होली फाग गीत लिरिक्स: टॉप 3 पारंपरिक और देहाती फाग गीत (Full Lyrics)

होली फाग गीत लिरिक्स: टॉप 3 पारंपरिक और देहाती फाग गीत (Full Lyrics)

🎧
सुनिए — पूरी खबर सिर्फ 1 मिनट में

Holi phag geet lyrics, dehati phag geet hindi, paramparik holi geet, braj ki holi geet, desi phag lyrics, faag geet likhit mein.

होली फाग गीत लिरिक्स: टॉप 3 पारंपरिक और देहाती फाग गीत (Holi Phag Geet)

फाल्गुन का महीना आते ही हवाओं में गुलाल की महक और कानों में ढोलक की थाप गूंजने लगती है। भारत के गाँवों और कस्बों में होली का त्योहार बिना ‘फाग गीतों’ (Phag Geet) के बिल्कुल अधूरा माना जाता है। आज के समय में डीजे (DJ) और नए गानों का चलन जरूर बढ़ गया है, लेकिन जो बात चौपाल पर बैठकर ढोलक और मंजीरे की थाप पर गाए जाने वाले देहाती फाग गीतों में है, वह किसी और में नहीं।

विज्ञापन

अक्सर होली की बैठकों में लोग पुराने फाग गीत गाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें पूरे लिरिक्स (Lyrics) याद नहीं होते। लोग इंटरनेट पर पारंपरिक फाग गीतों के बोल खोजते हैं ताकि वे अपनी संस्कृति और परंपरा को जिंदा रख सकें। आपकी इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए, हमने फाल्गुन मास में गाए जाने वाले टॉप 3 सबसे प्रसिद्ध और पारंपरिक देहाती फाग गीतों का पूरा संग्रह लिखित रूप में तैयार किया है।

होली में पारंपरिक फाग गीतों का महत्व

फाग या फगुआ मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में गाया जाने वाला लोकगीत है। इन गीतों में भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की होली, देवर-भाभी की हंसी-ठिठोली और फाल्गुन के मौसम की सुंदरता का वर्णन होता है। फाग गाने की शुरुआत वसंत पंचमी से ही हो जाती है और यह रंग पंचमी तक चलता है।

होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आपसी गिले-शिकवे मिटाने का भी दिन है। अगर आप होली के सही अर्थ को समझना चाहते हैं, तो यह जानना भी जरूरी है कि होली में क्या करना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। सही जानकारी और पारंपरिक गीतों के साथ यह त्योहार और भी पवित्र हो जाता है।

1. पारंपरिक फाग गीत: “आज बिरज में होरी रे रसिया”

जब भी ब्रज और पारंपरिक होली की बात होती है, तो यह फाग गीत सबसे पहले गाया जाता है। यह गीत भगवान कृष्ण की रासलीला और ब्रज की होली का सबसे सुंदर वर्णन करता है। इसे आप ढोलक की ताल के साथ बहुत ही आसानी से गा सकते हैं। नीचे इसके पूरे लिरिक्स दिए गए हैं:

विज्ञापन

आज बिरज में होरी रे रसिया।
होरी रे रसिया, बरजोरी रे रसिया॥
आज बिरज में होरी रे रसिया…

उड़त गुलाल लाल भये बदरा,
मारत पिचकारी रंग की झरिया।
आज बिरज में होरी रे रसिया…

कौन गांव के कुंवर कन्हैया,
कौन गांव की राधा गोरी रे रसिया।
आज बिरज में होरी रे रसिया…

नंद गांव के कुंवर कन्हैया,
बरसाने की राधा गोरी रे रसिया।
आज बिरज में होरी रे रसिया…

कौन पहिरन कुंवर कन्हैया,
कौन पहिरन राधा गोरी रे रसिया।
आज बिरज में होरी रे रसिया…

पीताम्बर पहिरन कुंवर कन्हैया,
नीलाम्बर राधा गोरी रे रसिया।
आज बिरज में होरी रे रसिया…

बाजत ढोल मृदंग झांझ डफ,
और बाजे बांसुरिया रे रसिया।
आज बिरज में होरी रे रसिया…

इस गीत को गाते समय बीच-बीच में ‘होरी है!’ का जयकारा लगाया जाता है, जो माहौल में एक अलग ही ऊर्जा भर देता है। होली खेलते समय हम अक्सर अपने अंदर की नकारात्मकता को भूल जाते हैं। इस फाग को गाते हुए आप यह भी विचार कर सकते हैं कि कैसे होली के इस पावन पर्व पर अपनी बुराइयों को जलाकर एक नई शुरुआत की जा सकती है।

2. ब्रज और देहात का मशहूर फाग: “रंग डारूंगी नन्द के लालन पे”

गाँवों की चौपालों पर जब महिलाएं और पुरुष टोलियां बनाकर निकलते हैं, तो यह गीत बहुत ही चाव से गाया जाता है। इसमें गोपियों और कान्हा के बीच रंग डालने की मीठी तकरार का वर्णन है। यह गीत गाने में बहुत ही सरल और जोश से भरा हुआ है। अगर आप होली पर हारमोनियम और ढोलक के साथ कुछ बेहतरीन गाना चाहते हैं, तो इसके लिरिक्स यहाँ हैं:

विज्ञापन

रंग डारूंगी नन्द के लालन पे,
हो रंग डारूंगी नन्द के लालन पे॥
रंग डारूंगी नन्द के लालन पे…

कोरी कोरी मटकी में रंग घोरयो है,
छिरक दूंगी तेरे ही भालन पे।
रंग डारूंगी नन्द के लालन पे…

लाल गुलाबी रंग न भावे,
केसर मलूँगी तेरे गालन पे।
रंग डारूंगी नन्द के लालन पे…

ग्वाल बाल सब सखा बुलाऊँ,
पकड़ बिठाऊं तुझे दलन पे।
रंग डारूंगी नन्द के लालन पे…

राधा कृष्ण की होरी मची है,
फूल बरसत हैं डारन पे।
रंग डारूंगी नन्द के लालन पे…

इस तरह के गीत गाते हुए पूरा गांव एक रंग में रंग जाता है। हमारे देहाती अंचलों में होली का मतलब केवल रंग-गुलाल खेलना नहीं, बल्कि भक्ति और बुराई पर अच्छाई की जीत का उल्लास मनाना है। होलिका दहन और फाग गीतों के बीच, हमें होलिका और प्रह्लाद की पौराणिक कथा को भी अपनी आने वाली पीढ़ियों को सुनाना चाहिए। आप होली में भक्त प्रह्लाद की इन 5 बातों से सीख सकते हैं कि सच्ची भक्ति और सच्चाई की हमेशा जीत होती है, चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों।

3. सबसे लोकप्रिय फाग: “होली खेलें रघुवीरा अवध में”

अवध की होली का अपना एक अलग ही मजा है। यह फाग गीत पूरे उत्तर प्रदेश और बिहार के देहाती इलाकों में सबसे ज्यादा गाया जाने वाला और लोकप्रिय होली गीत है। बिना इसके कोई भी फाग की महफिल पूरी नहीं होती। ढोलक, झाल और मंजीरे के साथ इसे पूरे जोश और ऊंची आवाज में गाया जाता है। इसके पूरे लिरिक्स यहाँ हैं:

होली खेलें रघुवीरा अवध में,
होली खेलें रघुवीरा॥
होली खेलें रघुवीरा अवध में…

केकरे हाथ कनक पिचकारी,
केकरे हाथ अबीरा अवध में।
होली खेलें रघुवीरा…

राम के हाथ कनक पिचकारी,
लछमन हाथ अबीरा अवध में।
होली खेलें रघुवीरा…

केकरे माथे मुकुट बिराजे,
केकरे काने बाले अवध में।
होली खेलें रघुवीरा…

राम के माथे मुकुट बिराजे,
लछमन काने बाले अवध में।
होली खेलें रघुवीरा…

उड़त गुलाल लाल भये बदरा,
बजत ताल मंजीरा अवध में।
होली खेलें रघुवीरा…

जब चौपाल पर ये फाग गाए जाते हैं, तो लोग पक्के रंगों और गुलाल से सराबोर हो जाते हैं। देहाती होली में अक्सर रंग इतने पक्के होते हैं कि उन्हें छुड़ाना मुश्किल हो जाता है। अगर आप भी जमकर होली खेलते हैं, तो पहले से ही जान लें कि त्वचा और बालों से जिद्दी होली का रंग कैसे साफ करें, ताकि त्योहार के बाद स्किन की कोई समस्या न हो।

निष्कर्ष

फाल्गुन के महीने में गाए जाने वाले ये 3 पारंपरिक देहाती फाग गीत हमारी संस्कृति की असली पहचान हैं। इन्हें गाकर आप अपनी होली की महफिल को और भी खास बना सकते हैं। नए गानों के साथ-साथ इन पुराने लोकगीतों को भी याद रखना हमारी जिम्मेदारी है।

इसके अलावा, जो लोग आपसे दूर हैं और आपके साथ फाग नहीं गा सकते, उन्हें डिजिटल तरीके से शुभकामनाएं देना न भूलें। आप अपनों को भेजने के लिए होली के खूबसूरत मोबाइल वॉलपेपर और स्टेटस आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं और त्योहार की खुशियां बांट सकते हैं।

नोट: ऊपर दिए गए फाग गीत पारंपरिक लोकगीत हैं और इन्हें इंटरनेट के विभिन्न स्रोतों से कलेक्ट किया गया है।

विज्ञापन

Festivals के फ्री टूल

सभी देखें →

🆕 मिलती-जुलती पोस्ट

महिला होली फाग गीत लिरिक्स: ढोलक की ताल पर पारंपरिक और नए फाग गीतों का संपूर्ण संग्रह महिला होली फाग गीत लिरिक्स: ढोलक की ताल पर पारंपरिक और नए फाग गीतों का संपूर्ण संग्रह Festivals ब्रज की होली: राधा-कृष्ण के फाग गीत और भजन लिरिक्स (Braj Ki Holi) – प्रेम और भक्ति के रंग ब्रज की होली: राधा-कृष्ण के फाग गीत और भजन लिरिक्स (Braj Ki Holi) – प्रेम और भक्ति के रंग Faith टॉप 3 गणेश जी के भजन लिरिक्स हिंदी में: भक्ति और शांति का अनुभव करें | Ganesh Ji Bhajan Lyrics Hindi टॉप 3 गणेश जी के भजन लिरिक्स हिंदी में: भक्ति और शांति का अनुभव करें | Ganesh Ji Bhajan Lyrics Hindi Faith होली में क्या करना चाहिए: सुरक्षित, पारंपरिक और आनंदमय होली मनाने का संपूर्ण मार्गदर्शक होली में क्या करना चाहिए: सुरक्षित, पारंपरिक और आनंदमय होली मनाने का संपूर्ण मार्गदर्शक Festivals
विज्ञापन
सुपरहिट देशभक्ति गीत लिस्ट इन हिंदी लिरिक्स | Deshbhakti Geet list lyrics in Hindi सुपरहिट देशभक्ति गीत लिस्ट इन हिंदी लिरिक्स | Deshbhakti Geet list lyrics in Hindi Learn झिझिया गीत क्या है? मिथिला का नृत्य, नवरात्रि परंपरा और गीत का भाव झिझिया गीत क्या है? मिथिला का नृत्य, नवरात्रि परंपरा और गीत का भाव Festivals होली में रंग कैसे डाला जाता है: सही तरीका, सुरक्षा और परंपराओं का संगम | Vhoriginal.com होली में रंग कैसे डाला जाता है: सही तरीका, सुरक्षा और परंपराओं का संगम | Vhoriginal.com Festivals होली के पक्के रंग कैसे छुड़ाएं: त्वचा, बाल और नाखूनों से रंग हटाने के 10+ सुरक्षित और प्रभावी उपाय होली के पक्के रंग कैसे छुड़ाएं: त्वचा, बाल और नाखूनों से रंग हटाने के 10+ सुरक्षित और प्रभावी उपाय Festivals
विज्ञापन
Vivek Hardaha Written by: Writer, YouTuber and tool builder · Madhya Pradesh

Vivek has been online since 2012 and has worked since 2014 across YouTube, blogs and news platforms. He holds an M.Sc. in Computer Science and an M.A. in Sociology. On Vista Hub he writes practical, plain-language guides on tech, money, health, farming and festivals.

Vista Hub अब WhatsApp पर नई पोस्ट और फ्री टूल्स की अपडेट सीधे WhatsApp पर पाएं। Join करें →

🆕 नई पोस्ट

सब देखें →