बोले गए वाक्य अखबार की रिपोर्ट हैं। अदालत का अंतिम आदेश अलग है। कानूनी सलाह नहीं। 3 अक्टूबर 2026।
विश्वास सारंग ने राहुल गांधी के ओबीसी पत्र पर पलटवार किया, यह 24 सितंबर 2026 की खबर है। नवभारत टाइम्स के मुताबिक सारंग ने कहा कि सरकार ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत देने के लिए कटिबद्ध है, कोर्ट में कांग्रेस ने पक्ष ठीक ढंग से नहीं रखा, और आरक्षण रोकने का पाप कमलनाथ सरकार ने किया। उन्होंने राहुल से चिट्ठी अक्षरशः पढ़कर वीडियो डालने को कहा, और कहा कि पढ़ लें तो इनाम देंगे। यह बयान है, भर्ती बोर्ड का आदेश नहीं।
पत्र में क्या मांगा गया था
राहुल गांधी ने 22 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा। इंदौर के छात्रों की गूंज का हवाला था। पत्र कहता है कि 87:13 के तहत 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर चयनित अभ्यर्थी 2022 से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। मांग नियुक्ति पत्र की थी। सारंग का जवाब उस मांग पर सरकार का पक्ष है, पत्र जारी होने की तारीख नहीं। राहुल गांधी का पत्र अलग पेज पर है।
27 देने की बात और 27 लागू होना अलग है
2019 में ओबीसी हिस्सा 14 से 27 किया गया था, कमलनाथ सरकार के समय। सारंग का आरोप है कि रोकने का पाप उसी सरकार ने किया। बढ़ाया किसने और रोका किसने, यह राजनीतिक दावा है। अदालत में बढ़ोतरी पर रोक की खबरें हैं, और भर्ती 87:13 पर चली। 13 प्रतिशत होल्ड रहा। होल्ड का मतलब रद्द नहीं है। 27 प्रतिशत लागू हुआ या नहीं और 87:13 फॉर्मूला इसी कड़ी में हैं।
इनाम वाली चुनौती फैसला नहीं है
चिट्ठी पढ़ने पर इनाम देने वाली बात प्रेस वाला वाक्य है। इससे होल्ड सूची नहीं खुलती, और रोल नंबर पर पत्र नहीं चढ़ता। 50 प्रतिशत की सीमा वाला केस भी इसी बयान से तय नहीं होता। 50 प्रतिशत की सीमा और नियुक्ति पत्र कब मिलेगा अलग सवाल हैं।
एडवाइस:
सारंग का बयान और राहुल का पत्र, दोनों को आदेश न मानें। होल्ड पद का पत्र एमपीपीएससी, कर्मचारी चयन मंडल या अपने विभाग की साइट पर रोल नंबर से आता है। इनाम वाली चुनौती और व्हाट्सऐप क्लिप नियुक्ति नहीं है। 27 प्रतिशत की प्रतिबद्धता वाला वाक्य तब तक पत्र नहीं है, जब तक पोर्टल पर आदेश न चढ़े।