बुखार आया, प्लेटलेट्स तेजी से गिरे और डॉक्टर ने कहा—डेंगू है! हम अक्सर सोचते हैं कि गंदे नाले से मच्छर आया होगा, लेकिन सच तो यह है कि डेंगू पैदा करने वाला एडिस मच्छर आपके घर के ड्राइंग रूम या बालकनी के किसी कोने में ही पला-बढ़ा होता है। इसे पनपने के लिए सिर्फ एक चम्मच साफ पानी चाहिए होता है।
मनी प्लांट की कांच की बोतलें और इंडोर प्लांट्स की ट्रे
हम अपने घर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए बालकनी या लिविंग रूम में मनी प्लांट और अन्य इंडोर प्लांट्स लगाते हैं। कांच की बोतलों में भरा पानी हफ्तों तक नहीं बदला जाता। डेंगू का मच्छर इसी साफ ठहरे पानी का फायदा उठाता है। वह बोतल की अंदरूनी सतह पर अपने बारीक अंडे चिपका देता है, जो ध्यान से देखने पर भी आसानी से नजर नहीं आते।

केवल बोतल का पानी बदल देना ही काफी नहीं होता। जब आप पानी बदलते हैं, तो मच्छर के अंडे बोतल की दीवार से चिपके रह जाते हैं। इसलिए हर हफ्ते पानी बदलते समय बोतल को अंदर से अच्छी तरह रगड़कर साफ करना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, गमलों के नीचे रखी जाने वाली ट्रे (ड्रेनेज ट्रे) में जमा अतिरिक्त पानी भी मच्छर पैदा करने का सबसे बड़ा जरिया बनता है।
कूलर की अंदरूनी ट्रे और बैक-पैनल का जमा पानी
बारिश की शुरुआत होते ही या मौसम बदलते ही हम कूलर का इस्तेमाल बंद कर देते हैं, लेकिन उसमें भरा पानी निकालना भूल जाते हैं। कूलर के नीचे वाले हिस्से में रुका हुआ पानी डेंगू के मच्छरों की नर्सरी बन जाता है। कई बार हम ऊपर से कूलर सुखा देते हैं, मगर उसकी अंदरूनी ट्रे या पैड के पीछे थोड़ा-बहुत पानी जमा रह जाता है।
यह थोड़ा सा नमी वाला माहौल मच्छर के लार्वा (Larva) के लिए बहुत अनुकूल होता है। जब कूलर इस्तेमाल में न हो, तो उसे पूरी तरह सुखाकर उसमें थोड़ा सा पोछा मार दें। अगर पानी निकालना मुमकिन न हो, तो उसमें थोड़ा सा मिट्टी का तेल (Kerosene) या पेट्रोल डाल देना चाहिए, जिससे पानी की सतह पर ऑक्सीजन खत्म हो जाती है और लार्वा सांस न लेने के कारण खत्म हो जाते हैं।
फ्रिज की पीछे वाली डिफ्रॉस्ट ट्रे (Defrost Tray)
यह घर की एक ऐसी जगह है जिस पर 90% लोगों का ध्यान कभी नहीं जाता। हमारे फ्रिज के पीछे नीचे की तरफ एक प्लास्टिक की ट्रे होती है, जिसमें डिफ्रॉस्ट हुआ पानी इकट्ठा होता है। फ्रिज की कंप्रेसर की गर्मी और वहां पड़ा रुका हुआ साफ पानी मच्छरों के छिपने और अंडे देने के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाना बनाता है।
हम पूरा घर चमका देते हैं, लेकिन फ्रिज के पीछे की यह ट्रे महीनों तक अनदेखी रह जाती है। मच्छर यहां बिना किसी परेशानी के अपनी आबादी बढ़ाते रहते हैं। हफ्ते में कम से कम एक बार फ्रिज के पीछे जाकर इस ट्रे को निकालें, इसका पानी फेंकें और इसे साबुन से धोकर सुखाएं।
छत पर पड़े कबाड़, पुराने टायर और नारियल के खोल
घर की छत अक्सर हमारा ‘स्टोर रूम’ बन जाती है। पुराने टूटे गमले, प्लास्टिक के डिब्बे, कबाड़ में पड़े टायर और यहां तक कि पूजा के बाद फेंके गए नारियल के खोल छत के कोनों में जमा रहते हैं। हल्की सी बारिश होते ही इन चीजों में पानी भर जाता है।
टायर के अंदर का घुमावदार हिस्सा पानी को हफ्तों तक सूखने नहीं देता। डेंगू का एडिस मच्छर ऐसे ही छोटे-छोटे जलभराव वाली जगहों की तलाश में रहता है। अगर आपकी छत पर ऐसा कोई कबाड़ पड़ा है, तो उसे तुरंत हटा दें या उल्टा करके रखें ताकि पानी ठहर ही न सके।
एसी (AC) की ड्रेन पाइप का आउटलेट और बाल्टी
गर्मियों और उमस के मौसम में एयर कंडीशनर दिन-रात चलता है। एसी की ड्रेन पाइप से लगातार पानी टपकता रहता है। कई लोग इस पानी को बचाने के लिए नीचे बाल्टी या डिब्बा रख देते हैं। यह पानी पूरी तरह से साफ होता है, जो डेंगू के मच्छर की पहली पसंद है।
जब यह बाल्टी 2-3 दिनों तक भरी रहती है और उस पर कोई ढक्कन नहीं होता, तो मच्छर उसमें आसानी से अंडे दे देते हैं। यदि आप एसी के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो बाल्टी को रोज खाली करें। पाइप को सीधे किसी नाली या पौधे की मिट्टी में डालें जहां पानी जमा होने के बजाय सीधे सोख लिया जाए।
ओवरहेड वॉटर टैंक की खुली ढक्कन और दरारें
छत पर रखी पानी की टंकी अगर ऊपर से सही तरीके से बंद न हो, तो वह पूरे मोहल्ले के लिए डेंगू का कारण बन सकती है। कई बार आंधी या तेज हवा से टंकी का ढक्कन उड़ जाता है या उसमें हल्की दरार आ जाती है।
मच्छर इस बारीक दरार से भी अंदर घुसकर पानी की सतह पर अंडे दे देते हैं। चूंकि टंकी में हजारों लीटर पानी हमेशा रहता है, इसलिए वहां मच्छर बेहद तेजी से पनपते हैं। हर महीने अपनी पानी की टंकी के ढक्कन की जांच करें। सुनिश्चित करें कि ढक्कन एयर-टाइट बंद हो और उसमें कोई छेद न हो।
Vivek Bhai ki Advice
अक्सर हम सोचते हैं कि घर में ऑल-आउट या मॉस्किटो कॉइल लगा लेने से डेंगू से बचाव हो जाएगा। सच तो यह है कि ये ऑल-आउट सिर्फ उड़ते हुए वयस्क मच्छरों को कुछ देर के लिए बेहोश या दूर करते हैं, लेकिन मच्छर पैदा करने वाली जड़ को खत्म नहीं करते। जब तक आप अपने घर के अंदर जमा साफ पानी के ठिकानों को साफ नहीं करेंगे, नए मच्छर रोज पैदा होते रहेंगे।
साइंटिफिक सच्चाई यह है कि डेंगू का मच्छर सुबह के वक्त और शाम को ढलते सूरज के समय सबसे ज्यादा काटता है। यह मच्छर बहुत ऊंचा नहीं उड़ पाता, इसलिए यह ज्यादातर आपके पैरों और एड़ियों पर हमला करता है। अपने घर के छोटे बच्चों को दिन के वक्त भी फुल पैंट और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाना एक बहुत ही व्यावहारिक और असरदार आदत है।
देख भाई, सीधी सी बात है—हर इतवार को सिर्फ 10 मिनट निकालकर अपने घर के इन 6 स्पॉट्स का मुआयना कर लो। फ्रिज के पीछे की ट्रे से लेकर मनी प्लांट की बोतल तक, अगर पानी ठहरा दिखे तो तुरंत हटा दो। थोड़ी सी सावधानी आपको और आपके परिवार को अस्पताल के चक्कर काटने और हजारों रुपये के मेडिकल बिल से आसानी से बचा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
डेंगू का मच्छर किस समय सबसे ज्यादा काटता है?
डेंगू फैलाने वाला एडिस मच्छर मुख्य रूप से दिन के समय काटता है। इसका सबसे ज्यादा असर सुबह सूर्योदय के तुरंत बाद और शाम को सूर्यास्त से कुछ घंटे पहले होता है।
क्या डेंगू का मच्छर गंदे पानी में भी पनप सकता है?
नहीं, डेंगू का मच्छर नालियों या सीवर के गंदे पानी में नहीं पनपता। यह केवल साफ, ठहरे हुए और ताजा पानी में ही अपने अंडे देता है, जैसे कूलर, गमले या बाल्टी का पानी।
पानी में मच्छर के लार्वा दिखें तो क्या करें?
यदि किसी बर्तन या टंकी के पानी में छोटे-छोटे कीड़े तैरते दिखें, तो उस पानी को तुरंत मिट्टी पर बहा दें। उस बर्तन को साबुन से अच्छी तरह रगड़कर धोएं। अगर पानी फेंकना संभव न हो, तो थोड़ा सा केरोसिन या पेट्रोल डाल दें।
डेंगू के मच्छर के काटने के कितने दिन बाद लक्षण दिखते हैं?
डेंगू संक्रमित मच्छर के काटने के 4 से 10 दिनों के अंदर व्यक्ति में तेज बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द और चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
Disclaimer: इस article में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है।