संपादकीय चित्रण है, घटना की असली फोटो नहीं। आरोप विपक्ष और प्रदर्शनकारियों के हैं। चुनाव आयोग ने हेराफेरी से इनकार किया है। कानूनी सलाह नहीं। स्थिति 3 अक्टूबर 2026 सुबह की।
वोटर लिस्ट से नाम कटा तो कैसे जोड़ें, यह 2 अक्टूबर 2026 के बाद सबसे काम का सर्च बन गया। नारा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगता है। घर पर सवाल दूसरा है। नाम सूची में है या नहीं, और नहीं है तो फॉर्म कौन सा है।
2 अक्टूबर को आयोग ने क्या कहा
जिन राज्यों में SIR पूरा हो चुका है, वहां चुनाव आयोग ने विशेष अभियान का आदेश दिया। रिपोर्टों में 20 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश गिने गए। बूथ लेवल अधिकारी पुरानी और नई सूची मिलाएंगे। जिसका नाम पहले था और अब नहीं है, उसके घर जाएंगे। पात्र हुआ तो फॉर्म 6 भरने में मदद करेंगे। एक BLO से हफ्ते में 20 से 25 ऐसे वोटर कवर करने को कहा गया है, ताकि काम करीब एक महीने में हो।
SIR के दौरान फॉर्म 6 के साथ अतिरिक्त घोषणा मांगी जा रही थी। आयोग ने कहा जहां पुनरीक्षण पूरा हो गया, वहां सामान्य वैधानिक फॉर्म 6 चलेगा, वह अतिरिक्त घोषणा नहीं। अंतिम फैसला ERO का है, BLO का नहीं। कानून 1950 का जनप्रतिनिधित्व कानून और 1960 के रजिस्ट्रेशन नियम हैं।
फॉर्म 6 किसके लिए है
फॉर्म 6 नया नाम जोड़ने के लिए है। पहली बार वोटर बन रहे युवा भी इसी रास्ते आते हैं। उम्र 18 पूरी होनी चाहिए। पता उसी बूथ का होना चाहिए। SIR में नाम कटने के बाद दोबारा जुड़ना भी कई राज्यों में अब फॉर्म 6 से बताया जा रहा है, क्योंकि पुराना नाम अपने आप वापस नहीं आता। शिफ्टिंग और सुधार के पुराने फॉर्म अलग हैं। अपने राज्य के CEO पेज पर फॉर्म नंबर मिला लें। अनुमान से फॉर्म न भरें।
ऑनलाइन रास्ता voters.eci.gov.in है। EPIC नंबर हो तो खोज आसान है। नंबर न हो तो नाम, रिश्तेदार का नाम और उम्र से बूथ खोजें। फोटो और पते का सबूत मांगा जा सकता है। आधार अनिवार्य है या नहीं, यह राज्य और फॉर्म के निर्देश पर निर्भर करता है। जबरदस्ती का मैसेज आए तो BLO के कागज पर भरोसा करें, व्हाट्सएप फॉरवर्ड पर नहीं।
नाम कटा किसलिए हो सकता है
आयोग के बताए कारण मृत, दूसरे पते पर चला गया, एक से ज्यादा जगह नाम, या SIR में मैप न होना। विपक्ष कहता है गरीब, किराए पर रहने वाले, दलित, आदिवासी और मुस्लिम वोटर ज्यादा कटे। दोनों बातें एक साथ सच हो सकती हैं। मृत नाम हटना सफाई है। जिंदा वोटर का नाम बिना नोटिस कटना शिकायत है। शिकायत का रास्ता फॉर्म और ERO है, सोशल मीडिया पोस्ट नहीं।
13 करोड़ वाले आंकड़े की पूरी कथा यहां है: SIR में 13 करोड़ नाम। वोट चोरी शब्द का मतलब अलग लेख में है: वोट चोरी क्या है।
घर पर क्या रखें
पुराना वोटर कार्ड, आधार या पता सूचक, पासपोर्ट साइज फोटो, और अगर हो तो जनवरी 2025 या SIR से पहले की सूची का स्क्रीनशॉट। BLO आए तो रसीद लें। आवेदन नंबर लिखें। ERO मना करे तो लिखित कारण मांगें। अपील का समय सीमित होता है। तारीख निकल गई तो नया फॉर्म 6 फिर भी दाखिल हो सकता है, यह राज्य के आदेश पर है।
किसी पार्टी का स्टॉल फॉर्म भरने को कहे तो कॉपी अपने पास रखें। नाम जोड़ने का वादा वोट मांगने का वादा नहीं है। आयोग का अभियान पात्रता जांचता है, पार्टी का बूथ एजेंट नहीं बनता।
लोग क्या पूछ रहे हैं
नाम कट गया, कहां शिकायत करें?
BLO, फिर ERO। ऑनलाइन voters.eci.gov.in। हफ्ते भर में रसीद न मिले तो आवेदन नंबर के साथ CEO कार्यालय।
फॉर्म 6 और फॉर्म 8 में फर्क?
फॉर्म 6 शामिल करने का है। सुधार और स्थानांतरण के फॉर्म अलग हैं। SIR के बाद कई राज्यों में कटा नाम भी फॉर्म 6 से जुड़ रहा है।
क्या जनवरी 2025 की लिस्ट अपने आप लौटेगी?
नहीं। फ्रीज की मांग अलग लेख में है। नाम व्यक्तिगत आवेदन से जुड़ता है।
एडवाइस:
नाम कटा है तो आज voters.eci.gov.in खोलें। इस्तीफे के नारे से सूची नहीं बदलती। फॉर्म की कॉपी और आवेदन नंबर संभालें। यह रास्ता कानूनी प्रक्रिया है, जीत की गारंटी नहीं।
और पढ़ें: जनवरी 2025 लिस्ट फ्रीज, फॉर्म 6 पर आपत्ति।
टाइमलाइन, जो सर्च में बार-बार आएगी
15 मार्च 2024 को ज्ञानेश कुमार निर्वाचन आयुक्त बने। 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त। SIR बिहार से निकला और राज्यों में फैला। 23 सितंबर 2026 को इंडियन एक्सप्रेस ने संधू और जोशी की 14 आपत्तियां छापीं। 24 सितंबर को राहुल गांधी ने देशद्रोह और कानून चोरी वाला वाक्य कहा। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर दिल्ली और मुंबई में इस्तीफे की मांग हुई। 3 अक्टूबर सुबह तक त्यागपत्र नहीं आया। अगली सड़क वाली तारीख 10 अक्टूबर है।
वोटर लिस्ट से नाम कटा तो कैसे जोड़ें? BLO, फॉर्म 6 और ECI लिंक पर दोनों पक्ष
2 अक्टूबर को SIR पूरे राज्यों में विशेष अभियान का आदेश हुआ। विपक्ष और प्रदर्शन इसे साजिश का हिस्सा बताते हैं। चुनाव आयोग इसी बिंदु पर कहता है कि सूची की सफाई, मृत नाम और डुप्लिकेट हटाना उसका काम है। अदालत ने 3 अक्टूबर 2026 तक इस एक बिंदु पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। इसलिए लेख आरोप और इनकार दोनों रखता है।
फॉर्म 6 शामिल करने का फॉर्म है, अंतिम फैसला ERO का है। विपक्ष और प्रदर्शन इसे साजिश का हिस्सा बताते हैं। चुनाव आयोग इसी बिंदु पर कहता है कि सूची की सफाई, मृत नाम और डुप्लिकेट हटाना उसका काम है। अदालत ने 3 अक्टूबर 2026 तक इस एक बिंदु पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। इसलिए लेख आरोप और इनकार दोनों रखता है।
BLO को हफ्ते में 20 से 25 छूटे वोटर कवर करने को कहा गया। विपक्ष और प्रदर्शन इसे साजिश का हिस्सा बताते हैं। चुनाव आयोग इसी बिंदु पर कहता है कि सूची की सफाई, मृत नाम और डुप्लिकेट हटाना उसका काम है। अदालत ने 3 अक्टूबर 2026 तक इस एक बिंदु पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। इसलिए लेख आरोप और इनकार दोनों रखता है।
voters.eci.gov.in ऑनलाइन रास्ता है। विपक्ष और प्रदर्शन इसे साजिश का हिस्सा बताते हैं। चुनाव आयोग इसी बिंदु पर कहता है कि सूची की सफाई, मृत नाम और डुप्लिकेट हटाना उसका काम है। अदालत ने 3 अक्टूबर 2026 तक इस एक बिंदु पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। इसलिए लेख आरोप और इनकार दोनों रखता है।
आगे कौन सा सर्च फूटेगा
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर भीड़ या हिरासत, 8 अक्टूबर के स्थानीय मार्च का आंकड़ा, फॉर्म 6 में नाम जुड़ा या नहीं, और महाभियोग नोटिस एडमिट हुई या नहीं। इस्तीफा तभी लिखें जब आयोग या राष्ट्रपति सचिवालय का नोट आए। नारे को आदेश न बनाएं।
पुरानी कड़ियां: हिरासत, धारा 163, जुलाई बनाम अक्टूबर।