राज्य का OBC सर्टिफिकेट केंद्र के फॉर्म में क्यों कटता है

राज्य का OBC सर्टिफिकेट केंद्र के फॉर्म में क्यों कटता है

राज्य का OBC सर्टिफिकेट है, फिर भी UPSC या SSC के फॉर्म पर OBC नहीं माना। इसे फॉर्म कट जाना कहते हैं। परीक्षा रद्द होना जरूरी नहीं। OBC वाला दावा कट जाता है। नाम जनरल में चला जाता है, या वेरिफिकेशन पर रोक लग जाती है।

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वजह कागज का रंग नहीं है। वजह यह है कि राज्य की लिस्ट और केंद्र की लिस्ट अलग हैं। राज्य का कागज राज्य की नौकरी में चलता है। केंद्र की नौकरी में कागज पर केंद्र लिस्ट लिखा होना चाहिए।

दो लिस्ट, दो कागज

केंद्र की लिस्ट राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग रखता है, राज्य के नाम से। राज्य की लिस्ट राज्य का विभाग रखता है। MP की जाति UP में अपने आप OBC नहीं। राज्य लिस्ट में नाम है, केंद्र लिस्ट में नहीं, तो राज्य का कोटा मिल सकता है। UPSC, SSC और केंद्र की भर्ती में OBC नहीं मिलेगा।

उलटा भी होता है। केंद्र लिस्ट में नाम है, राज्य के कागज पर सिर्फ राज्य OBC लिखा है। जाति सही है, लाइन गलत है। वेरिफिकेशन वाला लाइन पढ़ता है।

फॉर्म क्यों कटा, इसका डाटा पोस्टर।
कागज पर केंद्र लिस्ट लिखा हो। नहीं लिखा, तो OBC दावा कट सकता है।

कागज पर क्या लिखा होना चाहिए

DoPT ने 30 मई 2014 को OBC कागज का फॉर्म भेजा था, पत्र 36036/2/2013-Estt.(Res)। 13 अप्रैल 2023 को राज्यों से कहा गया कि तय फॉर्म में कागज बने, अनुसूचित भाषा में भी बन सकता है। UPSC वाले फॉर्म में यह लाइन मानी जाती है: जाति केंद्र सरकार की OBC लिस्ट में उस राज्य के लिए लिखी है, और आदमी क्रीमी लेयर में नहीं है।

कागज पर सिर्फ राज्य OBC लिखा है, केंद्र लिस्ट की लाइन नहीं, तो केंद्र का बोर्ड काट सकता है। यह हर बोर्ड का एक जैसा नियम नहीं। उसी परीक्षा का नोटिस पढ़ो। नोटिस में फॉर्म का नाम हो, वही फॉर्म माँगो।

कब कटता है

पाँच जगह दावा कटता है। जाति सिर्फ राज्य लिस्ट में है। जाति केंद्र लिस्ट में है, कागज राज्य वाले फॉर्म का है। कागज पर केंद्र लिस्ट लिखा नहीं। NCL पुराने वित्तीय वर्ष का है। क्रीमी लेयर की जाँच उस नोटिस से अलग निकली।

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NCL आय का कागज है। लिमिट 8 लाख है, 13 सितंबर 2017 से। 15 लाख माँग है, नोटिस नहीं। 11 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि माता-पिता की सैलरी अकेले से क्रीमी लेयर नहीं कटेगी। पोस्ट का दर्जा भी देखना है। यह फैसला है। काउंटर अभी पुराना चार्ट भी पूछ सकता है। दोनों की कॉपी रखो।

क्या करना है

फॉर्म भरने से पहले ncbc.nic.in पर अपना राज्य खोलो। जाति की स्पेलिंग मिलाओ। नहीं मिली, तो केंद्र का कोटा मत लिखो। मिली, तो तहसील से केंद्र फॉर्म वाला NCL माँगो। कागज पर केंद्र लिस्ट और राज्य का नाम दोनों हों। साल लिखा हो। साल नहीं है, तो स्लिप मत रखो।

राज्य की नौकरी है, तो राज्य का कागज चल सकता है। केंद्र की नौकरी में राज्य का कागज अपने आप नहीं चलता। EWS साथ नहीं चलता। EWS उन्हीं के लिए है जिन्हें और कोई कोटा नहीं। OBC लिखकर EWS भी मत भरना।

इसी लाइन के पेज यहाँ हैं। OBC फुल फॉर्म और जाति लिस्ट। फुल फॉर्म अन्य पिछड़ा वर्ग है। लिस्ट PDF से नाम मिलाओ।

काउंटर स्लिप और दोनों कागजों की कॉपी एक लिफाफे में रखो। एजेंट का रेट नोटिस नहीं। पैसे मत भेजो। फॉरवर्ड की लिस्ट सरकारी लिस्ट नहीं।

वेरिफिकेशन वाले दिन दोनों कागज ले जाओ। राज्य वाला और केंद्र वाला। एक ही लिफाफा। फोटो कॉपी और मूल दोनों। मूल नहीं है, तो स्लिप दिखाओ। स्लिप पर डेट हो। डेट नहीं है, तो कागज अधूरा मानो। किचन वाली सर्च इस फॉर्म से नहीं जुड़ी।

काउंटर पर क्या बोलना है

कहना यह है। केंद्र वाली नौकरी का फॉर्म भरना है। कागज पर केंद्र सरकार की OBC लिस्ट और राज्य का नाम दोनों लिखवाने हैं। सिर्फ राज्य OBC वाला पुराना कागज अलग लिफाफे में रखो। वह राज्य की नौकरी के लिए है। केंद्र वाले फॉर्म में वही मत लगाओ।

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तहसील वाले से फॉर्म का नाम पूछो। DoPT वाले फॉर्म की कॉपी साथ ले जाओ। नाम NCBC की स्पेलिंग जैसा लिखवाओ। यादव और अहीर एक एंट्री हो सकते हैं। फॉर्म में वही शब्द लिखो, जो लिस्ट में है। एक अक्षर फिसला, तो वेरिफिकेशन अटक सकता है।

NCL उसी साल का बनवाओ, जिस साल फॉर्म भर रहे हो। फरवरी का कागज अप्रैल में पुराना पड़ सकता है। वित्तीय वर्ष 31 मार्च को खत्म होता है। 1 अप्रैल के बाद नया कागज लो। यह हर राज्य का एक जैसा नियम नहीं। उसी परीक्षा की PDF पढ़ो। PDF में डेट नहीं है, तो बोर्ड से पूछो।

SC और ST का कागज OBC का कागज नहीं है। एक बार बना कागज दोनों जगह चल सकता है। OBC में ऐसा नहीं। राज्य और केंद्र अलग फॉर्म हैं। पोर्टल रोज चेक करो। PDF संभालकर रखो। फॉरवर्ड की तारीख नोटिस की तारीख नहीं। काउंटर स्लिप पर साल लिखा हो। पैसे मत भेजो। यह पेज कागज नहीं बनवाता।

जनगणना का OBC कॉलम इस कागज को नहीं बदलता। कॉलम आबादी गिनता है। लिस्ट नोटिस से बदलती है। नाम आज की PDF में है या नहीं, वही देखो। पुरानी फोटो नई वैधता नहीं। ग्रुप की कॉपी दावा नहीं।

एडवाइस:

सीधी बात यह है। फॉर्म कटने का मतलब परीक्षा रद्द होना नहीं। OBC वाला दावा कट जाता है। राज्य का कागज राज्य की नौकरी में चलता है। UPSC और SSC में कागज पर केंद्र लिस्ट लिखा हो। नहीं लिखा, तो दावा कट सकता है। नाम NCBC पर मिलाओ। NCL अलग है। EWS साथ नहीं। उसी परीक्षा का नोटिस पढ़ो। पैसे मत भेजो।

सोर्स: DoPT पत्र 30 मई 2014 और 13 अप्रैल 2023, NCBC केंद्र लिस्ट, UPSC वेरिफिकेशन की प्रचलित शर्त। यह पेज कागज नहीं बनवाता। नोटिस उसी परीक्षा का पढ़ो। साइट दावे की गारंटी नहीं देती।

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Vivek Hardaha Written by: Writer, YouTuber and tool builder · Madhya Pradesh

Vivek has been online since 2012 and has worked since 2014 across YouTube, blogs and news platforms. He holds an M.Sc. in Computer Science and an M.A. in Sociology. On Vista Hub he writes practical, plain-language guides on tech, money, health, farming and festivals.

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