अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती PDF — पढ़ें, देखें और सेव करें
आरती के समय फोन पर साफ बोल चाहिए या घर में प्रिंट रखने हैं? यहाँ अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती के पूरे हिंदी बोल, सरल भावार्थ और दो पन्नों की फ्री PDF एक साथ हैं। डाउनलोड करने से पहले नीचे उसके असली पन्ने देख लें।
अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती PDF डाउनलोड
2 पन्ने · A4 · हिंदी पाठ और हिंदी भावार्थ · 483 KB
फ्री डाउनलोड। PDF में हिंदी पाठ और हिंदी भावार्थ है। यह इमेज आधारित है; फोन पर ज़ूम करके पढ़ें। बोल कॉपी करने के लिए नीचे का पाठ इस्तेमाल करें।
अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती के पूरे हिंदी बोल
हर पद में दी गई “ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती” की टेक गाएँ। परिवार या मंदिर में कुछ शब्द अलग गाए जाते हों तो अपने प्रचलित पाठ से मिलान करें।
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली।
तेरे ही गुण गावें भारती,
ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥
तेरे भक्त जनों पर माता, भीर पड़ी है भारी।
दानव दल पर टूट पड़ो माँ, करके सिंह सवारी॥
सौ-सौ सिंहों से बलशाली, है अष्ट भुजाओं वाली।
दुष्टों को तू ही ललकारती।
ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥
माँ बेटे का है इस जग में, बड़ा ही निर्मल नाता।
पूत कपूत सुने हैं पर ना, माता सुनी कुमाता॥
सब पे करुणा बरसाने वाली, अमृत बरसाने वाली।
दुखियों के दुखड़े निवारती।
ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥
नहीं माँगते धन और दौलत, न चाँदी न सोना माँ।
हम तो माँगें माँ तेरे चरणों में, इक छोटा सा कोना॥
सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली।
सतियों के सत को सँवारती।
ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥
चरण शरण में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली।
अपना हाथ सर पर रख दो माँ, संकट हरने वाली॥
माँ भर दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओं वाली।
भक्तों के कारज तू ही सारती।
ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥
PDF के दोनों पन्ने — असली प्रीव्यू
ये उसी डाउनलोड फाइल के पन्ने हैं। पहले पन्ने पर आरती पूरी है; दूसरे पर पदों का सरल भाव है।


आरती का आसान अर्थ
आरती में माता की शक्ति, करुणा और भक्त की विनती का वर्णन है। नीचे पदों के क्रम में भाव दिया है। यह सरल व्याख्या है, शब्दशः अनुवाद नहीं।
- माता को अम्बे, जगदम्बे, काली और दुर्गा नामों से प्रणाम किया गया है। भक्त उनकी स्तुति और आरती करते हैं।
- संकट में पड़े भक्त सिंह पर सवार, आठ भुजाओं वाली माता से रक्षा की प्रार्थना करते हैं।
- माँ और संतान के पवित्र रिश्ते का उदाहरण देकर माता की करुणा का स्मरण किया गया है।
- भक्त धन-दौलत के बजाय माता के चरणों में स्थान माँगता है। वह उनकी शरण और कृपा चाहता है।
- पूजा की थाली लेकर भक्त माता से आशीर्वाद, संकट से रक्षा और भक्ति की प्रार्थना करता है।
घर में पाठ और प्रिंट कैसे इस्तेमाल करें
फोन में PDF सेव कर लें और आरती से पहले खोलकर रख लें। बड़े अक्षर चाहिए तो ज़ूम करें। प्रिंट निकालते समय A4 और “Fit to page” चुनें; प्रीव्यू में किनारे और अंतिम पंक्तियाँ देख लें। पहली बार पूरे बोल शांत गति से पढ़ें, फिर अपनी परिचित लय में गाएँ।
दीपक स्थिर थाली में रखें और बच्चों की पहुँच से दूर रखें। पाठ पढ़ते समय फोन को लौ के पास न रखें। डाउनलोड की फाइल सेव हुई है या नहीं, उसे फोन के Files या Downloads में एक बार खोलकर देख लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PDF में कितने पन्ने हैं?
दो A4 पन्ने हैं। पहले पन्ने में पूरे हिंदी बोल और दूसरे में सरल हिंदी भावार्थ है।
क्या डाउनलोड से पहले पूरा PDF देख सकते हैं?
हाँ। नीचे दोनों असली पन्नों के प्रीव्यू हैं। PDF खोलें बटन से पूरी फाइल भी देख सकते हैं।
क्या यह बिना इंटरनेट के पढ़ी जा सकती है?
PDF फोन में सेव करने के बाद बिना इंटरनेट के खोल सकते हैं।
आरती के कुछ बोल अलग क्यों मिलते हैं?
गायन और क्षेत्र के अनुसार छोटे पाठभेद मिलते हैं। यहाँ साफ अक्षरों में एक प्रचलित पाठ दिया गया है। शब्दभेद की तुलना के लिए स्रोत भी दिया है।
स्रोत और संबंधित आरती
पाठ की तुलना के लिए: Drik Panchang — अम्बे तू है जगदम्बे काली.
अस्वीकरण: यह धार्मिक पाठ और सरल भावार्थ है। क्षेत्रीय शब्दभेद संभव हैं। कृपा और रक्षा की प्रार्थना धार्मिक आस्था का कथन है; किसी निश्चित लाभ की गारंटी नहीं।