स्कूल TC नहीं दे रहा तो क्या करें? फीस विवाद में पहला कदम
नई स्कूल में प्रवेश की तारीख पास है, लेकिन पुरानी स्कूल कह रही है कि पहले पूरी फीस दो, तभी TC मिलेगी? लिखित आवेदन, फीस का अलग हिसाब और शिक्षा अधिकारी को प्रमाण सहित शिकायत साथ शुरू करें। बच्चे की पढ़ाई रुकने का कारण स्पष्ट लिखें। केवल फोन पर बहस और “सात दिन में सब ठीक” की उम्मीद पर निर्भर न रहें।
सीधा जवाब: फीस वसूली और बच्चे का transfer certificate अलग प्रश्न हैं। कई हाई कोर्ट फैसलों ने फीस के कारण TC रोकने के विरुद्ध राहत दी है, जबकि स्कूल का वैध बकाया वसूलने का अधिकार अलग रखा है। आपके मामले में उम्र, कक्षा, राज्य, school recognition और बोर्ड के नियम देखे जाएँगे। TC मिलना पूरी फीस माफ होना नहीं है।
- Principal को लिखित TC आवेदन और प्रवेश की आखिरी तारीख दें।
- माह/मद के अनुसार fee ledger और disputed charges माँगें।
- Receiving, email और स्कूल का लिखित जवाब सुरक्षित रखें।
- DEO/संबंधित शिक्षा प्राधिकरण को urgent admission relief की शिकायत दें।
- नई स्कूल से लागू नियमों के अनुसार provisional/बिना विलंब प्रवेश का रास्ता पूछें।

RTE धारा 5(3): कानून क्या कहता है और कहाँ सीमा है?
Right of Children to Free and Compulsory Education Act, 2009 में TC तुरंत जारी करने तथा TC प्रस्तुत करने में देरी को संबंधित प्रवेश टालने या न देने का आधार न बनाने का प्रावधान धारा 5(3) में है। इसे केवल धारा 5(2) का नियम कहना अधूरा है। विलंब करने वाले head-teacher/in-charge के विरुद्ध लागू service rules में disciplinary action का प्रावधान भी है।
RTE का सामान्य ढाँचा छह से चौदह वर्ष के बच्चों और elementary education, यानी कक्षा 1–8, का है; अधिनियम में कुछ विशेष स्थितियाँ भी हैं। इसे हर उम्र तथा कक्षा 12 तक समान automatic अधिकार की तरह न लिखें। Section 5 के transfer अधिकार में destination-school categories के exclusions भी हैं; इससे पसंद की हर unaided private या specified-category school में automatic admission नहीं मिलता।
School category, recognition, minority-institution स्थिति तथा लागू न्यायिक निर्णय भी प्रभाव डाल सकते हैं। कक्षा 9–12 या RTE से बाहर मामले में राज्य शिक्षा कानून, बोर्ड नियम और संबंधित कोर्ट के फैसले विशेष महत्व रखते हैं। बच्चे का हित महत्वपूर्ण है, लेकिन उचित मंच और लागू नियम पहचानना जरूरी है। पूरे निजी स्कूल की सभी फीस स्वतः RTE से माफ होने का दावा न करें।
हाई कोर्ट फैसले: TC रोकना और फीस वसूली अलग
Kerala High Court के Amit K. Togi (Minor) v. Director of Education (CBSE), 17 सितंबर 2025, 2025:KER:69076 में स्कूल को TC जारी करने का आदेश मिला। स्कूल ने dues और CBSE bye-laws का आधार बताया था। अदालत ने TC रोकने को उचित नहीं माना, लेकिन स्कूल का कानूनी तरीके से बकाया recover करने का अधिकार सुरक्षित रखा।
Madras High Court के W.A. No.3075/2021, 19 जुलाई 2024 में Tamil Nadu के संदर्भ में TC के कारण प्रवेश रोकने और fees के लिए बच्चे को कलंकित करने वाली entries पर निर्देश दिए गए। स्कूल को वैध फीस वसूली का अलग रास्ता अपनाना था। यह उपयोगी न्यायिक आधार है; इसे “पूरे देश के हर बोर्ड की हर कक्षा का identical circular” न बताएँ।
FACT: अपने क्षेत्र में लागू कानून और binding judgment पहले देखें। दूसरे राज्य का निर्णय सहायक हो सकता है, लेकिन facts, jurisdiction और बाद के आदेश जाँचें। बच्चे की TC मिल जाए तब भी पुराने भुगतान का विवाद अलग रह सकता है; बिना जाँच “एक भी रुपया देने की जरूरत नहीं” कहना गलत होगा।
फीस का हिसाब, स्कूल छोड़ने की तारीख और CBSE नियम
Fee ledger में tuition, transport, hostel, annual charge, late fee और पहले किए भुगतान अलग देखें। किस तारीख को withdrawal/transfer लिखित रूप से बताया था, उसका रिकॉर्ड रखें। केवल बच्चे को भेजना बंद कर देना और औपचारिक withdrawal सूचना देना अलग बातें हैं। अनिश्चित मौखिक समझौते के बजाय correspondence और receipts दिखाएँ।
CBSE की प्रकाशित refund-of-fee जानकारी, clause 7.4, कहती है कि appropriate government ने अलग न दिया हो तो discontinue/migrate करने के महीने तक dues collect किए जाएँ, TC आवेदन वाले बाद के महीने तक नहीं। यह सभी heads of fee पर बताया गया है। लेकिन हर annual charge, notice या refund का अंतिम हिसाब बिना संबंधित राज्य नियम और facts देखे तय न करें।
यदि गलत राशि माँगी गई है तो महीने और मद के साथ objection लिखें। जो राशि निर्विवाद है, उसके लिए वास्तविक payment plan/राहत की बातचीत कर सकते हैं; इससे विवादित रकम स्वतः स्वीकार नहीं होती। भुगतान करते समय सही receipt और लिखित settlement लें। “Under protest” लिख देने से automatic refund या stay नहीं मिल जाता।
CBSE ने एक CBSE-affiliated school से दूसरी CBSE-affiliated school के TC की countersignature की पुरानी प्रक्रिया समाप्त की है और 2025 reminder में फिर स्पष्ट किया। इसलिए सिर्फ दूसरे CBSE स्कूल में जाने के लिए unnecessary countersign के चक्कर पर नियम माँगें। दूसरे बोर्ड से आने, राज्य नियम या विशेष admission conditions का प्रश्न अलग जाँचें। TC और board migration certificate अलग दस्तावेज हैं।
नई स्कूल में प्रवेश और शिक्षा अधिकारी को शिकायत
नई स्कूल को पुरानी school report card, पहचान/उम्र का उपलब्ध प्रमाण, class record और TC आवेदन की receiving दें। RTE के लागू मामले में TC delay का आधार बनाकर प्रवेश रोकने पर धारा 5(3) का उल्लेख करें। जहाँ provision सीधे लागू नहीं है वहाँ competent authority से provisional admission/record verification की उपलब्ध प्रक्रिया पूछें। Seat, class और board eligibility भी अलग प्रश्न हैं।
DEO, DIOS, BEO या शिक्षा निदेशालय का सही पद राज्य और school category के अनुसार बदलता है। स्कूल के recognition/affiliation विवरण से सही कार्यालय पहचानें। जिले की official website या राज्य शिक्षा विभाग की directory से contact लें। पत्र में स्कूल, छात्र, आवेदन तारीख, refusal, फीस विवाद और नई admission deadline बताकर urgent intervention माँगें।
Education officer से TC जारी कराने का निर्देश, school response और पढ़ाई जारी रखने का lawful arrangement माँगें। हर DEO सात दिन में अपने हस्ताक्षर से “council TC” जारी करता है, ऐसा nationwide नियम नहीं है। PEN/UDISE record correction या admission व्यवस्था कुछ मामलों में उपयोगी हो सकती है; उसे हर बोर्ड में official TC का स्वतः विकल्प न कहें।
RTE अधिकार संबंधी grievance में धारा 32 के तहत jurisdiction वाली local authority को लिखित complaint का रास्ता है। कानून में parties को सुनकर तीन महीने के भीतर निर्णय का प्रावधान है; यह तीन महीने इंतजार करके तभी urgent relief माँगने की शर्त नहीं है। निर्णय के विरुद्ध SCPCR/निर्धारित authority में appeal का रास्ता है। स्थानीय competent authority राज्य नियम से पहचानें।
Principal और DEO को देने योग्य पत्र
ये सामान्य नमूने हैं। सही तथ्य, लागू provision और अपनी समयसीमा भरें; सभी जगह एक ही prescribed form नहीं है। दो प्रति देकर receiving लें या official email/portal acknowledgment रखें। निजी student ID, DOB और documents सार्वजनिक पोस्ट में न डालें।
1. स्कूल से TC और fee statement का अनुरोध
प्रति: Principal, [स्कूल, पता] विषय: छात्र [नाम/कक्षा/प्रवेश संख्या] की TC और रिकॉर्ड जारी करने का अनुरोध महोदय/महोदया, हमने बच्चे के transfer/withdrawal की सूचना [तारीख] को दी। नई स्कूल [नाम] में admission की समयसीमा [तारीख] है। कृपया TC और संबंधित academic record शीघ्र जारी करें। यदि fee dispute है तो माह/मद अनुसार ledger, जमा भुगतान और माँग का लागू आधार लिखित दें। हमारा विवाद [सटीक विवरण] पर है / भुगतान की कठिनाई [संक्षिप्त तथ्य] है। बच्चे की पढ़ाई न रुके; TC और वैध fee recovery अलग नियमानुसार देखें। [RTE लागू हो: धारा 5(3) का प्रावधान देखें। अन्य स्थिति: संबंधित राज्य/बोर्ड/निर्णय का सही आधार जोड़ें।] यदि कोई बाधा या आवश्यक document है तो लिखित बताएँ। प्रवेश deadline के कारण [उचित तारीख] तक जवाब का निवेदन है। नाम, संपर्क, तारीख, हस्ताक्षर संलग्नक: पुराना आवेदन, receipts, admission communication।
2. शिक्षा प्राधिकरण को urgent शिकायत
प्रति: [सक्षम DEO/DIOS/BEO/Local Authority], [जिला] विषय: TC रोके जाने से छात्र का admission प्रभावित — तत्काल हस्तक्षेप का निवेदन छात्र [नाम, उम्र, कक्षा] स्कूल [नाम, recognition/affiliation] में पढ़ा है। TC का आवेदन [तारीख] को दिया, receiving [ ] है। स्कूल का जवाब/माँग [तथ्य] है। नई admission/examination deadline [तारीख] है। Fee dispute [संक्षिप्त विवरण] और documents संलग्न हैं। कृपया applicable state/board rules और RTE provisions, जहाँ लागू हों, के अनुसार school से जवाब लेकर TC/records जारी कराने तथा lawful admission arrangement के लिए urgent निर्देश दें। Fee recovery का विवाद अलग नियम से तय हो। मुझे complaint number, competent officer और लिखित action/status दें। नाम, पता, सुरक्षित संपर्क, तारीख संलग्नक: application/receiving, refusal, fee ledger/receipts, report card और admission deadline।
पत्र में अपनी माँगी हुई जवाब की तारीख को कानूनी सार्वभौमिक सात दिन की deadline न बताएँ। स्कूल या अधिकारी लिखित order देता है तो उसका पालन और आगे का उपलब्ध उपाय जाँचें। फोन पर संपर्क करने के बाद भी छोटा follow-up email रखें ताकि क्या कहा गया, उसका रिकॉर्ड हो।
बात न बने तो SCPCR, NCPCR या कोर्ट का रास्ता
Minor child के rights प्रभावित हों तो राज्य बाल अधिकार आयोग (SCPCR) अथवा उपलब्ध उपयुक्त child-rights mechanism पर complaint दें। NCPCR का e-BaalNidan official portal भी child-rights complaints का चैनल है; coverage और पहले की शिकायत का विवरण सही दें। Complaint ID से track करें। यह portal अपने-आप TC बनाकर डाउनलोड नहीं देता।
Admission या board registration की deadline बहुत पास हो तो उसे bold facts में स्पष्ट करें और interim protection/urgent directions माँगें। Administrative complaint के साथ किस judicial remedy की जरूरत है, यह lawyer को documents दिखाकर तय करें। उचित court, maintainability और प्रतिवादी school/authority की पहचान जरूरी है; filing से automatic stay या admission नहीं मिलता।
मारपीट, धमकी या बच्चे को प्रताड़ित करने जैसे अलग तथ्य हों तो उनको अलग दर्ज करें और उपयुक्त सुरक्षा/शिकायत लें। हर fee dispute को बिना तथ्य kidnapping या criminal confinement न कहें। फीस वसूली की बातचीत वयस्कों के बीच रखें; बच्चे को कक्षा में शर्मिंदा करना समाधान नहीं है।
Advice, संबंधित लेख और पाँच सवाल
Advice
एक ही file में withdrawal notice, TC application, receipts और admission deadline रखें। बच्चे का स्कूल बदलने का अधिकार तथा परिवार का fee dispute अलग समझाएँ। कोई blank TC इंटरनेट से भरकर school-issued certificate बताकर जमा न करें; वास्तविक certificate स्कूल/competent authority की प्रक्रिया से बनेगा।
TC का खाली नमूना देखें — यह नमूना आधिकारिक स्कूल TC या प्रवेश नियम का विकल्प नहीं है; ऊपर दी गई कानूनी सीमाएँ और स्कूल की वैध प्रक्रिया लागू हैं।
क्या स्कूल का पूरा बकाया माफ हो जाता है?
नहीं। TC की राहत और वैध fee recovery अलग हैं।
क्या RTE हर कक्षा 12 के छात्र पर लागू है?
उसका सामान्य scope छह–चौदह वर्ष और elementary education है; अन्य मामलों में लागू राज्य/बोर्ड कानून अलग देखें।
क्या DEO सात दिन में नई TC बना देगा?
ऐसा सामान्य देशव्यापी नियम नहीं। लिखित intervention और लागू प्रक्रिया माँगें।
क्या नई स्कूल TC के बिना कभी प्रवेश नहीं दे सकती?
लागू RTE मामले में delay को admission रोकने का आधार नहीं बनाना चाहिए। दूसरे मामलों में उचित provisional प्रक्रिया, class और board नियम देखें।
क्या TC और migration certificate एक हैं?
नहीं। School TC और board migration certificate का उद्देश्य तथा जारी करने वाली authority अलग हैं।
- RTE Act: sections 5, 17, 31 and 32 — statute text
- Kerala High Court: Amit K. Togi, 17 September 2025
- Madras High Court: W.A.3075/2021, 19 July 2024
- CBSE: published fee guidance, clause 7.4
- CBSE: 2025 reminder on TC countersigning
- NCPCR: e-BaalNidan
अस्वीकरण: भारत के लिए सामान्य कानूनी जानकारी। उम्र, कक्षा, राज्य, स्कूल category और लागू orders से प्रक्रिया बदल सकती है। तथ्य-जाँच: 13 अक्टूबर 2026।