What is in this article?
- गोवर्धन परिक्रमा कितने किलोमीटर की होती है?
- गोवर्धन परिक्रमा कहां से शुरू करें?
- गोवर्धन परिक्रमा मार्ग: प्रमुख पड़ाव और दर्शन स्थल
- 1. दानघाटी मंदिर
- 2. मानसी गंगा
- 3. गोविंद कुंड
- 4. पूंछरी का लौठा
- 5. जतीपुरा और गिरिराज जी मुखारविंद
- 6. राधा कुंड और श्याम कुंड
- 7. कुसुम सरोवर
- 8. उद्धव कुंड और वापसी
- गोवर्धन की बड़ी और छोटी परिक्रमा क्या होती है?
- गोवर्धन परिक्रमा पैदल करें या वाहन से?
- परिक्रमा पर जाने से पहले ये जरूरी बातें जान लें
- गोवर्धन परिक्रमा के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- गोवर्धन परिक्रमा की कुल दूरी कितनी है?
- गोवर्धन परिक्रमा में कितना समय लगता है?
- गोवर्धन परिक्रमा कहां से शुरू होती है?
- क्या गोवर्धन परिक्रमा नंगे पैर करना जरूरी है?
- क्या बुजुर्ग लोग गोवर्धन परिक्रमा कर सकते हैं?
- गोवर्धन पूजा और गिरिराज जी से जुड़ी जानकारी
गोवर्धन परिक्रमा ब्रज की सबसे प्रसिद्ध धार्मिक यात्राओं में से एक है। श्रद्धालु श्री गिरिराज जी यानी गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करते हैं। पूरी परिक्रमा की मान्य दूरी लगभग 21 किलोमीटर (7 कोस) मानी जाती है। रास्ते में दानघाटी, मानसी गंगा, गोविंद कुंड, पूंछरी का लौठा, जतीपुरा, राधा कुंड, श्याम कुंड और कुसुम सरोवर जैसे प्रमुख स्थान आते हैं।
अगर आप पहली बार गोवर्धन परिक्रमा करने जा रहे हैं, तो यह आसान गाइड आपको मार्ग, प्रमुख पड़ाव, लगने वाला समय और यात्रा की तैयारी समझने में मदद करेगी।

गोवर्धन परिक्रमा कितने किलोमीटर की होती है?
गोवर्धन पर्वत की पूरी परिक्रमा लगभग 21 किलोमीटर यानी 7 कोस की मानी जाती है। यह दूरी मथुरा जिला प्रशासन की ब्रज परिक्रमा जानकारी में भी दी गई है। रास्ते में मंदिर, गांव, सरोवर और कई पवित्र कुंड आते हैं। कुछ श्रद्धालु दर्शन और अतिरिक्त पड़ावों के कारण थोड़ा अधिक रास्ता भी तय करते हैं, इसलिए मोबाइल मैप या अलग-अलग चित्रों में दूरी में थोड़ा अंतर दिख सकता है।
पूरी यात्रा पैदल करने में सामान्य तौर पर करीब 5 से 7 घंटे लग सकते हैं। दर्शन, भीड़, आराम और चलने की गति के अनुसार समय कम-ज्यादा हो सकता है। बुजुर्गों या लंबे समय तक पैदल न चल पाने वाले लोगों के लिए स्थानीय स्तर पर ई-रिक्शा और अन्य वाहन विकल्प मिल सकते हैं। किराया और उपलब्धता वहीं जाकर पहले तय करें।

गोवर्धन परिक्रमा कहां से शुरू करें?
अधिकतर श्रद्धालु गोवर्धन कस्बे में दानघाटी मंदिर या मानसी गंगा के पास से परिक्रमा शुरू करते हैं और वापस उसी क्षेत्र में आकर यात्रा पूरी करते हैं। शुरुआत करने से पहले अपने समूह के साथ मिलने की जगह तय कर लें। अगर आप किसी दूसरे पड़ाव से शुरू करते हैं, तो भी पूरी परिक्रमा का चक्कर पूरा करके उसी जगह लौटने की योजना बनाएं।
परिक्रमा के दौरान स्थानीय संकेतों और मंदिरों के बताए रास्ते का पालन करें। अलग-अलग पड़ावों पर रास्ते की दिशा या क्रम में स्थानीय मार्ग के अनुसार थोड़ा बदलाव हो सकता है।
गोवर्धन परिक्रमा मार्ग: प्रमुख पड़ाव और दर्शन स्थल
नीचे दिए गए स्थान परिक्रमा के मुख्य धार्मिक पड़ावों में गिने जाते हैं। यह एक आसान परिचय है; हर व्यक्ति का रुकने और दर्शन करने का क्रम अलग हो सकता है।
1. दानघाटी मंदिर
दानघाटी मंदिर गोवर्धन कस्बे का प्रमुख धार्मिक स्थल है। कई श्रद्धालु यहीं से परिक्रमा शुरू करते हैं। यहां गिरिराज जी के दर्शन करके अपनी यात्रा का संकल्प लिया जाता है। त्योहारों और पूर्णिमा के समय यहां भीड़ अधिक हो सकती है।
2. मानसी गंगा
मानसी गंगा गोवर्धन का प्रसिद्ध पवित्र सरोवर है। श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा करते हैं। यह स्थान दानघाटी के पास होने के कारण परिक्रमा की शुरुआत या समापन के समय आसानी से शामिल किया जा सकता है।
3. गोविंद कुंड
गोविंद कुंड गोवर्धन क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक कुंड है। इसकी पहचान भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला से जुड़ी परंपराओं के कारण है। यहां कुछ समय रुककर दर्शन किए जा सकते हैं।
4. पूंछरी का लौठा
पूंछरी का लौठा गोवर्धन पर्वत के दक्षिणी छोर की ओर स्थित प्रसिद्ध पड़ाव है। यह क्षेत्र राजस्थान की तरफ पड़ता है। यहां लौठा बाबा से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार श्रद्धालु दर्शन करते हैं। रास्ते में गांव और खुले ग्रामीण इलाके भी दिखाई देते हैं।

5. जतीपुरा और गिरिराज जी मुखारविंद
जतीपुरा में श्री गिरिराज जी का मुखारविंद प्रसिद्ध है। श्रद्धालु यहां गिरिराज जी के दर्शन और पूजा करते हैं। कई भक्त दूध से अभिषेक भी करते हैं; पूजा की स्थानीय व्यवस्था और नियमों का सम्मान करें।
6. राधा कुंड और श्याम कुंड
राधा कुंड और श्याम कुंड ब्रज के अत्यंत पवित्र कुंड माने जाते हैं। दोनों कुंड एक-दूसरे के पास हैं और राधा-कृष्ण की भक्ति परंपरा से जुड़े हैं। यहां भीड़ और धार्मिक नियमों का ध्यान रखें। जल में उतरने या पूजा करने से पहले वहां के निर्देश जरूर देखें।
7. कुसुम सरोवर
कुसुम सरोवर अपने सुंदर घाटों और छतरियों के लिए जाना जाता है। यह परिक्रमा के रास्ते का प्रमुख दर्शनीय पड़ाव है। यहां कुछ देर आराम किया जा सकता है, लेकिन रास्ता और घाट साफ रखें।
8. उद्धव कुंड और वापसी
उद्धव कुंड भी गोवर्धन परिक्रमा से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यहां से आगे बढ़ते हुए श्रद्धालु मानसी गंगा और दानघाटी की ओर लौटते हैं और अपना परिक्रमा चक्र पूरा करते हैं।

गोवर्धन की बड़ी और छोटी परिक्रमा क्या होती है?
कुछ स्थानीय मार्गदर्शिकाओं में परिक्रमा को बड़ी और छोटी परिक्रमा के हिस्सों में समझाया जाता है। सामान्य तौर पर पूरा चक्कर लगभग 21 किमी का माना जाता है। अलग-अलग स्रोतों में इन हिस्सों की दूरी और नामों का बंटवारा एक जैसा नहीं मिलता, इसलिए किसी एक इन्फोग्राफिक में लिखी हर छोटी दूरी को पक्का माप न मानें। यदि आपके पास पूरा समय नहीं है, तो स्थानीय पुजारी या भरोसेमंद गाइड से पूछकर किसी एक हिस्से की यात्रा तय कर सकते हैं।
गोवर्धन परिक्रमा पैदल करें या वाहन से?
- पैदल परिक्रमा: स्वस्थ और तैयार श्रद्धालु अपनी गति से पैदल चल सकते हैं। रास्ते में दर्शन और विश्राम के लिए समय रखें।
- ई-रिक्शा या स्थानीय वाहन: बुजुर्गों, बच्चों या चलने में परेशानी वाले लोगों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है। वाहन से जाते समय भी प्रमुख मंदिरों पर उतरकर दर्शन करने की योजना पहले बना लें।
- दंडवत परिक्रमा: यह कठिन और समय लेने वाली पारंपरिक साधना है। इसे शुरू करने से पहले अपनी शारीरिक क्षमता, स्वास्थ्य और किसी अनुभवी मार्गदर्शक की सलाह को ध्यान में रखें।

परिक्रमा पर जाने से पहले ये जरूरी बातें जान लें
- समय: गर्मी में दोपहर की तेज धूप से बचें। सुबह जल्दी निकलना बेहतर रहता है। मौसम और भीड़ के अनुसार अपनी योजना बनाएं।
- पानी: अपने साथ पीने का पानी रखें और जरूरत के अनुसार आराम करें।
- जूते या नंगे पैर: कुछ श्रद्धालु धार्मिक भावना से नंगे पैर परिक्रमा करते हैं। यह व्यक्तिगत आस्था है; अपनी सेहत और रास्ते की स्थिति देखकर ही निर्णय लें।
- कपड़े: आरामदायक और मौसम के अनुकूल कपड़े पहनें।
- बुजुर्ग और बच्चे: पूरी 21 किमी यात्रा उनके लिए कठिन हो सकती है। छोटे ब्रेक रखें और जरूरत पड़ने पर वाहन विकल्प चुनें।
- भीड़: पूर्णिमा, एकादशी, कार्तिक मास और गोवर्धन पूजा जैसे अवसरों पर भीड़ बढ़ सकती है। अतिरिक्त समय लेकर चलें।
- सफाई: कुंडों और मंदिरों के आसपास कचरा न फैलाएं। जलाशयों में साबुन या प्लास्टिक न डालें।
- स्वास्थ्य: चक्कर, कमजोरी, सांस फूलना या तेज दर्द हो तो चलना रोकें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सहायता लें।


गोवर्धन परिक्रमा के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गोवर्धन परिक्रमा की कुल दूरी कितनी है?
पूरी गोवर्धन परिक्रमा की मान्य दूरी लगभग 21 किलोमीटर यानी 7 कोस है।
गोवर्धन परिक्रमा में कितना समय लगता है?
पैदल चलने में करीब 5 से 7 घंटे लग सकते हैं। दर्शन, भीड़, आराम और चलने की गति के कारण समय बदल सकता है।
गोवर्धन परिक्रमा कहां से शुरू होती है?
अधिकतर श्रद्धालु दानघाटी मंदिर या मानसी गंगा के पास से शुरुआत करते हैं और पूरा चक्कर लगाकर वहीं लौटते हैं।
क्या गोवर्धन परिक्रमा नंगे पैर करना जरूरी है?
नंगे पैर चलना कुछ श्रद्धालुओं की आस्था और परंपरा का हिस्सा है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए इसे अनिवार्य नहीं माना जाना चाहिए। अपनी सेहत और सुविधा के अनुसार निर्णय लें।
क्या बुजुर्ग लोग गोवर्धन परिक्रमा कर सकते हैं?
यदि 21 किमी पैदल चलना कठिन हो, तो स्थानीय वाहन या ई-रिक्शा का विकल्प देखा जा सकता है। यात्रा से पहले स्वास्थ्य और आराम का ध्यान रखें।
गोवर्धन पूजा और गिरिराज जी से जुड़ी जानकारी
गोवर्धन पूजा की तिथि, पूजा विधि, अन्नकूट और गोवर्धन पर्वत की कथा पढ़ने के लिए हमारी यह विस्तृत गाइड देखें:
- गोवर्धन पूजा 2026: तिथि, पूजा विधि, अन्नकूट और गोवर्धन पर्वत की कथा
- गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं, फोटो और HD इमेज
राधे-राधे! जय श्री गिरिराज जी महाराज!
नोट: परिक्रमा की दूरी और पड़ावों का क्रम स्थानीय मार्ग के अनुसार थोड़ा बदल सकता है। यह लेख सामान्य यात्रा जानकारी के लिए है। यात्रा के दिन स्थानीय प्रशासन, मंदिरों और रास्ते पर लगे संकेतों से ताजा जानकारी जरूर लें।
संदर्भ: मथुरा जिला प्रशासन – ब्रज परिक्रमा · गोवर्धन परिक्रमा मार्गदर्शिका
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