ओम जय जगदीश हरे आरती का फोटो इमेज | Om Jai Jagdish Hare Aarti image Download

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आज हम आपके लिए लेकर आए हैं भगवान शिव शंकर की बहुत ही फेमस आरती ओम जय जगदीश हरे लिरिक्स और इमेज के रूप में इस इमेज को आप आसानी से डाउनलोड करके अपने मोबाइल की गैलरी में सेव कर सकते हैं। और जब जरूरत पड़े तब यूज कर सकते हैं भगवान शिव शंकर की आरती ओम जय जगदीश हरे का पाठ प्रतिदिन करने से भगवान शिव शंकर अपने भक्तों से प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

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ओम जय जगदीश हरे आरती का फोटो – Om Jai Jagdish Hare Aarti image

ओम जय जगदीश हरे आरती का फोटो इमेज | Om Jai Jagdish Hare Aarti image Download
Om Jai Jagdish Hare Aarti image 


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ओम जय जगदीश हरे आरती लिखित में om jai jagdish hare aarti lyrics in hindi

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे ।

भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट,

क्षण में दूर करे ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥


जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का,

स्वामी दुःख बिनसे मन का ।

सुख सम्पति घर आवे, सुख सम्पति घर आवे,

कष्ट मिटे तन का ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥


मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी,

स्वामी शरण गहूं मैं किसकी ।

तुम बिन और न दूजा, तुम बिन और न दूजा,

आस करूं मैं जिसकी ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥


तुम पूरण परमात्मा,तुम अन्तर्यामी,

स्वामी तुम अन्तर्यामी ।

पारब्रह्म परमेश्वर, पारब्रह्म परमेश्वर,

तुम सब के स्वामी ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥


तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता,

स्वामी तुम पालनकर्ता ।

मैं मूरख फलकामी, मैं सेवक तुम स्वामी,

कृपा करो भर्ता॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥


तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति,

स्वामी सबके प्राणपति ।

किस विधि मिलूं दयामय, किस विधि मिलूं दयामय,

तुमको मैं कुमति ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥



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दीन-बन्धु दुःख-हर्ता, ठाकुर तुम मेरे,

स्वामी रक्षक तुम मेरे ।

अपने हाथ उठाओ, अपने शरण लगाओ,

द्वार पड़ा तेरे ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥


विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा,

स्वमी पाप(कष्ट) हरो देवा ।

श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,

सन्तन की सेवा ॥


ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे ।

भक्त जनों के संकट,दास जनों के संकट,

क्षण में दूर करे ॥

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भगवान शिव शंकर की ओम जय जगदीश हरे आरती आपको कैसी लगती है हमें कमेंट में जरूर बताइएगा और भगवान शिव शंकर के बारे में आपके जो भी विचार हो हमारे साथ कमेंट में जरूर शेयर कीजिएगा।

आरती की सीख: “तन मन धन, सब कुछ है तेरा”

भगवान विष्णु को जगत का पालनहार माना गया है और ‘ॐ जय जगदीश हरे’ उनकी सबसे प्रचलित आरती है। इसकी पंक्ति ‘तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा’ याद दिलाती है कि जो कुछ हमारे पास है वह ईश्वर की देन है — इससे अहंकार घटता है और समर्पण का भाव आता है। विष्णु के अवतारों से जुड़े पर्वों के लिए पढ़ें: कृष्ण जन्माष्टमी कब है: तिथि, महत्व और पूजन विधि।

  • आरती का पाठ एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है।
  • भक्ति भाव से गाने पर मन हल्का और शांत महसूस होता है।
  • सुबह की शुरुआत इस आरती से करना बहुत से घरों की परंपरा है।

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Vivek Hardaha Written by: Writer, YouTuber and tool builder · Madhya Pradesh

Vivek has been online since 2012 and has worked since 2014 across YouTube, blogs and news platforms. He holds an M.Sc. in Computer Science and an M.A. in Sociology. On Vista Hub he writes practical, plain-language guides on tech, money, health, farming and festivals.

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