Solar storm की बात आजकल ट्रेंड में है। NOAA के Space Weather Prediction Center ने 10 से 12 अक्टूबर 2026 के लिए G1 से G2 तक के geomagnetic storm की संभावना बताई है। इसका मतलब सूरज से निकली चीजें पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को प्रभावित कर सकती हैं।
आम भाषा में समझें तो ये वो स्थिति है जब सूरज से निकला charged particles का बादल पृथ्वी तक पहुंचता है और magnetic field में हलचल होती है। ज्यादातर समय इसका असर हल्का रहता है, लेकिन कभी-कभी ऑरोरा दिखने लगता है और कुछ सिस्टम पर असर पड़ सकता है।
Solar storm क्या होता है?
सूरज लगातार activity करता रहता है। कभी-कभी उस पर flare होता है और coronal mass ejection (CME) निकलती है। ये CME सूरज से निकला plasma और magnetic field का बादल होता है। जब ये पृथ्वी की तरफ आता है तो geomagnetic storm हो सकता है।
NOAA इसे G-scale पर मापता है। G1 minor है, G2 moderate। अभी जो forecast है वो G1-G2 level का है। ये कोई बहुत खतरनाक स्तर नहीं माना जाता, लेकिन नजर रखने लायक जरूर है।

अभी क्या forecast है?
NOAA SWPC के 3-day forecast के अनुसार 10 अक्टूबर को देर रात और 11 अक्टूबर को G1 की संभावना है। 12 अक्टूबर को G1-G2 तक जा सकता है। इसका कारण 7 और 8 अक्टूबर को सूरज से निकली CME हैं। इनमें से एक तेज है और दोनों मिलकर असर कर सकती हैं।
Kp index 5 से 6 के आसपास पहुंचने की उम्मीद है। Kp 5 का मतलब G1 और Kp 6 का मतलब G2। High latitude वाले इलाकों में ऑरोरा दिख सकता है।
क्या असर पड़ सकता है?
G1-G2 level पर ज्यादातर असर हल्का रहता है:
- High latitude पर ऑरोरा (northern lights / southern lights) दिख सकता है।
- कुछ satellite के orientation में सुधार की जरूरत पड़ सकती है।
- High frequency radio communication पर थोड़ा असर हो सकता है।
- Power grid में voltage alarm आ सकते हैं, खासकर high latitude पर।
भारत जैसे equatorial और mid-latitude देशों पर सीधा बड़ा असर नहीं पड़ता। यहां ऑरोरा नहीं दिखता और power या radio पर कोई गंभीर समस्या सामान्यतः नहीं आती।
भारत पर क्या असर?
भारत के लिए ये solar storm कोई अलार्म वाली बात नहीं है। हमारे यहां geomagnetic latitude ऐसी है कि G1-G2 storm का असर बहुत कम रहता है। मोबाइल, इंटरनेट या बिजली पर कोई बड़ा खतरा नहीं है।
जो लोग उत्तरी देशों में हैं या वहां यात्रा कर रहे हैं, उन्हें ऑरोरा देखने का मौका मिल सकता है। बाकी लोगों के लिए ये सिर्फ दिलचस्प space weather अपडेट है।
एडवाइस:
घबराने की जरूरत नहीं है। NOAA के अपडेट्स देख सकते हो अगर इंटरेस्ट हो। भारत में रहने वाले लोगों पर कोई सीधा असर नहीं पड़ने वाला। अगर आप high latitude वाले देश में हैं तो ऑरोरा देखने का मौका हो सकता है, लेकिन सिस्टम पर कोई गंभीर समस्या की उम्मीद नहीं है। आधिकारिक सोर्स से ही जानकारी लें।
FAQ
Solar storm today कितना मजबूत है?
G1 से G2 level की संभावना है, जो minor से moderate माना जाता है।
ऑरोरा कहां दिखेगा?
मुख्य रूप से high latitude वाले इलाकों में, जैसे उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी हिस्से।
भारत पर असर पड़ेगा?
नहीं। सीधा बड़ा असर नहीं पड़ने वाला।
मोबाइल या इंटरनेट बंद होगा?
नहीं। G1-G2 level पर ऐसा नहीं होता।
कब तक रहेगा?
10 से 12 अक्टूबर 2026 के आसपास मुख्य गतिविधि की संभावना है।
सोर्स: NOAA Space Weather Prediction Center, SpaceWeatherLive।
Space weather वैज्ञानिक लगातार सूरज पर नजर रखते हैं। CME का exact arrival time थोड़ा बदल सकता है क्योंकि सूरज से पृथ्वी तक का रास्ता खाली नहीं होता। इसलिए forecast update होते रहते हैं।
अगर आप ऑरोरा देखना चाहते हैं और high latitude पर हैं, तो साफ आसमान और कम light pollution वाली जगह चुनें। G2 level पर ऑरोरा सामान्य से थोड़ा ज्यादा दक्षिण तक पहुंच सकता है।
याद रखें कि solar storm और earthquake जैसी घटनाएं अलग हैं। ये सूरज की activity से जुड़ी है और ज्यादातर समय नियंत्रित असर छोड़ती है। आधिकारिक एजेंसियां जैसे NOAA इसे मॉनिटर करती रहती हैं।