नई पोस्ट की जानकारी WhatsApp पर पाएं:Join करें

मनुष्य जीवन के ‘4 कड़वे सच’ | kadve sach

मनुष्य जीवन के ‘4 कड़वे सच’ | kadve sach

🎧
सुनिए — पूरी खबर सिर्फ 1 मिनट में

मनुष्य जीवन के ‘4 कड़वे सच’

आज हम बात करेंगे हमारे जीवन के चार कड़वे सच के बारे में, ये हमारे जीवन में कई बार आते हैं और यदि समय पर इन्हें हम समझकर सही निर्णय ले लेते हैं, तो हमारे आगे का जीवन सफल हो जाता है:-

मनुष्य जीवन के ‘4 कड़वे सच’

1. दिल में “बुराई” रखने से बेहतर है, कि “नाराजगी” जाहिर कर दो- बुराई रखना हर इंसान की आदत होती है, लेकिन दोस्तों हम बुराई रखकर अपना बोझ बढ़ाते हैं, और इसी को बढ़ा-बढ़ा कर हम इतना ज्यादा कर लेते हैं, कि उसी बोझ के तले एक दिन हमें ही मरना पड़ता है, इसलिए दोस्तों यदि आपको किसी से प्रॉब्लम है तो तुरंत ही उसे बोल दें बुराई रखने से कोई फायदा नहीं।

विज्ञापन

2. जहाँ दूसरों को “समझाना” कठिन हो, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर है- वो कहते है ना ‘भैंस के आगे बीन बजाने से कोई फायदा नहीं’ जब आप किसी को समझाने की कोशिश कर रहे हैं, और वह समझने को तैयार ना हो, तो सबसे अच्छा है खुद को समझा लेना।


3. “उम्मीद” अपने आप से रखो, किसी और से नहीं- हमें बहुत सी उम्मीदें होती हैं दूसरों से, पर जब समय में वे लोग हमारी उम्मीदों को तोड़ते हैं तो दिल बहुत दुखता है, इसलिए दोस्तों हमेशा उम्मीद अपने आप से रखनी चाहिए, हिम्मत अपने आपको रखनी चाहिए, दूसरों से की गई उम्मीद और दूसरों से ली गई उधारी की हिम्मत, कभी समय पर काम नहीं देते।

4.”ज्ञान” का “घमंड” लेकिन घमंड का ज्ञान नहीं- आजकल लोगों को अपने ज्ञान, अपने पैसे, अपनी पढ़ाई, अपनी डिग्री, अपनी खूबसूरती और अपनी नौकरी पर बहुत घमंड है, लेकिन दोस्तों उन्हें इस घमंड का ‘ज्ञान’ नहीं कि जिस घमंड को उन्होंने अपने सिर पर बैठा रखा है, वहीं उनकी इज्जत को कम भी कर रहा है 

दोस्तों पोस्ट पसंद आए तो, कमेंट में मुझे जरूर बताइएगा।


अध्यात्म और आस्था के फ्री टूल

सभी देखें →

🗓️ आज का इतिहास — 14 अक्टूबर

  • 2012। भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति और परोपकारी व्यक्ति, जमनालाल बजाज की जयंती पर उनके योगदान को याद किया जाता है।
  • 1987। भारत के प्रसिद्ध 'मेट्रो मैन' ई. श्रीधरन का जन्म: इन्होंने दिल्ली मेट्रो और कोंकण रेलवे जैसी परियोजनाओं को सफल बनाया।
  • 1964। मार्टिन लूथर किंग जूनियर को उनके अहिंसक संघर्ष के लिए नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की गई।
पूरी जानकारी ›
Vivek Hardaha लेखक:

Vivek Hardaha, Madhya Pradesh. M.Sc. (Computer Science) and M.A. (Sociology). Writing since 2014 on science, logic and society in simple words.

Vista Hub अब WhatsApp पर नई पोस्ट और फ्री टूल्स की अपडेट सीधे WhatsApp पर पाएं। Join करें →

🆕 मिलती-जुलती पोस्ट

Navratri Mantra Jaap for 9 Days: नौ दिनों के मंत्र और जाप विधि Navratri Mantra Jaap for 9 Days: नौ दिनों के मंत्र और जाप विधि अध्यात्म और आस्था पूजा में आँसू, जम्हाई या शरीर काँपना: क्या यह माता का संकेत है? पूजा में आँसू, जम्हाई या शरीर काँपना: क्या यह माता का संकेत है? अध्यात्म और आस्था नवरात्रि में मंत्र गलत पढ़ जाए या दुर्गा पाठ अधूरा रह जाए तो क्या करें? नवरात्रि में मंत्र गलत पढ़ जाए या दुर्गा पाठ अधूरा रह जाए तो क्या करें? अध्यात्म और आस्था नवरात्रि में चौराहे पर नींबू, सिंदूर और टोटका दिखे तो क्या करें? नवरात्रि में चौराहे पर नींबू, सिंदूर और टोटका दिखे तो क्या करें? अध्यात्म और आस्था
विज्ञापन
नवरात्रि में नींबू, नारियल और बकरे की बलि क्यों देते हैं? नवरात्रि में नींबू, नारियल और बकरे की बलि क्यों देते हैं? अध्यात्म और आस्था नवरात्रि में तंत्र-मंत्र और गुप्त साधना: सच, मान्यताएँ और सावधानियाँ नवरात्रि में तंत्र-मंत्र और गुप्त साधना: सच, मान्यताएँ और सावधानियाँ अध्यात्म और आस्था