नोटिफिकेशन और सुनवाई की बात रिपोर्टों की है। अदालत का अंतिम आदेश अलग है। कानूनी सलाह नहीं। 3 अक्टूबर 2026।
मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू हुआ या नहीं, इसका जवाब 3 अक्टूबर 2026 को यह है: 2019 का नोटिफिकेशन है, पर सरकारी भर्ती पूरी तरह 27 पर नहीं चल रही। 87 प्रतिशत पदों पर नियुक्ति आगे बढ़ी। अतिरिक्त कोटे के 13 प्रतिशत पद होल्ड हैं। होल्ड का मतलब कानून रद्द नहीं है। इसका मतलब यह भी नहीं कि 27 हर विज्ञापन पर लागू हो चुका है।
2019 में 14 से 27 किया गया
2019 से पहले ओबीसी हिस्सा 14 प्रतिशत था। कमलनाथ सरकार ने नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में इसे 27 किया। याचिकाएं लगीं। सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी 2026 को इन याचिकाओं को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को वापस भेज दिया। कोर्ट ने गुण-दोष पर राय नहीं दी, और अंतरिम बंदोबस्त पर भी राय नहीं दी। तीन महीने में सुनवाई की बात कही। यह remand है, 27 लागू करने का आदेश नहीं।
अगस्त 2026 में फैसला सुरक्षित बताया गया
भास्कर की 6 अगस्त 2026 की रिपोर्ट कहती है कि जबलपुर की विशेष खंडपीठ ने 27 प्रतिशत की अंतिम बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया। सुरक्षित फैसला जारी फैसला नहीं है। जनवरी 2025 की सुनवाई पर अखबार पहले से उल्टे शीर्षक लिख चुके हैं। इसलिए किसी एक खबर को राजपत्र न मानें। भर्ती का रास्ता अभी 87:13 फॉर्मूला है।
तैयार होने की बात और लागू होना अलग है
24 सितंबर 2026 को विश्वास सारंग ने कहा कि सरकार 27 प्रतिशत देने के लिए कटिबद्ध है। 22 सितंबर की चिट्ठी में राहुल गांधी ने लागू करने और होल्ड पदों पर पत्र मांगे। दोनों बयान हैं। रोल नंबर पर 27 का पत्र तब है, जब विभाग आदेश चढ़ाए। 50 प्रतिशत की सीमा और नियुक्ति पत्र कब मिलेगा अलग सवाल हैं।
एडवाइस:
लागू हो गया वाली पोस्ट तब मानें, जब राजपत्र और अपने रोल नंबर पर विभाग का आदेश दोनों दिखें। 87:13 की होल्ड लिस्ट का मतलब 27 रद्द नहीं है। व्हाट्सऐप पर «आज से 27 लागू» आदेश नहीं है। रिजल्ट mppsc.mp.gov.in या अपने विभाग की साइट पर मिलाएं।