📅 21 अगस्त
🔴 अमृत भारत एक्सप्रेस का नया रूट शुरू 🔴 चीनी कंपनी एवरग्रैंड के संस्थापक को उम्रकैद 🔴 चीनी का आयात शुल्क मुक्त करने का निर्णय 🔴 भारत-जापान के बीच समुद्री सुरक्षा समझौता 🔴 पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का निधन 🔴 MP: कॉलेजों में प्रवेश का अंतिम अवसर 🔴 MP: पूर्वी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट 🔴 MP: उमंगा कुमावत मिस यूनिवर्स इंडिया में 🔴 MP: आदिवासी कल्याण योजनाओं की समीक्षा 🔴 MP: कलश वंदन यात्रा की शुरुआत 🗓️ आज का इतिहास ›

माँ नर्मदा की पूजा कैसे करें: सही विधि, महत्व और पर्यावरण-अनुकूल नियम

माँ नर्मदा की पूजा कैसे करें: सही विधि, महत्व और पर्यावरण-अनुकूल नियम
विज्ञापन
विज्ञापन

🎧
सुनिए — पूरी खबर सिर्फ 1 मिनट में

नर्मदे हर! माँ नर्मदा, जिन्हें रेवा के नाम से भी जाना जाता है, भारत की उन पवित्रतम नदियों में से एक हैं जिनकी पूजा स्वयं देवी के रूप में की जाती है। यह एकमात्र ऐसी नदी है जिसकी परिक्रमा (परिक्रमार्थी) की जाती है, जो इसके असाधारण आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है। हममें से कई भक्त माँ नर्मदा के दर्शन और पूजा के लिए घाटों पर जाते हैं, लेकिन क्या हम सही विधि से पूजा कर रहे हैं? अक्सर अज्ञानतावश हम ऐसे कार्य कर बैठते हैं जो माँ नर्मदा को प्रसन्न करने की बजाय उन्हें कष्ट पहुँचाते हैं, क्योंकि हम नदी को प्रदूषित कर देते हैं।

आज हम vhoriginal.com पर जानेंगे कि शास्त्रों और पर्यावरण दोनों के अनुसार माँ नर्मदा की पूजा की सबसे श्रेष्ठ विधि क्या है। याद रखिये, माँ नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि साक्षात् शक्ति हैं, जीवनदायिनी हैं। उनका जल ही हमारा और हमारे बच्चों का जीवन है। इसलिए, उनकी पूजा करते समय हमें उनकी पवित्रता का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए।

माँ नर्मदा का अद्वितीय महत्व और पौराणिक कथा

माँ नर्मदा को भगवान शिव की पुत्री माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव के शरीर से निकली स्वेद-बूंदों से इनका उद्गम हुआ, और इसलिए इन्हें ‘शंकरी’ भी कहते हैं। यह अमरकंटक पर्वत से निकलकर पश्चिम दिशा में बहती हुई खंभात की खाड़ी में गिरती हैं। नर्मदा को ‘कल्पतरु’ के समान माना गया है, जिसके दर्शन मात्र से ही पापों का नाश होता है और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

  • स्वयंभू शिवलिंग: नर्मदा के हर कंकर को शिव का स्वरूप माना जाता है, इसलिए इन्हें ‘नर्मदेश्वर’ या ‘बाणलिंग’ भी कहते हैं। इनकी पूजा से साक्षात् शिव की पूजा का फल मिलता है।
  • एकमात्र परिक्रमा योग्य नदी: नर्मदा एकमात्र ऐसी नदी है जिसकी पैदल परिक्रमा की जाती है, जिसे ‘नर्मदा परिक्रमा’ कहते हैं। यह परिक्रमा अत्यंत कठिन और पुण्यदायी मानी जाती है।
  • मोक्षदायिनी: कहा जाता है कि गंगा में स्नान से, यमुना के दर्शन से और नर्मदा के स्मरण मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है।

माँ नर्मदा की पूजा क्यों करें? (महत्व और लाभ)

माँ नर्मदा की पूजा का अत्यंत महत्व है। जो भक्त सच्चे मन और विधि-विधान से उनकी पूजा करते हैं, उन्हें अनेक लाभ प्राप्त होते हैं:

  • पापों का नाश: माँ नर्मदा की पूजा से जन्म-जन्मांतर के पापों का क्षय होता है।
  • मनोकामना पूर्ति: सच्चे भाव से की गई पूजा से माँ नर्मदा भक्तों की सभी इच्छाएँ पूरी करती हैं।
  • शांति और समृद्धि: माँ नर्मदा की कृपा से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।
  • रोगों से मुक्ति: नर्मदा जल के सेवन और पूजन से शारीरिक व मानसिक रोगों से मुक्ति मिलती है।
  • मोक्ष की प्राप्ति: अंततः, माँ नर्मदा की भक्ति से जीवन-मरण के बंधन से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

माँ नर्मदा की पूजा की सही विधि और आवश्यक सामग्री

माँ नर्मदा की पूजा करते समय हमें कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि हमारी पूजा स्वीकार्य हो और पर्यावरण को भी कोई हानि न पहुँचे।

पूजा का स्थान: जल में नहीं, तट पर करें पूजा

सबसे बड़ी गलती जो भक्त अक्सर करते हैं, वह है पूजा सामग्री लेकर सीधे जल में घुस जाना या उसे जल में विसर्जित कर देना। तेल, अगरबत्ती, सिंदूर, प्लास्टिक के फूल और अन्य सामग्री सीधे पानी में मिलाने से जल जहरीला हो जाता है और जलीय जीवों को हानि पहुँचती है।

सही तरीका क्या है? माँ नर्मदा की पूजा हमेशा जल से दूर, सूखे घाट (तट) पर बैठकर करनी चाहिए। माँ रेवा तो भाव की भूखी हैं, उन्हें स्पर्श करने के लिए जल को गंदा करने की जरुरत नहीं है। तट की रेती की पूजा करना ही साक्षात् नर्मदा की पूजा है, क्योंकि नर्मदा का हर कण पवित्र है। आप एक पात्र में थोड़ा नर्मदा जल लेकर भी तट पर पूजा कर सकते हैं।

आवश्यक पूजा सामग्री (पर्यावरण-अनुकूल विकल्प)

पारंपरिक पूजा सामग्री के साथ-साथ, हमें पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों का चुनाव करना चाहिए:

  • जल: शुद्ध जल (किसी पात्र में नर्मदा जल या सामान्य जल)
  • पुष्प: ताजे फूल (प्लास्टिक के फूल नहीं)
  • धूप: प्राकृतिक सामग्री से बनी अगरबत्ती या धूपबत्ती
  • दीप: शुद्ध आटे का दीपक (आगे विस्तृत जानकारी)
  • वस्त्र: लाल या पीला वस्त्र (छोटा टुकड़ा)
  • रोली, चंदन, कुमकुम: तिलक के लिए
  • अक्षत: साबुत चावल
  • नैवेद्य: फल, मिठाई, मिश्री (प्लास्टिक में पैक न हो)
  • पंचामृत: दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल (या शुद्ध जल) का मिश्रण
  • कलश: जल भरने के लिए
  • घंटी: पूजा के लिए
  • नर्मदा जी की आरती की पुस्तक या स्तोत्र

विस्तृत पूजा विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)

माँ नर्मदा की पूजा विधि अत्यंत सरल है, यदि उसे श्रद्धा और नियमों के साथ किया जाए:

  1. स्नान और शुद्धि: सर्वप्रथम स्वयं स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। मन को शांत और पवित्र करें।
  2. स्थान का चयन: नर्मदा तट पर एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां एक आसन बिछाएं।
  3. संकल्प: हाथ में जल, फूल और चावल लेकर अपनी मनोकामना कहते हुए संकल्प लें कि आप किस उद्देश्य से माँ नर्मदा की पूजा कर रहे हैं।
  4. आवाहन: माँ नर्मदा का ध्यान करते हुए उनका आवाहन करें। मंत्र बोलें: “ॐ नमः शिवाय नर्मदायै स्वाहा।” या “नर्मदे हर!”
  5. आसन: माँ नर्मदा को आसन ग्रहण करने का भाव करें।
  6. स्नान (प्रतीकात्मक): एक छोटे पात्र में रखे शुद्ध जल से माँ नर्मदा के चित्र या बालू के शिवलिंग को प्रतीकात्मक स्नान कराएं। पंचामृत से स्नान कराकर पुनः शुद्ध जल से स्नान कराएं।
  7. वस्त्र और उपवस्त्र: माँ नर्मदा को लाल या पीले वस्त्र का एक छोटा टुकड़ा अर्पित करें।
  8. गंध: रोली, चंदन, कुमकुम से तिलक करें।
  9. पुष्प: माँ नर्मदा को ताजे फूल अर्पित करें।
  10. धूप: धूपबत्ती जलाकर अर्पित करें।
  11. दीपदान: शुद्ध आटे का दीपक जलाकर माँ नर्मदा को अर्पित करें। यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है (आगे विस्तृत जानकारी)।
  12. नैवेद्य: फल, मिठाई या मिश्री का भोग लगाएं।
  13. दक्षिणा: अपनी श्रद्धा अनुसार कुछ पैसे अर्पित करें (बाद में किसी ब्राह्मण या गरीब को दान कर दें)।
  14. आरती: अंत में माँ नर्मदा की आरती करें। आप नर्मदा अष्टक या कोई भी नर्मदा आरती का पाठ कर सकते हैं।
  15. प्रदक्षिणा (भावनात्मक): यदि परिक्रमा संभव न हो, तो अपने स्थान पर ही तीन बार घूमकर प्रतीकात्मक परिक्रमा करें।
  16. क्षमा याचना: पूजा में हुई किसी भी त्रुटि के लिए माँ नर्मदा से क्षमा याचना करें।

पर्यावरण-अनुकूल दीपदान का नियम: आटे का दीपक ही क्यों?

दीपदान माँ नर्मदा की पूजा का एक अभिन्न अंग है। अक्सर भक्त बाजार में मिलने वाले पत्तल, थर्माकोल या प्लास्टिक के दीयों का उपयोग करते हैं, जो नदी के लिए जहर हैं। ये पानी में गलते नहीं हैं और कचरे का ढेर बन जाते हैं, जिससे जलीय जीवन को खतरा होता है।

सही तरीका क्या है? माँ नर्मदा जी की आरती या दीपदान के लिए हमेशा शुद्ध आटे का दीपक (Aata Ka Diya) बनाएं।

  • कैसे बनाएं: शुद्ध गेहूँ के आटे को गूंथकर एक छोटा दीपक बनाएं। उसमें शुद्ध घी या तेल की बाती डालकर जलाएं।
  • महत्व: जब यह आटे का दीपक जल में विसर्जित होता है, तो वह गलकर मछलियों और अन्य जलीय जीवों का भोजन बन जाता है। यह पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है और आपकी श्रद्धा को भी दर्शाता है। मछलियों की सेवा ही साक्षात् माँ की सेवा है।

माँ नर्मदा के विशेष मंत्र और उनका महत्व

पूजा के दौरान माँ नर्मदा के मंत्रों का जाप करना अत्यंत फलदायी होता है। यह मंत्र आपकी भक्ति को और गहरा करते हैं:

  • मूल मंत्र: “ॐ नमः शिवाय नर्मदायै स्वाहा।” (यह मंत्र माँ नर्मदा को भगवान शिव की शक्ति के रूप में पूजने का भाव व्यक्त करता है।)
  • सरल मंत्र: “नर्मदे हर! हर हर नर्मदे!” (यह मंत्र नर्मदा के प्रति अटूट श्रद्धा और उनके हर रूप में भगवान शिव की उपस्थिति को दर्शाता है।)
  • नर्मदा अष्टक: नर्मदा अष्टक का पाठ करने से माँ नर्मदा की कृपा प्राप्त होती है और मन को शांति मिलती है।

पूजा के दौरान ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें

  • स्वच्छता: पूजा से पहले और पूजा के दौरान स्वयं की और आसपास की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
  • मन की पवित्रता: पूजा केवल बाहरी कर्मकांड नहीं, बल्कि मन की शुद्धि और श्रद्धा का प्रतीक है।
  • प्लास्टिक और थर्माकोल का त्याग: किसी भी प्रकार की पूजा सामग्री जो प्लास्टिक, थर्माकोल या अन्य गैर-बायोडिग्रेडेबल सामग्री से बनी हो, उसे नदी में विसर्जित न करें।
  • अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण से बचें: तेज संगीत या शोर से बचें, शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखें।
  • श्रद्धा और भाव: सबसे महत्वपूर्ण है आपका भाव। माँ नर्मदा भाव की भूखी हैं। सच्चे मन से की गई पूजा ही उन्हें प्रसन्न करती है।

निष्कर्ष: नर्मदे हर!

माँ नर्मदा की पूजा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। जब हम सही विधि और पर्यावरण-अनुकूल नियमों का पालन करते हुए उनकी आराधना करते हैं, तो हम न केवल आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करते हैं बल्कि इस पवित्र नदी की रक्षा में भी अपना योगदान देते हैं। माँ नर्मदा हमारी जीवनदायिनी हैं, और उनकी सेवा ही सबसे बड़ी भक्ति है। इसलिए, अगली बार जब आप माँ नर्मदा की पूजा करने जाएँ, तो इन बातों का ध्यान अवश्य रखें और सच्चे हृदय से बोलें – नर्मदे हर! हर हर नर्मदे!

🗓️ आज का इतिहास — 21 अगस्त

  • 2018। केरल में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्यों के लिए केंद्र सरकार ने इसे 'गंभीर आपदा' घोषित किया था।
  • 2006। भारत के प्रसिद्ध शहनाई वादक और भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि: उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई।
  • 1991। सोवियत संघ में तख्तापलट की कोशिश विफल हुई, जिसके बाद कम्युनिस्ट शासन के अंत और सोवियत संघ के विघटन की प्रक्रिया तेज हुई।
पूरी जानकारी ›

🕉️ अध्यात्म और आस्था

View All

🔥 न्यूज़ और ट्रेंडिंग

View All
MP Weather Update MP Weather Update: इस हफ़्ते मध्य प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम? MP Weather Update: इस हफ़्ते मध्य प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम? एनालॉग पनीर एनालॉग पनीर पर सख्त एक्शन: क्या आप भी खा रहे हैं नकली पनीर? एनालॉग पनीर पर सख्त एक्शन: क्या आप भी खा रहे हैं नकली पनीर? UPI transaction charge UPI Transaction New Rules 2026: क्या 2000 रुपये पर लगेगा चार्ज?
विज्ञापन
लाड़ली बहना अगस्त किस्त स्पेसX रॉकेट मलबा अंतरिक्ष में बड़ा हादसा: चांद से टकराएगा एलन मस्क के रॉकेट का मलबा अंतरिक्ष में बड़ा हादसा: चांद से टकराएगा एलन मस्क के रॉकेट का मलबा दादर में छात्रों से भरी पुलिस गाड़ी को रोकती रिया अहीर की निडर तस्वीर। बारिश के बीच पुलिस वैन के ठीक सामने खड़ी रिया का वायरल मोमेंट। दादर प्रदर्शन के दौरान सड़क पर जुटी छात्रों और पुलिस की भीड़। गाड़ी के ठीक सामने अकेली डटी रिया अहीर का साइड प्रोफाइल शॉट।

💻 टेक और AI

View All

💰 पैसा और करियर

View All

💪 सेहत और फिटनेस

View All

🧠 दिमाग और सोच

View All

❤️ रिश्ते और परिवार

View All

🎓 पढ़ाई और नॉलेज

View All
हिंदी या इंग्लिश मीडियम हिंदी मीडियम vs इंग्लिश मीडियम: बच्चे के लिए सही स्कूल कैसे चुनें? Parts of Speech के 10 प्रकार और आसान उदाहरण वाला विजुअल चार्ट। Active और Passive Voice के टेंस-वार नियम और स्ट्रक्चर चार्ट। Direct से Indirect Speech में बदलने के जरूरी नियम और उदाहरण। सभी 12 Tenses के फॉर्मूले और उदाहरण एक ही साफ-सुथरे चार्ट में। direct indirect speech rules chart download Direct Indirect Speech Rules Chart: आसान फॉर्मूले से सीखें नरेशन Direct Indirect Speech Rules Chart: आसान फॉर्मूले से सीखें नरेशन
विज्ञापन
active and passive voice rules Active and Passive Voice Rules Chart Download: आसान नियम और PDF Active and Passive Voice Rules Chart Download: आसान नियम और PDF parts of speech chart with examples Parts of Speech Chart with Examples: नियम और आसान इमेज Parts of Speech Chart with Examples: नियम और आसान इमेज tense chart in english grammar Tense Chart in English Grammar: नियम और आसान Examples Tense Chart in English Grammar: नियम और आसान Examples

📱 मोबाइल वॉलपेपर गैलरी

View All
लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर, भारत का नाम होगा सबकी ज़ुबान पर। ना पूछो ज़माने से, क्या हमारी कहानी है, हमारी पहचान तो बस ये है कि हम हिंदुस्तानी हैं। दे सलामी इस तिरंगे को, जिससे तेरी शान है, सर हमेशा ऊँचा रखना इसका, जब तक दिल में जान है। लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर, भारत का नाम होगा सबकी ज़ुबान पर। क्या हिन्दू, क्या मुस्लिम, क्या सिख और क्या ईसाई, आओ मिलकर आज़ादी का पर्व मनाएँ, क्योंकि हम सब हैं भाई-भाई। हमारी पहचान तो बस ये है कि हम हिंदुस्तानी हैं। दे सलामी इस तिरंगे को, जिससे तेरी शान है, सर हमेशा ऊँचा रखना इसका, जब तक दिल में जान है। स्ट्रीट स्टाइल स्वैग में तिरंगा लहराता भारतीय युवा। मॉडर्न और बोल्ड अंदाज में तिरंगे के साथ भारतीय लड़की। एस्थेटिक और सिंपल लुक में तिरंगा आर्ट। कंधे पर तिरंगा और चेहरे पर आत्मविश्वास। नया सोच, नया इंडिया - वाइब्रेंट तिरंगा पोस्टर। सपने देखो और पूरा करो - ऐनिमे तिरंगा वॉलपेपर। मेरी पहचान, मेरा भारत - खूबसूरत तिरंगा इलस्ट्रेशन। लहलहाते खेतों के बीच तिरंगा थामे किसान की कॉमिक स्टाइल इमेज संध्या समय खेत में गर्व से तिरंगा फहराता बुजुर्ग किसान हरे-भरे ग्रामीण परिवेश में तिरंगे के साथ भारतीय किसान सूर्योदय के समय मुस्कुराता हुआ किसान और फहराता तिरंगा जोश और संघर्ष की भावना को दर्शाती किसान और तिरंगे की पेंटिंग वाटरकलर आर्ट में ढला किसान और राष्ट्रध्वज तिरंगा आधुनिक एनीमे स्टाइल में हरा-भरा खेत और तिरंगा लिए युवा किसान स्वर्ण सिंहासन पर विराजमान प्रभु श्री राम और माता सीता का दिव्य स्वरूप। नदी में कमल के फूलों के बीच नाव पर विराजित श्री राम और सीता जी का 3D रूप। पर्वत की ओट में विशाल हनुमान जी के कंधे पर विराजे प्रभु श्री राम का मनमोहक रूप। अधर्म का नाश करने के लिए हाथ में दिव्य धनुष लिए मर्यादा पुरुषोत्तम राम। लंका युद्ध में रावण का सामना करते हुए प्रभु राम का ओजस्वी और शक्तिशाली रूप। आकाश में रावण की छाया और युद्ध भूमि पर खड़े वीर श्री राम का भव्य चित्रण। जंगली मशरूम का एक सुंदर साइड प्रोफाइल व्यू मशरूम की छतरी का विस्तृत ऊपरी हिस्सा मशरूम के नीचे की बारीक धारियां हरी घास के बीच मशरूम का प्राकृतिक दृश्य प्राकृतिक वातावरण में मशरूम का वाइड एंगल दृश्य मशरूम के तने की स्पष्ट बनावट एक भारतीय कोबरा अपनी रक्षात्मक मुद्रा में फन फैलाए हुए। कोबरा के फन के पीछे बना चश्मे का निशान जिसे Spectacled Cobra कहते हैं। भारतीय कोबरा के चेहरे का क्लोज-अप शॉट जो उसकी सतर्कता दिखाता है। जमीन पर आराम करता हुआ एक जंगली भारतीय कोबरा सांप। सूखी मिट्टी पर खड़ा एक भव्य Naja naja कोबरा सांप। सड़क के किनारे फन फैलाकर खड़ा हुआ एक भारतीय कोबरा। हरे-भरे बैकग्राउंड के साथ भारतीय कोबरा का एक सुंदर पोर्ट्रेट।

🎊 त्योहार और वॉलपेपर

View All
Proudt Strong Unbreakable — पहाड़ों की चोटी पर तिरंगा लहराता भारतीय वीर सैनिक। शौर्य की दौड़ — पृष्ठभूमि में इंडिया गेट और लहराता तिरंगा। सत्यमेव जयते — कलात्मक अंदाज में भारतीय सैनिक और तिरंगा। पैरा ट्रूपर का अटूट हौसला और पृष्ठभूमि में फहराता राष्ट्रध्वज। मेरे देश, मेरा गर्व — एनिमे स्टाइल में युवा सैनिक और तिरंगा। Sacrifice Today Freedom Tomorrow — असली हीरो जो तिरंगा पहनते हैं। बर्फ़ीली चोटियों पर भी देश की सुरक्षा में तैनात हमारा वीर जवान। 15 अगस्त के लिए छह अलग-अलग और बेहद सुंदर रंगोली डिज़ाइन का एक संग्रह। गोल आकार में बनी यह आसान तिरंगा और अशोक चक्र रंगोली काफी आकर्षक लगती है। काले बैकग्राउंड पर चमकदार तिरंगे रंगों और दीयों के साथ बनी यह रंगोली रात के लिए परफेक्ट है। दो मोरों के सुंदर आकार और अशोक चक्र के साथ स्वतंत्रता दिवस की विशेष रंगोली। आधुनिक और आधुनिक ज्योमैट्रिक डिज़ाइन के साथ तैयार की गई 15 अगस्त रंगोली। भारत के नक्शे को तिरंगे के रंगों से सजाकर बनी यह रंगोली देशप्रेम का अद्भुत रूप है। तिरंगे के तीनों रंगों और पारंपरिक आकृतियों के मेल से बनी सीधी और सुंदर रंगोली। अशोक स्तंभ का ओजस्वी रूप - तिरंगे रंगों के साथ डार्क बैकग्राउंड पर। भारत माता का दिव्य नियॉन ग्लो स्वरूप, तिरंगे ध्वज के साथ। अशोक चक्र और तिरंगा पट्टियों का आकर्षक डार्क कॉम्बिनेशन। इण्डिया और सत्यमेव जयते शील्ड के साथ मिनिमल डार्क बैकग्राउंड। सिंपल और एलीगेंट - मिनिमल तिरंगा स्ट्राइप डार्क बैकग्राउंड। 3D अशोक स्तंभ पिलर वॉलपेपर - तिरंगे रंगों की भव्यता। जय अम्बे गौरी आरती - संपूर्ण लिखित पंक्तियाँ अम्बे तू है जगदम्बे काली - लिखित आरती पाठ सुन मेरी देवी माँ पर्वत वासिनी - पहाड़ावाली की आरती सुन मेरी देवी मां पर्वत वासिनी आरती एवं जस संपूर्ण हिंदी बोल के साथ मां काली के विकराल स्वरूप के साथ अंबे तू है जगदंबे काली आरती के संपूर्ण बोल

🗂️ Categories