सोनम वांगचुक भूख हड़ताल: जंतर मंतर से सफदरजंग तक की पूरी कहानी
विश्लेषण • Vista Hub रिपोर्ट
आखिरी अपडेट: 19 जुलाई 2026, सुबह 8:30 बजे
सोनम वांगचुक को 18 जुलाई सुबह स्वास्थ्य गंभीर रूप से बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। उनकी पत्नी गीतांजली अंगमो ने जबरदस्ती इलाज और फोर्स फीडिंग पर रोक लगाने की अपील की है। भूख हड़ताल 21वें दिन में है।
सोनम वांगचुक कौन हैं?
सोनम वांगचुक लद्दाख के सबसे सम्मानित शिक्षाविद्, इनोवेटर और जलवायु कार्यकर्ता हैं। उनका जन्म 1 सितंबर 1966 को लद्दाख के उलेटोक्पो गांव में हुआ था। उन्होंने NIT Srinagar से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की, लेकिन नौकरी छोड़कर लद्दाख की शिक्षा सुधारने के लिए काम करना शुरू कर दिया।
1988 में उन्होंने SECMOL की स्थापना की। “ऑपरेशन न्यू होप” प्रोजेक्ट के जरिए उन्होंने लद्दाख के सरकारी स्कूलों में पास प्रतिशत काफी बढ़ाया। उनका सबसे बड़ा योगदान आइस स्तूप का आविष्कार है, जिसके लिए उन्हें 2018 में रमन मेग्सेसे अवॉर्ड मिला।
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भूख हड़ताल क्यों शुरू की?
जून 2026 में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने परीक्षा प्रणाली में हो रहे घोटालों (खासकर NEET पेपर लीक) के खिलाफ जंतर मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया। मुख्य मांग थी — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
28-29 जून को सोनम वांगचुक इस आंदोलन में शामिल हुए और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने CJP की मांगों के साथ-साथ लद्दाख की पुरानी मांगों — पूर्ण राज्य का दर्जा और 6वीं अनुसूची में शामिल करने — के लिए भी अनशन पर बैठने का फैसला लिया।
उन्होंने कहा, “मैं न गांधी हूं और न ही कोई नायक। मैं सिर्फ एक नागरिक हूं जो अपनी जिम्मेदारी निभा रहा हूं।”
समयरेखा: जंतर मंतर से सफदरजंग तक
- 20 जून 2026 — CJP का जंतर मंतर पर प्रदर्शन शुरू।
- 28-29 जून 2026 — सोनम वांगचुक पहुंचे और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की।
- 30 जून – 12 जुलाई — भूख हड़ताल के शुरुआती 15 दिन। स्वास्थ्य में धीरे-धीरे गिरावट शुरू।
- 12-17 जुलाई — वजन 7.5 से 8.2 किलो तक घटा। BP 104/66 mmHg और ब्लड शुगर काफी कम हो गया।
- 18 जुलाई 2026 (सुबह) — स्वास्थ्य बेहद गंभीर होने पर पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया।
स्वास्थ्य की स्थिति (विस्तार से)
21 दिनों के उपवास के बाद उनकी शारीरिक स्थिति काफी कमजोर हो चुकी थी:
- वजन में कमी: 7.5 – 8.2 किलो
- ब्लड प्रेशर: 104/66 mmHg (बहुत कम)
- ब्लड शुगर: 67 mg/dL (हाइपोग्लाइसीमिक)
- अन्य लक्षण: डिहाइड्रेशन, कमजोरी, पोटैशियम की कमी
18 जुलाई: सफदरजंग अस्पताल में भर्ती
18 जुलाई सुबह दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जबरन सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। वहां मेडिकल बोर्ड ने जांच की।
उनकी पत्नी गीतांजली अंगमो ने साफ निर्देश दिए:
“मेरी, परिवार की और उनके डॉक्टरों की सहमति के बिना सोनम को कोई दवा, भोजन या IV ड्रिप न दी जाए।”
CJP का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती उठाया और प्रदर्शन स्थल पर सुविधाएं पहले से बंद कर दी गई थीं।
19 जुलाई 2026 सुबह तक की स्थिति
सोनम वांगचुक अभी भी सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। भूख हड़ताल जारी है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं आई है। CJP का कहना है कि आंदोलन जारी रहेगा।
यह आंदोलन अब परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और लद्दाख के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक बन चुका है।
नोट: यह जानकारी सार्वजनिक समाचार स्रोतों और CJP के बयानों पर आधारित है।