बरसात का मौसम आते ही रसोई में सबसे बड़ी आफत गूंथे हुए आटे पर आती है। फ्रिज में रखा आटा कुछ ही घंटों में ढीला, पानी जैसा गलने लगता है और उसकी रोटियां बेलना नामुमकिन हो जाता है। अगर आप भी हर मानसून में ढीले आटे और चिपचिपी रोटियों से परेशान रहते हैं, तो यह आसान किचन गाइड आपके लिए ही है।
बरसात में आटा गलने का असली वैज्ञानिक कारण क्या है?
बरसात के दिनों में रसोई का तापमान और हवा की नमी दोनों बढ़ जाती हैं। जब हम आटा गूंथते हैं, तो उसमें मौजूद ग्लूटेन प्रोटीन पानी के साथ मिलकर एक जाल बनाता है। सामान्य दिनों में यह जाल स्थिर रहता है, लेकिन मानसून में हवा में मौजूद नमी (Moisture) इस प्रक्रिया को बिगाड़ देती है।

हवा में नमी ज़्यादा होने के कारण सूखा आटा भी डिब्बे के अंदर हवा से पानी खींचने लगता है। जब आप इस आटे को गूंथते हैं, तो आटा अपनी क्षमता से ज़्यादा पानी सोख लेता है। एंजाइम एक्टिविटी तेज़ होने से आटा ढीला पड़ने लगता है और कुछ ही देर में गलकर चिपचिपा हो जाता है।
आटा गूंथते समय पानी का सही तापमान और माप रखें
ज्यादातर लोग बरसात में भी उसी तरह पानी डालकर आटा गूंथते हैं जैसे गर्मी या सर्दी में। यह सबसे पहली गलती है। बारिश के मौसम में आटे में नॉर्मल या गुनगुने पानी की जगह ठंडे पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। ठंडा पानी आटे के ग्लूटेन को तुरंत ढीला होने से रोकता है।
इसके अलावा, बरसात में आटा गूंथते वक्त पानी की मात्रा कम से कम 15 से 20 प्रतिशत घटा दें। शुरू में आटा थोड़ा सख्त लगेगा, लेकिन 10 मिनट ढंककर रखने के बाद वह हवा की नमी सोखकर खुद-ब-खुद एकदम सॉफ्ट और परफेक्ट हो जाएगा।
नमक और तेल की सीक्रेट ट्रिक जो आटे को पिघलने नहीं देती
अगर आप चाहते हैं कि गूंथा हुआ आटा घंटों तक वैसा ही सख्त और ताजा रहे, तो गूंथते समय उसमें चुटकी भर सादा नमक मिला दें। नमक आटे के अंदर मौजूद एक्स्ट्रा मॉइश्चर को बांधकर रखता है और एंजाइम्स को ज्यादा एक्टिव नहीं होने देता।
आटा गूंथने के बाद उसकी ऊपरी सतह पर सरसों का तेल या रिफाइंड की कुछ बूंदें लगाकर अच्छी तरह मल दें। तेल की यह बारीक परत आटे को बाहर की नम हवा से अलग कर देती है, जिससे आटा गलने या काला पड़ने से बच जाता है।
सूखे आटे (Flour Storage) को सीलन से बचाने के 3 नियम
गूंथे हुए आटे के अलावा अगर आपका सूखा आटा भी डिब्बे में जम जाता है या उसमें गुठलियां पड़ जाती हैं, तो आपकी स्टोरेज की तकनीक गलत है। बरसात में लोहे या साधारण प्लास्टिक के डिब्बे हवा की नमी अंदर आने देते हैं।
- एयरटाइट कंटेनर: आटे को हमेशा भारी प्लास्टिक या स्टील के एयरटाइट डिब्बे में ही रखें।
- तेजपत्ता और लौंग: सूखे आटे के डिब्बे में 3-4 सूखे तेजपत्ते या लौंग डाल दें, यह नमी और कीड़ों दोनों को दूर रखते हैं।
- ज़मीन से ऊपर रखें: डिब्बे को सीधे फर्श पर रखने के बजाय लकड़ी के पटरे या शेल्फ पर रखें ताकि नीचे की सीलन डिब्बे तक न पहुंचे।
फ्रिज में गूंथा आटा रखते वक्त न करें ये 2 बड़ी गलतियां
अक्सर लोग बचा हुआ आटा किसी खुले बाउल या पतली पन्नी में लपेटकर फ्रिज में रख देते हैं। फ्रिज के अंदर भी नमी और गैसें होती हैं। जब गरम या नॉर्मल आटा फ्रिज के ठंडे माहौल में जाता है, तो उसमें कंडेनसेशन (Condensation) होता है यानी पानी की बूंदें जमती हैं।
यही पानी आटे को पूरी तरह गला देता है। आटे को फ्रिज में रखने के लिए हमेशा एयरटाइट कांच या एल्युमिनियम टिफिन का इस्तेमाल करें। डिब्बे के ढक्कन को बंद करने से पहले आटे के ऊपर एक सूती सूखा कपड़ा या टिशू पेपर रख दें ताकि अतिरिक्त पानी टिशू सोख ले।
गल चुके आटे को फेंकने के बजाय ऐसे सही करें
अगर किसी वजह से आपका आटा गल चुका है और चिपचिपा हो गया है, तो घबराने या उसे फेंकने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। इसमें तुरंत बहुत सारा सूखा आटा मिलाने की गलती न करें, इससे रोटियां कड़ी और बेस्वाद बनेंगी।
इसके बजाय, आटे में एक चम्मच बेसन या भुना हुआ सूजी मिलाकर 5 मिनट के लिए छोड़ दें। बेसन अतिरिक्त नमी को सोख लेता है और रोटियों में बहुत बढ़िया सोंधा स्वाद भी ले आता है। आप चाहें तो थोड़ा सा सूखा आटा छिड़ककर उसे ओवन या पंखे की हवा में 10 मिनट रख सकते हैं।
Vivek Bhai ki Advice
बरसात के दिनों में रसोई का गणित थोड़ा बदल जाता है, और आटे की संभाल भी उसी गणित का हिस्सा है। हम अक्सर वही पुरानी आदतों से आटा गूंथते रहते हैं और फिर जब आटा पानी छोड़ने लगता है तो मौसम को कोसते हैं। नमी के मौसम में थोड़ी सी समझदारी आपके खाने का स्वाद और समय दोनों बचा सकती है।
कामकाजी लोगों के लिए सुबह-शाम बार-बार आटा गूंथना मुमकिन नहीं होता, इसलिए लोग एक ही बार आटा गूंथकर फ्रिज में स्टोर करते हैं। लेकिन मानसून में कम से कम आटा गूंथकर रखना ही सबसे समझदारी भरा कदम है। उतना ही गूंथें जितनी ज़रूरत हो, क्योंकि ताजे आटे की रोटी पचने में भी हल्की होती है।
अगर आपको मजबूरी में आटा स्टोर करना ही पड़े, तो प्लास्टिक के बर्तनों से दूरी बनाएं और स्टील या कांच के एयरटाइट डिब्बों का इस्तेमाल करें। छोटी-छोटी सावधानियां आपकी रसोई के बजट और सेहत दोनों को सही ट्रैक पर रखती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बरसात में गूंथा हुआ आटा काला क्यों पड़ जाता है?
हवा में मौजूद ऑक्सीजन और नमी जब आटे के एंजाइम्स के साथ रिएक्ट करती है, तो आटे का ऑक्सीकरण (Oxidation) होता है। इसी वजह से आटा ऊपर से काला या भूरा होने लगता है। इससे बचने के लिए आटे पर हल्का तेल या घी लगाएं।
क्या गूंथे आटे को फ्रीजर में जमने के लिए रख सकते हैं?
हाँ, अगर आपको 2-3 दिनों के लिए आटा स्टोर करना है, तो उसे एयरटाइट ज़िपलोक बैग में रखकर फ्रीजर में रख सकते हैं। इस्तेमाल करने से 2 घंटे पहले निकालकर नॉर्मल तापमान पर आने दें।
क्या ढीले आटे में बेसन मिलाने से रोटी खराब स्वाद देगी?
बिल्कुल नहीं, बल्कि एक-दो चम्मच बेसन मिलाने से रोटियां और ज्यादा स्वादिष्ट, सोंधी और मुलायम बनती हैं। बेसन आटे का एक्स्ट्रा पानी सोखकर उसे सही टेक्सचर देता है।
सूखे आटे को घुन और नमी से बचाने के लिए क्या डालें?
सूखे आटे के कंटेनर में 4-5 साबुत लाल मिर्च, नीम की सूखी पत्तियां या तेजपत्ता डाल दें। इनकी गंध से सीलन की बदबू नहीं आती और घुन या कीड़े नहीं लगते।
Disclaimer: इस article में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है।