़े। गिनती के बाद आंकड़ा छपे।

एक दिन पहले, 2 अक्टूबर को महाराष्ट्र के भंडारा में जिला दफ्तर के सामने सत्याग्रह हुआ। लोकमत ने OBC संघर्ष समिति और सकल OBC महामोर्चा का यह प्रोग्राम लिखा। वहाँ सिर्फ कॉलम की बात नहीं थी। लोग ड्रॉपडाउन मेन्यू भी माँग रहे थे। मतलब गिनती करने वाला जाति का नाम खुद न लिखे। लिस्ट खुले, और उसमें से जाति चुने। वरना 2011 वाली गड़बड़ फिर हो सकती है। संगठनों ने यह भी कहा कि कॉलम नहीं मिला तो वे जनगणना में शामिल न होने की बात करेंगे।

कॉलम और रिजर्वेशन एक चीज नहीं है

बहुत लोग दोनों को मिला देते हैं। रिजर्वेशन नौकरी और कॉलेज में दिया गया हिस्सा है। केंद्र में OBC का कोटा 27 परसेंट है। कई राज्यों का अपना परसेंट है। जनगणना वह काउंट है जिससे पता चले कि इस क्लास में कितने लोग हैं।

आज की माँग कोटा बढ़ाने का फैसला नहीं है। माँग यह है कि काउंट साफ हो। काउंट साफ हुआ, तब सरकार के पास नंबर होगा। नंबर नहीं है, तो हर पक्ष अपना आंकड़ा बताता रहता है। विजय वडेट्टीवार ने नागपुर में यही कहा। आबादी का आंकड़ा नहीं आया, तो सीट और रिजर्वेशन का सवाल और उलझ जाएगा। वे कांग्रेस के MLA हैं, विदर्भ से।

विज्ञापन

2011 में क्या हुआ था

2011 में सोशल और इकोनॉमिक जनगणना के साथ जातियाँ भी लिखी गई थीं। नाम इतने अलग-अलग तरीके से लिखे गए कि डाटा पढ़ा नहीं जा सका। फॉरवर्ड प्रेस ने 20 सितंबर 2026 की दिल्ली मीटिंग पर यही बात लिखी। इसलिए इस बार लोग खाली कॉलम नहीं माँग रहे। वे OBC नाम का कॉलम माँग रहे हैं, और उसके अंदर सेंट्रल लिस्ट और स्टेट लिस्ट से जाति चुनने का तरीका।

मंडल कमीशन के बाद OBC की पहचान कानून में है। फिर भी हर 10 साल की जनगणना में उनका अलग कॉलम नहीं रहा। रिपोर्टों में कहा गया है कि 2027 की जनगणना की गिनती ठंडे पहाड़ी राज्यों से शुरू हो चुकी है। 3 अक्टूबर तक इन खबरों में ऐसा कोई नया सरकारी पेपर नहीं दिखा, जिसमें OBC का कॉलम जोड़ दिया गया हो।

कौन क्या बोल रहा है

13 सितंबर को दिल्ली में करीब 65 OBC संगठनों की मीटिंग हुई। उसके बाद यह कैलेंडर बना। 19 सितंबर को वडेट्टीवार ने नागपुर में विदर्भ के 11 जिलों के वर्कर्स से कहा कि अलग कॉलम साफ माँग है। उन्होंने स्कॉलरशिप समय पर देने की बात भी कही। और यह भी कहा कि जो OBC रिजर्वेशन अभी है, वह घटे नहीं। नेशनल हेराल्ड और टाइम्स ऑफ इंडिया ने यह सीक्वेंस छापा।

20 सितंबर को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में OBC महासभा की मीटिंग हुई। लोग यलो कैप और यलो स्कार्फ में थे। छत्तीसगढ़ यूनिट के प्रेसिडेंट राधेश्याम साहू ने कहा कि जातियाँ अलग-अलग हैं, पर कानून में पहचान एक है। एडवोकेट धर्मेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अगला पार्लियामेंट सेशन आने से पहले कॉलम नहीं जुड़ा, तो जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट होगा। ये बयान हैं। अभी कोई कोर्ट का फैसला नहीं है।

विज्ञापन

आगे कौन सी डेट है

2 अक्टूबर को तालुका लेवल का सत्याग्रह रखा गया था, क्योंकि वह गांधी जयंती और शास्त्री जयंती थी। भंडारा में यह प्रोग्राम दिखा। 25 अक्टूबर को जिला मार्च की बात है। 1 नवंबर को दिल्ली मार्च है। 1 नवंबर का पूरा फॉर्म अभी जॉइंट मीटिंग में तय होना है। झारखंड में 6 अक्टूबर को चक्का जाम का ऐलान भी है। स्कूल बंद होगा या नहीं, यह जिले का ऑर्डर बताएगा।

इसी लाइन के पेज यहाँ हैं। अलग कॉलम की माँग, वडेट्टीवार क्या बोल रहे हैं, 1 नवंबर चलो दिल्ली और 6 अक्टूबर का जाम।

उदाहरण से समझो

मान लो एक गाँव में यादव, कुर्मी, लोहार और बढ़ई फैमिली हैं। सब OBC लिस्ट में हो सकते हैं। काउंट करने वाला अगर नाम खुद लिखे, तो एक घर पर कुर्मी लिखेगा, दूसरे पर कुर्मी यादव, तीसरे पर सिर्फ किसान। बाद में तीनों एक नंबर नहीं बनते। ड्रॉपडाउन से चुनने पर ये नाम एक जगह जुड़ते हैं। तभी स्टेट कह सकता है कि OBC में इतने लोग हैं। उसी नंबर पर नौकरी का परसेंट और कॉलेज की सीट की बात खड़ी होती है।

यह जॉब लेटर वाली खबर नहीं है

आज की सड़क जनगणना के कॉलम पर है। मध्य प्रदेश में 27 परसेंट और होल्ड भर्ती दूसरी खबर है। वहाँ 2019 का नोटिस है, और अपॉइंटमेंट लेटर डिपार्टमेंट के ऑर्डर पर आता है। महाराष्ट्र में कुणबी सर्टिफिकेट और मराठा रिजर्वेशन का झगड़ा अलग है। यूपी की टीचर भर्ती अलग है। बंगाल का सर्टिफिकेट केस भी अलग है। एक दिन का मार्च इन केस का फैसला नहीं है।

जो नंबर अखबार में था, वही यहाँ है। दिल्ली की मीटिंग में करीब 65 संगठन। नागपुर की मीटिंग में विदर्भ के 11 जिले। डेट 2 अक्टूबर, 25 अक्टूबर और 1 नवंबर। पूरे देश की भीड़ का एक नंबर किसी रिपोर्ट में नहीं था।

एडवाइस:

सीधी बात यह है। आज लोग इसलिए निकल रहे हैं क्योंकि जनगणना के फॉर्म में OBC का अलग कॉलम नहीं है। वे चाहते हैं कि उनकी गिनती साफ छपे, क्योंकि उसी गिनती से नौकरी और कॉलेज का रिजर्वेशन जुड़ा है। यह मार्च आपके रोल नंबर पर अपॉइंटमेंट लेटर नहीं देगा। व्हाट्सऐप पर लाखों की भीड़ या «कॉलम जुड़ गया» लिखा हो, तो उसे सरकारी पेपर न मानो। सड़क या स्कूल बंद है या नहीं, अपने जिले के ऑर्डर से देखो। नाम OBC लिस्ट में है या नहीं, यह स्टेट की लिस्ट से मिलाओ।

विज्ञापन

News के फ्री टूल

सभी देखें →

🆕 मिलती-जुलती पोस्ट

जंतर-मंतर आंदोलन 2 अक्टूबर 2026: क्यों हुआ प्रदर्शन, क्या है हिरासत का आंकड़ा? जंतर-मंतर आंदोलन 2 अक्टूबर 2026: क्यों हुआ प्रदर्शन, क्या है हिरासत का आंकड़ा? News लॉरेंस बिश्नोई कौन है? पृष्ठभूमि, प्रमुख मामले और जेल की जानकारी News जगन मोहन रेड्डी को किस फैसले पर पछतावा? चुनाव आयुक्त नियुक्ति और CJI वाली मांग समझें जगन मोहन रेड्डी को किस फैसले पर पछतावा? चुनाव आयुक्त नियुक्ति और CJI वाली मांग समझें News लाल हिट जनता पार्टी क्या है? अयान भटनागर कौन हैं और CJP का विरोध क्यों? लाल हिट जनता पार्टी क्या है? अयान भटनागर कौन हैं और CJP का विरोध क्यों? News
विज्ञापन
नवरात्रि व्रत प्रेग्नेंसी और शुगर में: जोखिम, भोजन और डॉक्टर से पूछने वाले सवाल नवरात्रि व्रत प्रेग्नेंसी और शुगर में: जोखिम, भोजन और डॉक्टर से पूछने वाले सवाल News पीरियड्स में नवरात्रि व्रत और पूजा: मान्यता, कमजोरी और जरूरी सावधानियाँ पीरियड्स में नवरात्रि व्रत और पूजा: मान्यता, कमजोरी और जरूरी सावधानियाँ News 2022 कैसा रहा? पुराने साल की समीक्षा, सीख और आगे की योजना 2022 कैसा रहा? पुराने साल की समीक्षा, सीख और आगे की योजना News फिल्म एक्टर्स को कोरोना क्यों हुआ? फिल्म सेट, संपर्क और संक्रमण का जोखिम फिल्म एक्टर्स को कोरोना क्यों हुआ? फिल्म सेट, संपर्क और संक्रमण का जोखिम News
विज्ञापन
Vivek Hardaha Written by: Writer, YouTuber and tool builder · Madhya Pradesh

Vivek has been online since 2012 and has worked since 2014 across YouTube, blogs and news platforms. He holds an M.Sc. in Computer Science and an M.A. in Sociology. On Vista Hub he writes practical, plain-language guides on tech, money, health, farming and festivals.

कैसे बना: ड्राफ्ट में AI की मदद ली गई; स्रोत, आँकड़े और भाषा विवेक हरदहा ने जाँचे। कोई गलती दिखे तो हमें बताएँ।

Vista Hub अब WhatsApp पर नई पोस्ट और फ्री टूल्स की अपडेट सीधे WhatsApp पर पाएं। Join करें →

🆕 नई पोस्ट

सब देखें →