आज राहुकाल सुबह है। सोमवार 5 अक्टूबर 2026। आम पंचांग चलन 7:30 से 9:00 बजे मानता है। यह घड़ी का कानून नहीं। सूर्योदय 6 बजे मानकर आठ हिस्से किए जाते हैं। इंदौर में सूरज 6 बजे के आसपास निकले, तो यही खिड़की रहती है।
नई डील, गाड़ी निकालना, यात्रा की शुरुआत। लोग इसी ढाई घंटे को टालते हैं। बैंक का काउंटर नहीं रुकता। दफ्तर का बायोमेट्रिक नहीं रुकता। यह घर की मान्यता है।
आठ हिस्से कैसे बनते हैं
दिन को सूर्योदय से सूर्यास्त तक नापो। बारह घंटे हों, तो हर हिस्सा डेढ़ घंटे। सोमवार का राहु दूसरा हिस्सा लेता है। 6 बजे सूरज, तो 7:30 से 9:00। सूरज 6:20 पर निकले, तो खिड़की बीस मिनट खिसक सकती है। छपा चार्ट अनुमान है। शहर का पंचांग ऊपर रहेगा।
मंगल को राहुकाल दोपहर बाद 3:00 से 4:30 माना जाता है। बुध को 12:00 से 1:30। गुरु को 1:30 से 3:00। शुक्र को 10:30 से 12:00। शनि को 9:00 से 10:30। रवि को 4:30 से 6:00। सब 6 बजे सूर्योदय वाली टेबल है।
आज ऑफिस जाने वाले
7:30 से 9:00 के बीच नई फाइल साइन करनी हो, तो कई लोग 9 बजे के बाद रखते हैं। बस पकड़नी हो, तो राहुकाल बस नहीं रोकता। मान्यता नई शुरुआत की है। रोज का रास्ता अलग है। इंदौर से भोपाल की पुरानी बस इसी खिड़की में निकलती है। टिकट कट चुकी हो, तो पंचांग उसे नहीं काटता।
यमगंड सोमवार को 10:30 से 12:00 और गुलिक काल 1:30 से 3:00 लिखा जाता है। तीनों एक चीज नहीं। राहुकाल सुबह है। दोपहर का काम गुलिक से मिलाओ, राहु से नहीं।
पूजा और व्रत
सोमवार का व्रत अलग लेख की बात है। राहुकाल में दीया जलाना मना नहीं लिखा जाता। नई दुकान का ताला, मुंडन, सगाई। ये टाले जाते हैं। रोज का दिया जल सकता है। घर का खाना नहीं रुकता।
नवरात्रि चल रही हो, तो कलश का समय घर के पंचांग से देखो। राहुकाल कलश का नोटिस नहीं है। दोनों लाइन अलग रखो।
इंदौर की सुबह
अक्टूबर की सुबह धुंध वाली है। सूरज देर से चमकता है, निकलने का समय लगभग वही रहता है। 7:30 का चार्ट इंदौर के लिए करीब है, पक्का सेकंड नहीं। मंदिर का बोर्ड अलग समय लिखे, तो बोर्ड मानो। यह पेज सेकंड नहीं गिनता।
बच्चे का स्कूल बस 7:45 पर आए, तो राहुकाल उसे नहीं रोकता। नई किताब आज ही खरीदनी हो, तो 9 बजे के बाद का चलन है। दोनों फैसला घर का है।
फोन का पंचांग ऐप शहर पूछे, तो इंदौर चुनो। दिल्ली का सूरज इंदौर का सूरज नहीं। बीस मिनट का फर्क आम है। नई गाड़ी का रवन्ना 9 बजे के बाद रखना चलन है। पुरानी गाड़ी का रोज का रूट नहीं टूटता। कागज पर समय लिख लो, ताकि घर में दो चार्ट न चलें।
एडवाइस:
आज की खिड़की 7:30 से 9:00 मानो, सूरज 6 बजे निकले तब। नई डील और नई यात्रा इसी बीच टालने का चलन है। बैंक और बस नहीं रुकते। सूर्योदय खिसके, तो समय खिसकेगा। शहर का पंचांग ऊपर रहेगा।
सोर्स: सोमवार राहुकाल का आम पंचांग चलन, सूर्योदय 6 बजे वाली टेबल। यह पंचांग और लोक-परंपरा से है। साइट मुहूर्त की गारंटी नहीं देती।