14 अगस्त 1945। जापान के समर्पण की खबर न्यूयॉर्क पहुँची। टाइम्स स्क्वायर भर गया। Alfred Eisenstaedt लाइफ मैगज़ीन के लिए घूम रहे थे। एक नाविक ने सफ़ेद यूनिफॉर्म में एक औरत को झुकाया और चूमा। आइजनस्टैड्ट ने चार फ्रेम काटे। एक पन्ना लाइफ में गया। दुनिया ने नाम रख दिया: V-J Day Kiss।
हम वह झुका हुआ चुंबन यहाँ नहीं छापते। फ्रेम कॉपीराइट में है, और कहानी अब सिर्फ जश्न की नहीं रही। भीड़, कैमरा, और वह सड़क काफी हैं याद रखने को कि तस्वीर कहाँ से आई।
वीजे डे किस 1945 कहाँ बनी
जगह: टाइम्स स्क्वायर, सातवीं एवेन्यू और 44वीं स्ट्रीट के आसपास। समय: दोपहर बाद, कुछ छाया अध्ययन 5:51 pm के करीब रखते हैं। अमेरिका में उस दिन को V-J Day कहा गया। आधिकारिक समर्पण 2 सितंबर को जहाज़ पर हुआ।
उसी सेकंड पास में नेवी फोटोग्राफर Victor Jorgensen खड़े थे। उनका कोण थोड़ा करीब, बैकग्राउंड कम। वह फ्रेम अमेरिकी नौसेना का काम है, पब्लिक फ़ाइल में है। जो कवर बना, वह आइजनस्टैड्ट का लाइफ वाला था। दोनों ने नाम नहीं लिखे।
सालों दावे चले। सबसे मानी गई जोड़ी: नाविक George Mendonsa, क्वार्टरमास्टर, छुट्टी पर; औरत Greta Zimmer Friedman, क्वींस की डेंटल असिस्टेंट — नर्स नहीं, सिर्फ वैसी यूनिफॉर्म। 2012 की किताब The Kissing Sailor ने चेहरा, ऊँचाई, छाया जोड़े। लाइफ ने आधिकारिक मुहर नहीं लगाई। मेंदोंसा 2019 में गए।

लाइफ के अल्फ्रेड आइजनस्टैड्ट ने नाम नहीं पूछे। पहचाने सालों बाद आए।
जश्न और सहमति
मेंदोंसा उस दोपहर गर्लफ्रेंड Rita Petry के साथ थिएटर में थे। मैनेजर ने युद्ध खत्म बताया। बाहर भागे। मेंदोंसा ने बाद में कहा — बंकर हिल पर नर्सें घायलों को खींचती दिखी थीं, सफ़ेद कपड़ा देखकर हाथ बढ़ गया। रीटा भीड़ में रहीं, बाद में उनकी पत्नी बनीं।
फ्रीडमैन ने साफ कहा: वह अजनबी थीं, चुंबन माँगा नहीं गया था, कमर झुकी, साँस रुकी। जश्न का प्रतीक बनने के बाद भी वाक्य यही रहा — पकड़ थी, प्रेम दृश्य नहीं। बाद के वर्षों में कुछ संस्थानों ने पोस्टर इसलिए उतारे। दोनों बातें साथ हैं: शहर खुश था, और एक औरत को बिना पूछे झुकाया गया।

औरत डेंटल असिस्टेंट थी, नर्स नहीं। सिपाही की गर्लफ्रेंड भीड़ में खड़ी थी।
आज सर्च क्या माँगती है
कोई लिखता है V-J Day Kiss। कोई Times Square 1945। कोई Eisenstaedt, Mendonsa, Friedman। सब एक चौराहा खोलते हैं। हम चौराहा देते हैं, झुका शरीर नहीं।
तस्वीर इसलिए टिकी कि युद्ध का अंत एक गली में दिख गया। कीमत यह हुई कि दो अजनबी हमेशा के लिए जोड़े रह गए — एक के हाथ से, एक के कैमरे से, दोनों की सहमति के बिना नाम तक उस शाम दर्ज नहीं हुए।