शैलपुत्री — जय गिरिराज किशोरी आरती PDF — पढ़ें, देखें और सेव करें
आरती के समय फोन पर साफ बोल चाहिए या घर में प्रिंट रखने हैं? यहाँ शैलपुत्री — जय गिरिराज किशोरी आरती के पूरे हिंदी बोल, सरल भावार्थ और दो पन्नों की फ्री PDF एक साथ हैं। डाउनलोड करने से पहले नीचे उसके असली पन्ने देख लें।
शैलपुत्री — जय गिरिराज किशोरी आरती PDF डाउनलोड
2 पन्ने · A4 · हिंदी पाठ और हिंदी भावार्थ · 422 KB
फ्री डाउनलोड। PDF में हिंदी पाठ और हिंदी भावार्थ है। यह इमेज आधारित है; फोन पर ज़ूम करके पढ़ें। बोल कॉपी करने के लिए नीचे का पाठ इस्तेमाल करें।
शैलपुत्री — जय गिरिराज किशोरी आरती के पूरे हिंदी बोल
पूरा पाठ नीचे क्रम से दिया गया है। परिवार या मंदिर में कुछ शब्द अलग गाए जाते हों तो अपने प्रचलित पाठ से मिलान करें।
शैलपुत्री माँ बैल असवार।
करें देवता जय जयकार॥
शिव शंकर की प्रिय भवानी।
तेरी महिमा किसी ने न जानी॥
पार्वती तू उमा कहलावें।
जो तुझे सुमिरे सो सुख पावें॥
रिद्धि सिद्धि प्रदान करे तू।
दया करे धनवान करे तू॥
सोमवार को शिव संग प्यारी।
आरती जिसने तेरी उतारी॥
उसकी सगरी आस पुजा दो।
सगरे दुःख तकलीफ मिटा दो॥
घी का सुन्दर दीप जला के।
गोला गरी का भोग लगा के॥
श्रद्धा भाव से मन्त्र जपायें।
प्रेम सहित फिर शीश झुकायें॥
जय गिरिराज किशोरी अम्बे।
शिव मुख चन्द्र चकोरी अम्बे॥
मनोकामना पूर्ण कर दो।
चमन सदा सुख सम्पत्ति भर दो॥
PDF के दोनों पन्ने — असली प्रीव्यू
ये उसी डाउनलोड फाइल के पन्ने हैं। पहले पन्ने पर आरती पूरी है; दूसरे पर पदों का सरल भाव है।


आरती का आसान अर्थ
शैलपुत्री की पूजा नवरात्रि के प्रथम दिन होती है। इस आरती में माता के स्वरूप और भक्त की प्रार्थना का वर्णन है। नीचे हर दो पदों का संक्षिप्त भाव दिया है। यह सरल व्याख्या है, शब्दशः अनुवाद नहीं।
- माता शैलपुत्री को बैल पर सवार देवी और शिव की प्रिय भवानी कहकर प्रणाम किया गया है।
- पार्वती और उमा माता के नाम हैं। सुख, समृद्धि और सिद्धि का वर्णन धार्मिक श्रद्धा का कथन है।
- आरती में भक्त अपनी आशाओं की पूर्ति और दुख दूर होने की प्रार्थना करता है। सोमवार और शिव का स्मरण भी आता है।
- दीपक और नारियल के भोग का वर्णन है। भक्त श्रद्धा से मंत्र जपता और प्रेम से सिर झुकाता है।
- गिरिराज किशोरी का भाव है पर्वतराज हिमालय की पुत्री। अंतिम पद में सुख और कृपा की प्रार्थना की गई है।
घर में पाठ और प्रिंट कैसे इस्तेमाल करें
फोन में PDF सेव कर लें और आरती से पहले खोलकर रख लें। बड़े अक्षर चाहिए तो ज़ूम करें। प्रिंट निकालते समय A4 और “Fit to page” चुनें; प्रीव्यू में किनारे और अंतिम पंक्तियाँ देख लें। पहली बार पूरे बोल शांत गति से पढ़ें, फिर अपनी परिचित लय में गाएँ।
दीपक स्थिर थाली में रखें और बच्चों की पहुँच से दूर रखें। पाठ पढ़ते समय फोन को लौ के पास न रखें। डाउनलोड की फाइल सेव हुई है या नहीं, उसे फोन के Files या Downloads में एक बार खोलकर देख लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PDF में कितने पन्ने हैं?
दो A4 पन्ने हैं। पहले पन्ने में पूरे हिंदी बोल और दूसरे में सरल हिंदी भावार्थ है।
क्या डाउनलोड से पहले पूरा PDF देख सकते हैं?
हाँ। नीचे दोनों असली पन्नों के प्रीव्यू हैं। PDF खोलें बटन से पूरी फाइल भी देख सकते हैं।
क्या यह बिना इंटरनेट के पढ़ी जा सकती है?
PDF फोन में सेव करने के बाद बिना इंटरनेट के खोल सकते हैं।
आरती के कुछ बोल अलग क्यों मिलते हैं?
गायन और क्षेत्र के अनुसार छोटे पाठभेद मिलते हैं। यहाँ शैलपुत्री का प्रचलित पाठ दिया गया है। इसे सभी नौ देवियों की अलग-अलग आरतियों के साथ न मिलाएँ। शब्दभेद की तुलना के लिए स्रोत भी दिया है।
स्रोत और संबंधित आरती
पाठ की तुलना के लिए: Drik Panchang — शैलपुत्री — जय गिरिराज किशोरी.
अस्वीकरण: यह धार्मिक पाठ और सरल भावार्थ है। क्षेत्रीय शब्दभेद संभव हैं। कृपा और रक्षा की प्रार्थना धार्मिक आस्था का कथन है; किसी निश्चित लाभ की गारंटी नहीं।