30 दिसंबर 1941। ओटावा के सेंटर ब्लॉक में ब्रिटिश प्रधानमंत्री Winston Churchill ने कनाडा की संसद को संबोधित किया। वाक्य याद रह गया: some chicken, some neck। पर्ल हार्बर को तीन हफ्ते हुए थे। अमेरिका अब युद्ध में था। भाषण के बाद Mackenzie King उन्हें स्पीकर चैंबर ले गए। वहाँ रोशनी और कैमरा पहले से पड़े थे। फोटोग्राफर Yousuf Karsh थे। सेशन दो मिनट का तय था।
चर्चिल ने नया सिगार जलाया। कार्श ने ऐशट्रे बढ़ाई। नहीं छोड़ी। फिर कार्श ने कहा — क्षमा कीजिए सर — और मुँह से सिगार निकाल लिया। कैमरे तक लौटे तो चेहरा गुस्से से भरा था। उसी सेकंड में शटर पड़ा। तस्वीर का नाम बाद में पड़ा The Roaring Lion। हम वह गुस्सैल पोर्ट्रेट यहाँ नहीं छापते। कॉपीराइट कार्श एस्टेट का है। कहानी उसी कमरे और उसी सिगार की है।
चर्चिल 1941 फोटो कैसे बनी
जगह: स्पीकर चैंबर, कनाडा हाउस ऑफ कॉमन्स, पार्लियामेंट हिल, ओटावा। कैमरा: Calumet 8×10 व्यू कैमरा। चर्चिल 67 साल के थे। बाएँ जेब से भाषण का पन्ना झाँकता है — कई प्रिंट में दिखता है। कार्श अर्मेनियाई-कनाडियन थे, Sparks Street पर स्टूडियो। किंग ने बुलाया था। चर्चिल को पहले बताया नहीं गया। उन्होंने पूछा: मुझे क्यों नहीं बताया?
सिगार धुआँ देता। कार्श चाहते थे साफ चेहरा। छीनने का फैसला पहले से लिखा नहीं था, बाद की बातों में “बिना सोचे” आता है। चर्चिल ने कहा: तुम दहाड़ते शेर को भी खड़ा कर फोटो ले सकते हो। नाम वहीं से चला।
फ्रेम 10 जनवरी 1942 के Saturday Night कवर पर गया, फिर दुनिया में। कार्श की ज़िंदगी बदल गई। चर्चिल का युद्ध वाला चेहरा इसी गुस्से से चिपक गया — हालाँकि गुस्सा दुश्मन पर नहीं, सिगार पर था।

कार्श ने सिगार छीन लिया। लौटे तो चेहरा शेर जैसा था।
ओटावा वाली शाम
चर्चिल पहले वाशिंगटन गए, रूज़वेल्ट से मिले, फिर ट्रेन से ओटावा। कनाडा थका हुआ था, भीड़ गरम। भाषण CBC पर लाइव गया। कमरा पहले रात कार्श ने नापा था — लाइट, बैकग्राउंड, दो मिनट का हिसाब। नेता घुसे, ठहाके लगे, सिगार जला, शटर एक बार का काम बन गया।
2022 में चातो लॉरीयर होटल की दीवार से एक ओरिजिनल प्रिंट गायब हुआ। जगह पर नकली टँग गया। सालों बाद इटली में मिला। तस्वीर इतनी चली कि चोर भी उसे पहचानते हैं।

पर्ल हार्बर के तीन हफ्ते बाद चर्चिल वाशिंगटन से ओटावा आए।
लोग क्या सर्च करते हैं
कोई लिखता है Churchill 1941। कोई Yousuf Karsh। कोई Roaring Lion। तीनों एक सिगार खोलते हैं जो फ्रेम में नहीं है। हम पार्लियामेंट और कैमरा देते हैं, वह चेहरा नहीं। गुस्सा नकली नहीं था। कारण छोटा था। प्रतीक बड़ा हो गया।