FIR होने पर पासपोर्ट कैसे बनवाएँ: पहले केस की स्थिति जानें
पासपोर्ट आवेदन के बाद पुलिस रिपोर्ट adverse आई क्योंकि आपके नाम FIR है? पहले पता करें कि केवल जाँच चल रही है या आपराधिक अदालत ने केस का संज्ञान लिया है। दोनों स्थितियाँ समान नहीं हैं। जरूरत हो तो संबंधित कोर्ट से पासपोर्ट अनुमति लें, पूरा रिकॉर्ड RPO को दें और लिखित आदेश का जवाब समय पर दें।
सीधा जवाब: FIR या pending case होने का अर्थ यह नहीं कि बरी होने तक हर स्थिति में पासपोर्ट असंभव है। लेकिन धारा 6(2)(f), जमानत की शर्तें, कोर्ट आदेश और दूसरे statutory grounds जाँचना जरूरी है। पासपोर्ट जारी करने का फैसला Passport Authority करती है; कोर्ट की अनुमति लागू कानूनी बाधा को उपयुक्त शर्तों के साथ संबोधित करती है।
- FIR, charge-sheet और cognizance का वर्तमान रिकॉर्ड लें।
- जमानत, passport जमा कराने और विदेश यात्रा की शर्तें पढ़ें।
- जरूरत हो तो सक्षम criminal court में स्पष्ट अनुमति की अर्जी दें।
- आदेश, undertaking और सही केस विवरण RPO को जमा करें।
- Adverse report/notice का लिखित जवाब तथा formal refusal का उचित उपाय लें।

केवल FIR और अदालत में pending criminal proceedings का फर्क
Passports Act, 1967 की धारा 6(2)(f) अदालत में लंबित आपराधिक कार्यवाही के बारे में है। MEA के 10 अक्टूबर 2019 के Office Memorandum की judicially reproduced clarification के अनुसार केवल FIR दर्ज होना या पुलिस जाँच चलना इसी clause की court-pendency के बराबर नहीं है; केस अदालत में दर्ज हो और संज्ञान लिया गया हो, यह महत्वपूर्ण है।
Cognizance यानी संबंधित अदालत द्वारा अपराध का न्यायिक संज्ञान लेना। इसे FIR नंबर, पुलिस स्टेशन का diary entry या शिकायत भेजने से समान न मानें। FIR, charge-sheet और order-sheet देखकर वकील से स्थिति जाँचें। कभी सीधे criminal complaint भी अदालत में चल सकती है; केवल पुलिस charge-sheet की अनुपस्थिति को हर मामले में “कोई कोर्ट केस नहीं” न मानें।
इस फर्क का अर्थ FIR छिपाना नहीं है। आवेदन के वास्तविक प्रश्न और पूछे गए विवरण का सत्य जवाब दें। रिकॉर्ड में pending case हो तो उसे “झूठा है” कहकर अस्तित्व से इनकार न करें। यदि कानूनी स्थिति गलत दर्ज हुई है तो प्रमाण सहित correction माँगें; material information छिपाने से अलग पासपोर्ट कार्रवाई हो सकती है।
धारा 6(2)(f) से आगे: जमानत, warrant और यात्रा रोक
धारा 6(2)(g) में अदालत के summons/warrant तथा departure prohibition जैसी अलग स्थितियाँ हैं। Section 6(2)(e) की conviction-related शर्त भी अलग है। GSR 570(E) के clause (f) वाले रास्ते को हर दूसरे refusal ground की automatic छूट न मानें। Conviction, appeal, sentence suspension और conviction stay भी अलग कानूनी अवस्थाएँ हैं।
जमानत में “भारत नहीं छोड़ेंगे”, “पासपोर्ट जमा रहेगा” या “कोर्ट की अनुमति लेंगे” लिखा हो तो उसका पालन करें। पासपोर्ट re-issue की अनुमति से यह शर्त अपने-आप नहीं हटती। LOC या immigration restraint का प्रश्न हो तो उसे संबंधित authority/court के समक्ष अलग स्पष्ट कराएँ; सिर्फ पासपोर्ट हाथ में होना airport clearance की गारंटी नहीं है।
एक से अधिक criminal cases हों तो सभी संबंधित केस और आदेश बताएँ। जिस कोर्ट/अपील में शर्त लागू है, उसे छोड़कर केवल सुविधाजनक कोर्ट का NOC प्रस्तुत न करें। अलग अदालतों के आदेश साथ पढ़े जाएँगे; विरोधी शर्त हो तो clarification लें। साधारण civil property dispute और criminal prosecution को एक जैसी passport bar न समझें।
GSR 570(E) और दिसंबर 2025 का सुप्रीम कोर्ट फैसला
GSR 570(E), 25 अगस्त 1993, धारा 22 के तहत court-pending मामलों में धारा 6(2)(f) से शर्तबद्ध छूट का रास्ता देता है। इसमें संबंधित कोर्ट का आदेश और जरूरत पड़ने पर कोर्ट के सामने उपस्थित होने की undertaking महत्वपूर्ण हैं। इसे “किसी भी मजिस्ट्रेट से पत्र मिल गया तो पासपोर्ट निश्चित” की तरह न समझें।
FACT: Mahesh Kumar Agarwal v. Union of India & Anr., 19 दिसंबर 2025, 2025 INSC 1476 में सुप्रीम कोर्ट ने passport renewal और हर विदेश यात्रा की अनुमति अलग समझाई। संबंधित criminal courts renewal की अनुमति दे सकते हैं और फिर भी प्रत्येक यात्रा पर अपनी अनुमति या passport redeposit की शर्त रख सकते हैं। केवल निश्चित यात्रा की तारीख न होने को हर renewal का absolute bar नहीं माना गया।
उस फैसले में दस साल re-issue का आदेश मामले के संयुक्त court orders और तथ्यों के आधार पर था। उसे हर pending-case applicant के लिए automatic दस साल की गारंटी न बनाएँ। आदेश की वास्तविक wording, validity, दूसरी statutory बाधाएँ और सामान्य application requirements अभी भी जरूरी हैं। पुराने ब्लॉग के मुकाबले यह फर्क आपके आवेदन की prayer स्पष्ट करने में मदद करता है।
कौन सी अदालत, कौन से दस्तावेज और क्या माँगें?
संबंधित criminal court जिसमें कार्यवाही चल रही है, या लागू appellate/bail court से वकील के जरिए उचित आदेश माँगें। सभी मामले, मौजूदा bail conditions और passport status का पूरा विवरण दें। पहले आवेदन हो चुका हो तो file number/ARN और RPO notice जोड़ें। Government employee की departmental प्रक्रिया अलग हो सकती है; departmental NOC और criminal-court अनुमति समान नहीं हैं।
- FIR/complaint, charge-sheet और प्रासंगिक order-sheets।
- जमानत, appeal, यात्रा रोक और passport surrender के आदेश।
- पुराना passport, expiry date, application/ARN और RPO notice।
- सभी pending cases की court-wise सूची और अगली सुनवाई।
- आवेदन का वास्तविक उद्देश्य; यात्रा माँगें तो itinerary, कारण और वापसी संबंधी दस्तावेज।
Prayer में स्पष्ट करें कि passport issue/re-issue के लिए अनुमति चाहिए, कितनी validity का निवेदन है और क्या वर्तमान यात्रा की अनुमति भी माँगी जा रही है। कोई यात्रा तय नहीं है तो वैसी काल्पनिक booking न बनाएँ। भविष्य में अलग अनुमति लेकर यात्रा करने की मौजूदा शर्त जारी रखना प्रस्तावित हो सकता है; आखिरी निर्णय कोर्ट करेगा।
कोर्ट flight risk, उपस्थिति, आरोप, कार्यवाही के चरण और कारण पर शर्त लगा सकता है। नौकरी, अध्ययन या उपचार का वास्तविक कारण उपलब्ध दस्तावेज से दिखाएँ। आर्थिक/व्यक्तिगत जरूरत बताना उपयोगी है, लेकिन आवेदन स्वयं bail variation या यात्रा अनुमति नहीं है। आदेश की certified/authenticated copy और compliance निर्देश लें।
Court permission application और RPO जवाब के नमूने
ये सामान्य drafting aids हैं, निर्धारित न्यायालय form नहीं। स्थानीय शीर्षक, verification और प्रक्रिया वकील से जाँचें। सही तथ्य भरें; grant की कोई गारंटी नहीं।
1. संबंधित criminal court में आवेदन
माननीय [संबंधित कोर्ट], [स्थान] Case/FIR संख्या [ ], पक्ष [ ] विषय: पासपोर्ट issue/re-issue की अनुमति / उपयुक्त clarification 1. आवेदक के विरुद्ध [मामले, स्थिति, अगली तारीख] हैं। अन्य pending cases [पूरा विवरण] हैं। 2. वर्तमान bail/यात्रा/passport जमा संबंधी आदेश [तारीख व शर्तें] हैं। 3. पासपोर्ट [नया आवेदन/नंबर, expiry] तथा ARN [ ] है। RPO ने [notice/आपत्ति] बताई है। 4. पासपोर्ट की आवश्यकता [वास्तविक कारण] के लिए है। अनुरोधित validity [ ] है। 5. [यदि यात्रा माँगी गई: देश, तारीख, उद्देश्य, वापसी और दस्तावेज। यदि नहीं: इस अर्जी में तत्काल यात्रा अनुमति नहीं माँगी गई है।] 6. आवेदक उपस्थित होने और सभी लागू शर्तें मानने को तैयार है। GSR 570(E) तथा लागू कानून/फैसले के अनुसार आदेश का निवेदन है। प्रार्थना: पासपोर्ट issue/re-issue हेतु उपयुक्त अनुमति, validity और surrender/redeposit/यात्रा संबंधी शर्तों का स्पष्ट आदेश दें। [यात्रा राहत केवल वास्तव में माँगी हो तो जोड़ें।] तारीख, हस्ताक्षर; annexures और verification स्थानीय नियम अनुसार।
2. Adverse report/notice पर RPO को जवाब
प्रति: Regional Passport Officer, [स्थान] विषय: ARN/File [ ] — criminal-case report/notice का जवाब महोदय/महोदया, मेरे आवेदन में [पूरा केस विवरण] की स्थिति [FIR जाँच / cognizance के बाद court proceeding / अन्य सही स्थिति] है। संलग्न order-sheet और documents इसका प्रमाण हैं। [केवल जाँच हो: धारा 6(2)(f) की court-pendency स्थिति को MEA के 10.10.2019 OM के अनुसार रिकॉर्ड सहित पुनः जाँचने का निवेदन है।] [कोर्ट आदेश हो: आदेश दिनांक [ ] में passport issue/re-issue हेतु [सटीक अनुमति और validity] है। सभी संबंधित मामलों के आदेश तथा GSR undertaking संलग्न हैं।] कृपया रिपोर्ट/रिकॉर्ड का मिलान कर आवेदन नियमानुसार तय करें। कोई शेष बाधा हो तो उसका स्पष्ट आधार और आवश्यक दस्तावेज बताएँ। नाम, सुरक्षित संपर्क, तारीख; court orders, undertaking, case list और notice की प्रतियाँ।
Undertaking का Passport Seva पर उपलब्ध आधिकारिक नमूना देखें। उसमें सभी pending cases, संबंधित court/investigating agency और सुनवाई विवरण भरना होता है। ऊपर के RPO पत्र को उस undertaking का विकल्प न मानें। अपने passport, पहचान और केस documents खुले सोशल-मीडिया समूह में न डालें।
एक साल या दस साल: validity और adverse report पर आगे कदम
GSR framework में कोर्ट passport की अवधि बताता है तो उस आदेश का महत्व है। अवधि और यात्रा समय न बताए हों तो default सामान्यतः एक साल है। यात्रा अवधि एक साल से कम हो और passport validity न लिखी हो तो एक साल; यात्रा अवधि एक साल से अधिक हो और validity न लिखी हो तो उस यात्रा अवधि के अनुसार नियम है। Court order और नवीनतम लागू निर्देश साथ पढ़ें।
Short-validity passport का extension/re-issue भी स्वतः नहीं है। किस clause में जारी हुआ, court order में क्या अवधि है, travel permission का इस्तेमाल और बाद के आदेश क्या हैं—इन पर आगे की जरूरत तय होती है। expiry से पहले प्रक्रिया देखें; एक साल का passport किसी लंबी visa requirement को पूरा करेगा, यह मानकर booking न करें।
Adverse police report अंतिम rejection order नहीं है। RPO notice की समयसीमा में status और प्रमाण दें; उचित reassessment/secondary verification माँग सकते हैं। आपराधिक मामले संबंधी सही court permission और undertaking को RPO लागू नियमों में देखेगा, लेकिन address/identity या अन्य स्वतंत्र आपत्ति भी हो तो अलग समाधान दें।
Formal refusal, impounding या revocation का order मिले तो reasons और communication date सुरक्षित रखें। Passports Act की धारा 11 के तहत eligible orders पर appeal तथा Passport Seva का Log appeal विकल्प उपलब्ध है। लागू limitation, fee और order-specific प्रक्रिया तुरंत जाँचें। सामान्य grievance डालना appeal deadline को रोक देने का भरोसा नहीं है। जरूरत पर वकील से उचित judicial remedy लें।
Advice, संबंधित लेख और पाँच सवाल
Advice
तारीखवार छोटी case list बनाएँ। फॉर्म, police verification और undertaking में एक ही सही जानकारी दें। “झूठी FIR” का बचाव अदालत में करें; पासपोर्ट दस्तावेज में मुकदमा गायब न दिखाएँ। अनुमति मिलने के बाद भी bail, travel और redeposit की शर्तें दोबारा पढ़ें। Passport, visa और भारत से departure clearance अलग प्रश्न हैं।
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क्या FIR होते ही पासपोर्ट हमेशा रुक जाता है?
केवल जाँच और court cognizance का फर्क है; दूसरी statutory बाधाएँ या आदेश फिर भी जाँचे जाएँगे।
क्या बरी होने तक इंतजार अनिवार्य है?
हर मामले में नहीं। संबंधित कोर्ट आदेश और GSR 570(E) का शर्तबद्ध रास्ता हो सकता है।
क्या कोर्ट NOC से दस साल निश्चित हैं?
नहीं। आदेश, validity और facts निर्णायक हैं; 2025 का फैसला सार्वभौमिक गारंटी नहीं है।
क्या पासपोर्ट मिलने पर विदेश जा सकते हैं?
Travel restriction या prior permission की शर्त हो तो पहले उसका पालन करें।
क्या adverse police report का मतलब फाइल खत्म?
नहीं। स्थिति, notice और RPO decision जाँचें; लिखित जवाब और formal order पर उचित उपाय अलग हैं।
- Passports Act, 1967 — official statute
- Supreme Court: Mahesh Kumar Agarwal, 19 December 2025
- MEA OM: criminal-court pending passport applications
- Passport Seva: official GSR undertaking
- Karnataka High Court: FIR/cognizance clarification, 25 April 2026
- Passport Seva: appeal FAQ
अस्वीकरण: भारत के लिए सामान्य कानूनी जानकारी। केस की अवस्था, bail/court orders और passport प्रक्रिया के आधार पर सलाह लें। तथ्य-जाँच: 13 अक्टूबर 2026।