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नौकरी करें या बिजनेस | Work or business

नौकरी करें या बिजनेस | Work or business

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नौकरी करें या बिजनेस | Work or business

       अपनी पढ़ाई पूरी कर लेने की बाद आज के युवा वर्ग के सामने यही प्रश्न आता है की वे नौकरी करें या कोई बिजनेस। नौकरी आसानी से मिलती नहीं और एकदम से बड़ा बिजनेस का जोखिम कोई लेना नहीं चाहता। दोस्तों नौकरी करें या बिजनेस इस प्रश्न का हल हम आगे निकालेंगे पहले ये देखें की नौकरी और बिजनेस दोनों में अंतर क्या है।

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नौकरी करें या बिजनेस

नौकरी

किसी के अधीन रह कर कोई काम करना और उस काम के बदले वेतन पाना नौकरी कहलाता है। नौकरी कई प्रकार की हो सकती है जैसे सरकारी नौकरी, प्राइवेट नौकरी, वर्कर आदि।

बिजनेस

हमारा अपने द्वारा शुरू किया गया कोई काम जिससे हमें मुनाफा हो बिजनेस कहलाता है बिजनेस कई तरह का हो सकता है। एक छोटी दुकान से लेकर बड़े कारखाने तक सभी बिजनेस के अंतर्गत आते हैं।

नौकरी करें या बिजनेस

नौकरी और बिजनेस में अंतर-

  • किसी भी बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको अच्छी खासी रकम की जरूरत पड़ती है, लेकिन नौकरी में ऐसा नहीं है नौकरी में आप बिना कोई रकम लगाए नौकरी स्टार्ट कर सकते हैं।
  • बिजनेस में आप जब चाहे तब तक काम कर सकते हैं लेकिन नौकरी में आपको एक समय अवधि या 60 साल के बाद रिटायरमेंट लेनी पड़ेगी।
  • आपका बिजनेस आपका खुद का बिजनेस होता है लेकिन नौकरी में ऐसा नहीं है।
  • बिजनेस में आपको रिस्क लेना पड़ता है लेकिन नौकरी में आपको किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लेना पड़ता।
  • आप अपना बिजनेस अपने बच्चों को दे सकते हैं लेकिन नौकरी अपने बच्चों को नहीं दे सकते।
  • बिजनेस में आपकी पहचान पहुंच बहुत आगे तक बढ़ जाती है लेकिन नौकरी में आप अपनी पहचान एक सीमित दायरे तक ही बढ़ा सकते हैं
  • बिजनेस में आपको कभी भी घाटा हो सकता है और आप रोड पर आ सकते हैं लेकिन नौकरी में ऐसा नहीं है नौकरी में एक सीमित वेतन आपको मिलता रहेगा।
  • बिजनेस में पेंशन की कोई सुविधा नहीं लेकिन यदि आप सरकारी नौकरी में है तो आपको पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
  • बिजनेस में आप 24 घंटे लगातार काम कर सकते हैं लेकिन नौकरी में आपको एक सीमित समय तक ही काम करना होता है।

नौकरी करें या बिजनेस?

          दोनों को समझ लेने के बाद अब हमारे सामने प्रश्न यह उठता है कि हमें नौकरी और बिजनेस में से क्या करना चाहिए तो चलिए आगे समझते हैं कुछ उदाहरण जिससे हमें समझ आएगा कि हमें नौकरी और बिजनेस में से क्या करना चाहिए।

नौकरी करें या बिजनेस

          मान लीजिए आप सरकारी नौकरी में है उस नौकरी को पाने के लिए आपने जी तोड़ मेहनत की है चौबीसों घंटे पढ़ाई की है इसके बाद जाकर आपको एक अच्छी सरकारी नौकरी मिल पाई है लेकिन क्या आप अपनी नौकरी को अपने बच्चों को दे सकते हैं? नहीं आपके बच्चों को भी आपकी तरह ही जी तोड़ मेहनत करनी होगी 24 घंटे पढ़ाई करनी होगी तब जाकर वे आपकी तरह नौकरी पा सकेंगे। 

नौकरी करें या बिजनेस

        अब मान लीजिए कि नौकरी की जगह यदि आप कोई बिजनेस कर रहे हैं और बिजनेस में जी तोड़ मेहनत करके आपने अपने बिजनेस को बड़ा बना लिया है तो आगे आने वाले समय में आपके बच्चों को सिर्फ आपके बिजनेस को संभालना होगा ना कि फिर से शुरुआत करनी होगी। मैं यह नहीं कहता कि नौकरी बेकार है लेकिन…आगे आप खुद समझदार हैं।



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🗓️ आज का इतिहास — 14 अक्टूबर

  • 2012। भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति और परोपकारी व्यक्ति, जमनालाल बजाज की जयंती पर उनके योगदान को याद किया जाता है।
  • 1987। भारत के प्रसिद्ध 'मेट्रो मैन' ई. श्रीधरन का जन्म: इन्होंने दिल्ली मेट्रो और कोंकण रेलवे जैसी परियोजनाओं को सफल बनाया।
  • 1964। मार्टिन लूथर किंग जूनियर को उनके अहिंसक संघर्ष के लिए नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की गई।
पूरी जानकारी ›
Vivek Hardaha लेखक:

Vivek Hardaha, Madhya Pradesh. M.Sc. (Computer Science) and M.A. (Sociology). Writing since 2014 on science, logic and society in simple words.

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