What is in this article?
- दिवाली 2026 कब है? (Diwali 2026 Date)
- लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त 2026 (Lakshmi Puja Muhurat)
- प्रदोष काल और वृषभ लग्न क्या हैं?
- लक्ष्मी पूजा की सामग्री
- दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा कैसे करें? (Diwali Puja Vidhi)
- 1. घर और पूजा स्थान की सफाई
- 2. दीपक और कलश स्थापित करें
- 3. गणेश जी का पूजन करें
- 4. मां लक्ष्मी का पूजन करें
- 5. आरती करें
- श्री लक्ष्मी जी की आरती (Lakshmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi)
- आरती के बाद क्या करें?
- लक्ष्मी आरती PDF Download कैसे करें?
- लक्ष्मी पूजा से जुड़े जरूरी सवाल (FAQs)
- दिवाली 2026 किस तारीख को है?
- दिवाली 2026 में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त क्या है?
- क्या 5:54 से 7:50 बजे का मुहूर्त पूरे भारत के लिए है?
- लक्ष्मी पूजा में पहले किसकी पूजा करनी चाहिए?
- लक्ष्मी जी की आरती कब करनी चाहिए?
- लक्ष्मी आरती PDF मोबाइल में कैसे सेव करें?
- निष्कर्ष
दिवाली 2026 का मुख्य लक्ष्मी पूजन रविवार, 8 नवंबर 2026 को किया जाएगा। इस दिन प्रदोष काल में मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर जी की पूजा करने की परंपरा है। दिल्ली के लिए लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक बताया गया है। हालांकि पूजा का सटीक समय शहर के अनुसार बदलता है, इसलिए अपने शहर के पंचांग से समय जरूर मिलाएं।
इस लेख में आपको दिवाली 2026 की तारीख, लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त, सरल पूजा विधि, जरूरी सामग्री और श्री लक्ष्मी जी की पारंपरिक आरती के बोल मिलेंगे। साथ ही आरती और पूजा विधि को PDF में सुरक्षित रखने के लिए उपयोगी जानकारी भी दी गई है।
दिवाली 2026 कब है? (Diwali 2026 Date)
भारत में दीपावली 2026 रविवार, 8 नवंबर को मनाई जाएगी। यह कार्तिक मास की अमावस्या तिथि है। अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह लगभग 11:27 बजे शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर लगभग 12:31 बजे समाप्त होने का पंचांग विवरण उपलब्ध है। लक्ष्मी पूजन सामान्यतः अमावस्या की प्रदोष बेला में किया जाता है।
दिवाली की तारीख और पूजा के समय को लेकर अलग-अलग वेबसाइटों पर अंतर दिख सकता है। इसका एक कारण शहर का स्थान, सूर्यास्त का समय और पंचांग गणना है। इसलिए किसी दूसरे शहर का मुहूर्त अपने शहर पर सीधे लागू न करें।
लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त 2026 (Lakshmi Puja Muhurat)
| शहर | लक्ष्मी पूजा मुहूर्त, 8 नवंबर 2026 |
|---|---|
| नई दिल्ली | शाम 5:54 से 7:50 बजे |
| भोपाल | शाम 6:03 से 8:01 बजे |
| इंदौर | शाम 6:10 से 8:09 बजे |
| जयपुर | शाम 6:03 से 7:59 बजे |
| मुंबई | शाम 6:27 से 8:27 बजे |
| कोलकाता | शाम 5:20 से 7:18 बजे |
| चेन्नई | शाम 6:07 से 8:09 बजे |
| बेंगलुरु | शाम 6:17 से 8:20 बजे |
ध्यान दें: ये शहर-आधारित प्रकाशित पंचांग समय हैं। अलग-अलग पंचांगों में गणना के कारण एक-दो मिनट का अंतर हो सकता है। आपके शहर या आसपास के क्षेत्र के लिए स्थानीय पंचांग/मंदिर से पुष्टि करना बेहतर है। ऊपर दिया गया 5:54 से 7:50 बजे का समय दिल्ली के लिए है, पूरे भारत के लिए एक समान समय नहीं।
प्रदोष काल और वृषभ लग्न क्या हैं?
प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद का वह समय है जिसमें दीपावली पर लक्ष्मी पूजन किया जाता है। कई पंचांगों में प्रदोष काल के भीतर आने वाले स्थिर वृषभ लग्न को लक्ष्मी पूजा के लिए विशेष महत्व दिया जाता है। इसी वजह से पूजा का मुहूर्त शहर के सूर्यास्त और स्थानीय लग्न के अनुसार बदलता है।
लक्ष्मी पूजा की सामग्री
पूजा से पहले आवश्यक सामग्री एक जगह रख लें, ताकि पूजा के समय कोई चीज ढूंढनी न पड़े।
- मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर
- साफ चौकी और लाल या पीला कपड़ा
- रोली, कुमकुम, हल्दी और अक्षत
- फूल, माला और दूर्वा
- धूप, दीपक, रुई की बत्ती और घी/तेल
- कलश, जल और आम/अशोक के पत्ते (परंपरा अनुसार)
- मिठाई, फल, पान, सुपारी और नारियल
- सिक्के या पूजा में रखे जाने वाले धन/बही-खाते
- कपूर और आरती की थाली
सामग्री में परिवार की परंपरा के अनुसार बदलाव हो सकता है। पूजा में स्वच्छता, श्रद्धा और शांत वातावरण को प्राथमिकता दें।
दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा कैसे करें? (Diwali Puja Vidhi)
1. घर और पूजा स्थान की सफाई
दिवाली से पहले घर और पूजा स्थान को साफ करें। चौकी पर स्वच्छ कपड़ा बिछाएं और मां लक्ष्मी तथा भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। दीपक और पूजा सामग्री व्यवस्थित रखें।
2. दीपक और कलश स्थापित करें
परिवार की परंपरा के अनुसार कलश स्थापित करें। पूजा स्थान पर दीपक जलाएं। दीपक ऐसी सुरक्षित जगह रखें जहां पर्दे, कागज या अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूरी बनी रहे।
3. गणेश जी का पूजन करें
किसी भी शुभ पूजा की शुरुआत भगवान गणेश के स्मरण से करने की परंपरा है। उन्हें फूल, अक्षत और प्रसाद अर्पित करें। इसके बाद मां लक्ष्मी का ध्यान करें।
4. मां लक्ष्मी का पूजन करें
मां लक्ष्मी को फूल, अक्षत, रोली, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार मंत्र या स्तुति का पाठ करें। धन और समृद्धि के साथ विवेक, मेहनत और संतोष की कामना भी करें।
5. आरती करें
पूजा के बाद श्री लक्ष्मी जी की आरती करें। परिवार के सभी सदस्य आरती में शामिल हो सकते हैं। आरती के बाद प्रसाद बांटें और घर के सुरक्षित स्थानों पर दीपक जलाएं।
श्री लक्ष्मी जी की आरती (Lakshmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi)
नीचे प्रचलित पारंपरिक लक्ष्मी आरती के बोल दिए गए हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और पुस्तकों में कुछ पंक्तियों या शब्दों के पाठांतर मिल सकते हैं।
**ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥**
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…
दुर्गा रूप निरंजनि, सुख-संपत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…
तुम पाताल-निवासिनी, तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…
शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…
महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई नर गाता।
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…
आरती के बाद क्या करें?
आरती पूरी होने के बाद हाथ जोड़कर परिवार और सभी के सुख-स्वास्थ्य की प्रार्थना करें। प्रसाद बांटें और घर के सदस्यों के साथ त्योहार की खुशियां साझा करें। पूजा में उपयोग किए गए दीपक सुरक्षित स्थान पर रखें और उन्हें जलता हुआ अकेला न छोड़ें।
लक्ष्मी आरती PDF Download कैसे करें?
यदि आप लक्ष्मी जी की आरती को पूजा के समय पढ़ना चाहते हैं, तो इस लेख को अपने मोबाइल में सेव कर सकते हैं या ब्राउज़र के Print विकल्प से Save as PDF चुन सकते हैं। PDF बनाते समय हिंदी फॉन्ट सही दिखाई दे रहे हैं या नहीं, यह जांच लें। किसी अनजान डाउनलोड बटन या संदिग्ध फाइल लिंक पर क्लिक करने से बचें।
लक्ष्मी पूजा से जुड़े जरूरी सवाल (FAQs)
दिवाली 2026 किस तारीख को है?
भारत में दिवाली 2026 रविवार, 8 नवंबर को मनाई जाएगी।
दिवाली 2026 में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली के लिए प्रकाशित मुहूर्त शाम 5:54 से 7:50 बजे तक है। अन्य शहरों में समय अलग हो सकता है।
क्या 5:54 से 7:50 बजे का मुहूर्त पूरे भारत के लिए है?
नहीं। यह दिल्ली का समय है। सूर्यास्त और लग्न के अंतर के कारण शहरों में पूजा का समय बदलता है।
लक्ष्मी पूजा में पहले किसकी पूजा करनी चाहिए?
सामान्य परंपरा में पहले भगवान गणेश का पूजन किया जाता है, फिर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
लक्ष्मी जी की आरती कब करनी चाहिए?
परिवार की पूजा परंपरा के अनुसार लक्ष्मी पूजन के बाद आरती की जाती है। इसे पूजा के समापन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
लक्ष्मी आरती PDF मोबाइल में कैसे सेव करें?
लेख को ब्राउज़र में खोलकर Print या Share विकल्प में Save as PDF चुन सकते हैं। विकल्प फोन और ब्राउज़र के अनुसार अलग हो सकता है।
निष्कर्ष
दिवाली 2026 रविवार, 8 नवंबर को है। लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त शहर के अनुसार अलग होगा, इसलिए दिल्ली का समय अपने शहर के लिए बिना जांचे न अपनाएं। पूजा की तैयारी पहले से कर लें, भगवान गणेश और मां लक्ष्मी का पूजन करें और श्रद्धा के साथ श्री लक्ष्मी जी की आरती गाएं। दीपक जलाते समय सुरक्षा का ध्यान रखें और त्योहार को परिवार तथा आसपास के लोगों के साथ खुशियों से मनाएं।
जानकारी का आधार: Drik Panchang के 2026 Lakshmi Puja city timings और भारत सरकार के 2026 holiday calendar में दीपावली की तारीख। पंचांग समय स्थानीय गणना के अनुसार बदल सकता है; अंतिम पुष्टि स्थानीय पंचांग से करें।

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