सोचिए, आप रोज सुबह यह मानकर 4 किलोमीटर तेज वॉक पर निकलते हैं कि इससे आपकी सेहत सुधरेगी। लेकिन हफ्ता खत्म होते-होते घुटनों की टीस इतनी बढ़ जाती है कि सीढ़ी चढ़ना भी सजा लगने लगता है। क्या आप जानते हैं कि गलत तरीके से चलना आपके जोड़ों के ग्रीस और कार्टिलेज को धीरे-धीरे खत्म कर रहा है?
घुटनों में दर्द के बावजूद चलना क्यों जरूरी है और कब रुकना चाहिए?
बहुत से लोग सोचते हैं कि घुटने में दर्द शुरू होते ही बिस्तर पकड़ लेना चाहिए। यह पूरी तरह सही नहीं है। जोड़ों की सेहत गतिशीलता पर निर्भर करती है। जब आप चलते हैं, तो घुटने के अंदर मौजूद साइनोवियल फ्लूइड यानी जोड़ों का प्राकृतिक ग्रीस पूरे जोड़ में फैलता है। यही तरल पदार्थ आपके कार्टिलेज को पोषण देता है। अगर आप पूरी तरह चलना बंद कर देंगे, तो जोड़ और ज्यादा सख्त हो जाएंगे।
लेकिन यहाँ सबसे बड़ा सवाल यह है कि सीमा कहाँ तय की जाए? हल्का खिंचाव या वार्म-अप के बाद कम होने वाला दर्द सामान्य हो सकता है। परंतु अगर चलने के दौरान अचानक तेज चुभन महसूस हो, घुटना एकदम से लॉक हो जाए या वजन संभाल न पाए, तो समझ लीजिए कि आपका शरीर ब्रेक लगाने का इशारा कर रहा है। ऐसे समय में जबरदस्ती कदम आगे बढ़ाना भारी पड़ सकता है।
गलत जूते पहनकर वॉक करना: घुटनों के लिए सबसे बड़ा खतरा
अक्सर देखा गया है कि लोग टहलने के लिए घर में पड़े पुराने स्लीपर, पतले तले वाले कैनवस शूज या घिसे हुए चप्पल पहनकर निकल जाते हैं। यह आपके घुटनों के साथ सबसे बड़ी दुश्मनी है। जब आपका पैर जमीन से टकराता है, तो एक शॉक यानी झटका पैदा होता है। अगर आपका जूता उस झटके को सोखने में असमर्थ है, तो वह पूरा झटका सीधे घुटने के जोड़ और टखने पर ट्रांसफर हो जाता है।
सख्त जमीन या कंक्रीट की सड़क पर बिना कुशनिंग वाले जूते पहनकर चलने से घुटने के अंदर का कार्टिलेज बहुत तेजी से घिसता है। हमेशा ऐसे रनिंग या वॉकिंग शूज चुनें जिनमें आगे से पैर की उंगलियों को हिलने की जगह मिले और एड़ी के नीचे सॉफ्ट कड़ा कुशन मौजूद हो। अपने जूतों की म्याद पर ध्यान देना भी बहुत जरूरी है; हर 500-600 किलोमीटर चलने के बाद जूता अपनी कुशनिंग खो देता है और उसे बदल देना चाहिए।
सड़क, ढलान या ट्रेडमिल: सही सतह चुनना कितना महत्वपूर्ण है?
आप कहाँ चल रहे हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके घुटने कितने लंबे समय तक आपका साथ देंगे। पक्की डामर की सड़क या सीमेंट की पगडंडी बहुत सख्त होती है। इस पर लगातार चलने से इम्पैक्ट फोर्स बहुत अधिक उत्पन्न होता है। इसके बजाय अगर आपको पार्क में घास वाली जमीन या कच्ची मिट्टी का रास्ता मिले, तो वह आपके घुटनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
इसके अलावा ढलान या सीढ़ियों पर वॉक करने से बचें। पक्के तौर पर याद रखें कि नीचे उतरते समय घुटनों पर दबाव सबसे ज्यादा होता है। जब आप ढलान से नीचे आते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण घुटने की कटोरी (पटेला) पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। अगर आपको ट्रेडमिल इस्तेमाल करने का शौक है, तो उसमें इंकलाइन बिल्कुल 0 पर रखें या फिर समतल ट्रैक का ही चुनाव करें।
वॉक से पहले और बाद में ये दो काम कभी न भूलें
ज्यादातर लोग घर से निकलते ही सीधे तेज गति में चलना शुरू कर देते हैं। ठंडी और सख्त मांसपेशियों पर अचानक इतना दबाव डालने से लिगामेंट में खिंचाव आ सकता है। चलने से पहले कम से कम 5 मिनट का हल्का वार्म-अप बेहद अनिवार्य है। पैरों को धीरे-धीरे हिलाना, जांघों की मांसपेशियों को स्ट्रेच करना और टखनों को घुमाना आपके जोड़ों को आने वाले दबाव के लिए तैयार करता है।
इसी तरह, वॉक खत्म करने के तुरंत बाद जाकर सोफे पर बैठ जाना भी गलत है। 2-3 मिनट हल्की गति से चलकर बॉडी को ‘कूल डाउन’ होने दें। अगर चलने के बाद घुटने में हल्की गर्माहट या सूजन महसूस हो, तो 10-15 मिनट के लिए बर्फ की सिकाई करें। बर्फ सिकाई जोड़ों के अंदरूनी तनाव को कम करती है और दर्द को बढ़ने से रोकती है।
चलते समय चाल (Posture) और गति का सही संतुलन कैसे बनाएं?
क्या आप चलते समय अपने पैरों को जमीन पर पटक कर रखते हैं? या फिर बहुत लंबे-लंबे कदम बढ़ाते हैं? अगर हाँ, तो अपनी चाल सुधारिए। लंबे कदम उठाने से एड़ी पर अतिरिक्त झटका लगता है जो सीधे घुटने की कटोरी को प्रभावित करता है। इसके बजाय छोटे और नियंत्रण में कदम बढ़ाएं। पैर रखते समय पहले एड़ी जमीन पर आनी चाहिए और फिर पंजे की तरफ वजन शिफ्ट होना चाहिए।
गति के मामले में कभी भी दूसरों से होड़ न करें। अगर आपके साथ वाला व्यक्ति बहुत तेज चल रहा है, तो उसकी देखा-देखी अपनी गति न बढ़ाएं। घुटने के दर्द से पीड़ित लोगों के लिए मध्यम और आरामदायक चाल ही सबसे सही तरीका है। पेट की मांसपेशियों को थोड़ा कसकर और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखकर चलने से शरीर का वजन दोनों पैरों पर बराबर बंटता है।
जांघों की मजबूती: घुटने के दर्द का असली और स्थायी समाधान
घुटने का जोड़ अकेला काम नहीं करता। इसे सहारा देने का काम आपकी जांघ के आगे की मांसपेशियां (Quadriceps) और पीछे की मांसपेशियां (Hamstrings) करती हैं। अगर आपकी जांघों की मांसपेशियां कमजोर हैं, तो चलने का पूरा भार सीधे हड्डी और कार्टिलेज पर आ जाता है। इसलिए सिर्फ वॉक करना काफी नहीं है, मसल्स को मजबूत बनाना भी उतना ही जरूरी है।
बिस्तर पर सीधे लेटकर पैर को 45 डिग्री तक उठाना (Straight Leg Raise) एक बेहद आसान और असरदार कसरत है। इसे रोज करने से जांघों की ताकत बढ़ती है। जब आपकी मांसपेशियां मजबूत होंगी, तो वे एक नेचुरल शॉक एब्जॉर्बर की तरह काम करेंगी और चलने के दौरान आपके घुटनों को हर झटके से सुरक्षित रखेंगी।
Vivek Bhai ki Advice
घुटनों का दर्द एक ऐसी समस्या है जो इंसान की आजादी छीन लेती है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप चलना-फिरना छोड़कर एक कोने में बैठ जाएं। गति ही जीवन है, बस जरूरत इस बात की है कि आप अपने शरीर की सुनें और जिद में आकर अपने जोड़ों पर अत्याचार न करें।
अक्सर लोग सोचते हैं कि रोजाना 10,000 कदम पूरे करना ही सेहत की गारंटी है। लेकिन अगर उन 10,000 कदमों में से हर एक कदम आपके घुटने को नुकसान पहुँचा रहा है, तो ऐसा टारगेट किस काम का? क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी पर ध्यान दें। 20 मिनट का सही और सुरक्षित वॉक 1 घंटे के गलत और दर्द भरे वॉक से हजार गुना बेहतर है।
देख भाई, सीधी सी बात है, अगर चलने के बाद दर्द कई घंटों तक बना रहता है या घुटने में सूजन आ जाती है, तो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेने में बिल्कुल देर मत करो। सही समय पर लिया गया सही फैसला आपको भविष्य में किसी बड़े ऑपरेशन या नी-रिप्लेसमेंट की नौबत से बचा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या घुटने के दर्द में रोज टहलना चाहिए?
हाँ, टहलना जोड़ों के लिए अच्छा है। लेकिन दर्द बहुत ज्यादा हो या सूजन हो तो ब्रेक लें। रोज 15-20 मिनट की हल्की वार्म-अप वॉक नरम सतह पर करना सबसे सुरक्षित माना जाता है।
घुटने के दर्द में गर्म सिकाई करें या बर्फ की?
अगर वॉक के तुरंत बाद सूजन या जलन महसूस हो रही है, तो बर्फ (Ice pack) का इस्तेमाल करें। अगर पुराना दर्द और जकड़न महसूस हो रही है, तो वॉक से पहले हल्की गर्म सिकाई करना बेहतर रहता है।
वॉक करते समय घुटने की कैप (Knee Cap) पहनना सही है?
हाँ, टहलते समय नी कैप या ब्रेस पहनने से जोड़ों को बाहरी सपोर्ट मिलता है और चाल में स्थिरता बनी रहती है। हालांकि, इसे पूरा दिन पहनकर न रखें वरना मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं।
किस तरह के धरातल पर टहलना घुटनों के लिए सबसे अच्छा है?
पार्क की घास, कच्ची मिट्टी या सिंथेटिक वॉकिंग ट्रैक सबसे बेहतर होते हैं। सीमेंट की पक्की सड़कों और डामर वाली रास्तों पर टहलने से बचना चाहिए क्योंकि वे बहुत सख्त होते हैं।
Disclaimer: इस article में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है।