वॉयेजर 1 (Voyager 1) सूर्य के कणों और चुंबकीय क्षेत्र से बने बुलबुले के बाहर, तारों के बीच के अंतरिक्ष में है। 4 नवंबर 2026 को देखे गए NASA के ट्रैकर में इसकी पृथ्वी से दूरी करीब 25.87 अरब किलोमीटर थी। JPL इसकी गति करीब 61,000 किलोमीटर प्रति घंटा बताता है। NASA का अनुमान है कि 18 नवंबर 2026 को यह पृथ्वी से एक प्रकाश-दिन दूर पहुँच जाएगा।
Voyager 1 और 2 की लॉन्च डेट और यात्रा
Voyager 1 का लॉन्च 5 सितंबर 1977 को हुआ था। Voyager 2 उससे पहले, 20 अगस्त 1977 को रवाना हुआ। पहले लॉन्च होने के बावजूद Voyager 2 पीछे रह गया, क्योंकि Voyager 1 ने बृहस्पति और शनि तक तेज रास्ता लिया। Voyager 1 ने 1979 में बृहस्पति और 1980 में शनि के पास से उड़ान भरी। Voyager 2 ने आगे अरुण और वरुण का भी अध्ययन किया।

Voyager 1 कितना दूर पहुँचा है?
NASA की तालिका के अनुसार Voyager 1 करीब 173 AU और Voyager 2 करीब 145 AU पृथ्वी से दूर थे। किलोमीटर में ये लगभग 25.87 अरब और 21.64 अरब हैं। एक AU पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी के करीब है। पृथ्वी अपनी कक्षा में घूमती रहती है, इसलिए पृथ्वी से मापी गई दूरी और सूर्य से मापी गई दूरी अलग हैं। लाइव आँकड़े बदलते रहते हैं।

एक प्रकाश-दिन का मतलब क्या है?
एक प्रकाश-दिन दूरी की इकाई है। प्रकाश 24 घंटे में लगभग 25.90 अरब किलोमीटर चलता है। NASA के अनुमान में Voyager 1 इस दूरी पर 18 नवंबर को शाम करीब 3:46 बजे भारतीय समय पर पहुँचेगा। उस दूरी पर रेडियो आदेश को लगभग 24 घंटे लगेंगे और उत्तर को लौटने में लगभग 24 घंटे और। यह केवल यात्रा का समय है। पृथ्वी से आदेश भेजने और जवाब पढ़ने की पूरी प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लग सकता है।
Voyager 1 की स्पीड कितनी है?
JPL ने लगभग 38,000 मील प्रति घंटा, यानी करीब 61,000 किमी/घंटा की गति बताई है। NASA की तालिका गति सूर्य के सापेक्ष देती है। पृथ्वी से इसकी दूरी कितनी तेजी से बदल रही है, यह पृथ्वी की अपनी गति पर भी निर्भर करता है। लगभग 17 किमी प्रति सेकंड की चाल पर भी यान को इस मुकाम तक आने में लगभग आधी सदी लगी।
Voyager 1 का पावर सोर्स
यान के रेडियोआइसोटोप थर्मोइलेक्ट्रिक जनरेटर (RTG) प्लूटोनियम-238 के क्षय से निकली गर्मी को बिजली में बदलते हैं। यह बिजली रेडियो, कंप्यूटर और उपकरणों को चलाती है। दोनों यानों की उपलब्ध विद्युत शक्ति हर साल लगभग 4 वाट घटती है। अक्टूबर 2026 में JPL ने बताया कि टीम ने सितंबर में तीन उपकरणों की जगह कम बिजली लेने वाले विकल्प चालू किए, ताकि विज्ञान के लिए ऊर्जा बच सके।

क्या Voyager 1 अभी भी संपर्क में है?
JPL ने अक्टूबर में करीब 48 घंटे का संपर्क अंतराल दर्ज किया था। 20 अक्टूबर को संकेत फिर मिला। बड़े ग्राउंड एंटेना वाला Deep Space Network दूर से आने वाले कमजोर संकेत पकड़ता है और आदेश भेजता है। भविष्य में उपकरण बंद होने की तारीख उपलब्ध बिजली और यान की स्थिति पर निर्भर करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Voyager 1 तारों के बीच कब पहुँचा? अगस्त 2012 में उसने हेलियोपॉज़ पार किया।
क्या एक प्रकाश-दिन पर कोई नई सीमा पार होगी? यह पृथ्वी से दूरी का मील का पत्थर है। यान पहले से अंतरतारकीय अंतरिक्ष में है।
कौन ज्यादा दूर है? Voyager 1 पृथ्वी से Voyager 2 से ज्यादा दूर है।
क्या लाइव फोटो मिलती हैं? मौजूदा मिशन कणों और चुंबकीय क्षेत्र जैसे विज्ञान डेटा पर केंद्रित है।
आज की दूरी कैसे देखें? NASA के ट्रैकर में Distance from Earth और One-Way Light Time देखें।
आधिकारिक स्रोत — NASA Live Tracker · NASA Light-Day · JPL Update · Voyager 1 · Voyager 2