हिंदी · English · मराठी · বাংলা
जगन मोहन रेड्डी ने क्या कहा?
वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने 18 अक्टूबर 2026 को चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून का समर्थन करने पर अफसोस जताया। उनकी पार्टी YSRCP ने उस कानून का समर्थन किया था। अब उन्होंने चयन प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश यानी CJI को शामिल करने की मांग की है।
पहले समर्थन, अब आपत्ति क्यों?
The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार जगन ने वर्तमान समिति में सरकार के प्रभाव पर सवाल उठाए और चुनावी संस्थाओं पर भरोसे की जरूरत बताई। यह उनकी राजनीतिक आलोचना है; किसी चुनावी अनियमितता पर अदालत का अंतिम निष्कर्ष नहीं।
2023 के कानून में समिति कौन सी है?
India Code पर उपलब्ध अधिनियम की धारा 7 में प्रधानमंत्री, लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री की चयन समिति है। समिति की सिफारिश पर नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। CJI का नाम इस सूची में नहीं है।
जगन क्या बदलना चाहते हैं?
उन्होंने प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और CJI वाली समिति की मांग की है। NDTV की रिपोर्ट 2023 में सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम व्यवस्था और बाद में बने कानून का फर्क बताती है। CJI वाली व्यवस्था को स्वतंत्र भारत की हमेशा से चली आ रही स्थायी प्रक्रिया समझना गलत होगा।
क्या नियुक्ति का नियम बदल गया है?
बयान में बदलाव की मांग है; बयान अपने आप कानून में संशोधन नहीं करता। राजनीतिक घोषणा, संसद का कानून और अदालत का आदेश अलग दस्तावेज हैं। नियुक्ति प्रक्रिया पर खबर पढ़ते समय इनका फर्क देखना जरूरी है।
क्या नया गठबंधन तय हो गया?
इस बयान से किसी गठबंधन में शामिल होने की औपचारिक घोषणा साबित नहीं होती। पार्टी के संबंधों पर अटकलें और नियुक्ति प्रक्रिया पर उसकी मांग अलग बातें हैं। संबंधित पृष्ठभूमि के लिए अपनी लाल हिट जनता पार्टी वाली रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं। कवर सूचना-ग्राफिक है।
Lal Hit Janata Party: explained
Sources: The Indian Express · NDTV · India Code: Act 49 of 2023